जब दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम हो जाता है, तो ऐसी स्थिति को कोल्ड डे कहा जाता है।
मैदानी इलाकों में यदि अधिकतम तापमान 16°C या उससे कम हो जाए, तो कोल्ड डे घोषित किया जाता है।
कोल्ड डे रात के न्यूनतम तापमान पर नहीं, बल्कि दिन के अधिकतम तापमान पर आधारित होता है।
दिल्ली-एनसीआर जैसे शहरों में घना कोहरा और बादल सूरज की रोशनी को रोकते हैं, जिससे दिन में ठंड बनी रहती है।
धूप न निकलने या बहुत कम निकलने से तापमान बढ़ नहीं पाता और पूरे दिन तापमान बहुत कम बना रहता है।
कोल्ड डे की स्थिति सर्दियों के दिनों में खासकर उत्तर भारत में ज्यादा देखने को मिलती है।
कोल्ड डे की स्थिति में बहुत ज्यादा ठंड के कारण लोगों को दिन में भी ऊनी गर्म कपड़े पहनने पड़ते हैं। गर्म कपड़े पहनने के साथ ही गर्म पेय लेना और बाहर निकलते समय सावधानी बरतना जरूरी है।
कोल्ड डे में बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को सर्दी से ज्यादा परेशानी हो सकती है।
कोहरे और ठंड की वजह से सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित होते हैं और लोगों को यात्राएं कैंसिल करनी पड़ती हैं।