​सर्दियों में कई बार सुना होगा कोल्ड डे, जानें क्या होता है इसका मतलब?​

​उत्तर भारत में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। खासतौर पर मैदानी इलाकों में प्रदूषण और कोहरे के मेलजोल से बने स्मॉग के चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई-कई दिनों तक सूर्य के दर्शन नहीं हो रहे हैं। ऐसे में लगातार कोल्ड डे की खबरें आपने पढ़ी और सुनी होंगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कोल्ड डे किसे कहते हैं। कितने डिग्री तापमान को कोल्ड में कंसीडर किया जाता है।​

Authored by: दिगपाल सिंहUpdated Dec 31 2025, 14:26 IST
​कोल्ड डे की परिभाषा​01 / 09

​कोल्ड डे की परिभाषा​

​जब दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम हो जाता है, तो ऐसी स्थिति को कोल्ड डे कहा जाता है।​

​तापमान का मानक​02 / 09

​तापमान का मानक​

मैदानी इलाकों में यदि अधिकतम तापमान 16°C या उससे कम हो जाए, तो कोल्ड डे घोषित किया जाता है।

​शीत लहर से अलग​03 / 09

​शीत लहर से अलग​

​कोल्ड डे रात के न्यूनतम तापमान पर नहीं, बल्कि दिन के अधिकतम तापमान पर आधारित होता है।​

​कोहरे की भूमिका​04 / 09

​कोहरे की भूमिका​

​दिल्ली-एनसीआर जैसे शहरों में घना कोहरा और बादल सूरज की रोशनी को रोकते हैं, जिससे दिन में ठंड बनी रहती है।​

धूप की कमी​05 / 09

धूप की कमी​

​धूप न निकलने या बहुत कम निकलने से तापमान बढ़ नहीं पाता और पूरे दिन तापमान बहुत कम बना रहता है।​

​उत्तर भारत में प्रभाव​06 / 09

​उत्तर भारत में प्रभाव​

​कोल्ड डे की स्थिति सर्दियों के दिनों में खासकर उत्तर भारत में ज्यादा देखने को मिलती है।​

​दैनिक जीवन पर असर​07 / 09

​दैनिक जीवन पर असर​

​कोल्ड डे की स्थिति में बहुत ज्यादा ठंड के कारण लोगों को दिन में भी ऊनी गर्म कपड़े पहनने पड़ते हैं। गर्म कपड़े पहनने के साथ ही गर्म पेय लेना और बाहर निकलते समय सावधानी बरतना जरूरी है।​

​स्वास्थ्य संबंधी खतरे​08 / 09

​स्वास्थ्य संबंधी खतरे​

​कोल्ड डे में बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को सर्दी से ज्यादा परेशानी हो सकती है।​

​ट्रैफिक पर असर​09 / 09

​ट्रैफिक पर असर​

कोहरे और ठंड की वजह से सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित होते हैं और लोगों को यात्राएं कैंसिल करनी पड़ती हैं।

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