दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) की नई स्वीकृत विस्तार योजना के तहत पूर्वी दिल्ली में कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इस योजना में शास्त्री पार्क से मयूर विहार फेज-3 तक प्रस्तावित नए मेट्रो कॉरिडोर को शामिल किया गया है। यह रूट ट्रांस-यमुना क्षेत्र के घनी आबादी वाले रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों के बीच यात्रा को आसान बनाने के लक्ष्य से तैयार किया गया है, जहां लोग फिलहाल सड़क परिवहन जिसमें RTV बसें भी शामिल हैं और कई मेट्रो इंटरचेंज पर निर्भर हैं। इस नए कॉरिडोर की घोषणा इसी महीने DMRC के 32वें स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान सीएम रेखा गुप्ता ने की थी। अधिकारियों के मुताबिक, अब इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा।
दिल्ली सरकार की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, पूर्वी दिल्ली के लिए प्रस्तावित यह मेट्रो कॉरिडोर लगभग 13.197 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें कुल आठ मेट्रो स्टेशन बनाए जाने की योजना है। इस रूट में अंडरग्राउंड और एलिवेटेड दोनों तरह के सेक्शन शामिल होंगे। करीब 8.99 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत रहेगा, जबकि लगभग 4.207 किलोमीटर ट्रैक एलिवेटेड बनाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह कॉरिडोर एक स्वतंत्र मेट्रो लाइन के रूप में काम करेगा और पूर्वी दिल्ली के कई अहम इलाकों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा। ऐसे में आइए जानें इससे किन-किन इलाकों को फायदा होगा।
बता दें कि मयूर विहार फेज-1 और मयूर विहार फेज-2 में इस समय मेट्रो सुविधा है। प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर से मयूर विहार फेज-3 से जुड़े कल्याणपुरी, खोड़ा, वसुंधरा एन्क्लेव और नोएडा सेक्टर 12 और सेक्टर 22 जैसे क्षेत्रों को बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे रोजाना यात्रियों की यात्रा आसान हो जाएगी।
न्यू कोंडली मेट्रो स्टेशन बनने से कोंडली, वसुंधरा एन्क्लेव और नोएडा सेक्टर 12-22 के लोगों की बस और ऑटो पर निर्भरता कम होगी और सीधे मेट्रो नेटवर्क से जुड़ाव मिलेगा।
त्रिलोकपुरी (पिंक लाइन) से मयूर विहार फेज-2, कल्याणवास, खिचड़ीपुर और ईस्ट विनोद नगर जैसे इलाकों की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
पटपड़गंज, वेस्ट विनोद नगर, मंडावली, चंद्र विहार, पांडव नगर और मदर डेयरी जैसे क्षेत्रों के यात्रियों को निर्माण विहार (ब्लू लाइन) से सीधा इंटरचेंज मिलेगा, जिससे यात्रा तेज और आसान होगी। बता दें कि, पटपड़गंज और मयूर विहार के आसपास पिछले कुछ वर्षों में तेजी से रिहायशी विस्तार हुआ है।
निर्माण विहार जो ब्लू लाइन पर है यहां से मधुबन, शकरपुर, लक्ष्मी नगर, अंगद नगर, प्रीत विहार और राजधानी एन्क्लेव के यात्रियों को आसानी से मेट्रो की सुविधा मिलती है। अधिकारियों के अनुसार, यह नया कॉरिडोर पूर्वी दिल्ली से केंद्रीय दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों की उन मौजूदा रूट्स पर निर्भरता भी कम कर सकता है, जहां राजीव चौक और यमुना बैंक जैसे स्टेशनों पर कई इंटरचेंज करने पड़ते हैं।
गीता कॉलोनी के पास लक्ष्मी नगर, लालिता पार्क, कृष्णा नगर जैसे क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से बेहतर जोड़ मिलेगा, जिससे व्यापार और आवागमन दोनों को लाभ होगा।
गांधी नगर मार्केट पर मेट्रो कनेक्टिविटी मिलने से कृष्णा नगर, झील और खुरेजी के इलाके में रहने वाले लोगों को फायदे मिलेगा। प्रस्तावित मेट्रो लाइन से पूर्वी दिल्ली के उन भीड़भाड़ वाले इलाकों के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जहां फिलहाल यात्री बसों, ऑटो और निजी वाहनों पर काफी निर्भर हैं। गांधी नगर और गीता कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में दफ्तरों और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण रोजाना भारी आवाजाही रहती है।
मेट्रो कॉरिडोर प्लान से कैलाश नगर के लोगों को भी लाभ मिलेगा। अभी फिलहाल यहां के लोगों को सीलमपुर मेट्रो स्टेशन और शास्त्री पार्क मेट्रो स्टेशन से ट्रेन पकड़नी पड़ती है। मेट्रो नेटवर्क को बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए इस कॉरिडोर पर तीन इंटरचेंज स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें शास्त्री पार्क स्टेशन को रेड लाइन, निर्माण विहार स्टेशन को ब्लू लाइन और त्रिलोकपुरी स्टेशन को पिंक लाइन से जोड़ने की योजना शामिल है। अधिकारियों का मानना है कि ये इंटरचेंज पॉइंट्स दिल्ली में ईस्ट-वेस्ट और नॉर्थ-साउथ कनेक्टिविटी को और मजबूत करेंगे। साथ ही, अलग-अलग मेट्रो कॉरिडोर के बीच सफर करने वाले रोजाना यात्रियों के लिए यात्रा अधिक सुविधाजनक और आसान हो जाएगी।
बता दें कि इससे सबसे बड़ा फायदा मयूर विहार फेज-3 के आस-पास के इलाकों को होगा जिनमें खोड़ा भी शामिल है। आज जहां इस इलाके में भारी भीड़ से लोगों का हाल बेहाल रहता है तो वहीं इस नए मेट्रो कॉरिडोर से बड़ी राहत पहुंचेगी। शास्त्री पार्क से मयूर विहार फेज-3 तक का प्रस्तावित कॉरिडोर दिल्ली मेट्रो के फेज-5 (बी) के तहत मंजूर किए गए सात नए मेट्रो रूट्स में शामिल है। इन सभी कॉरिडोरों के शुरू होने के बाद दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में करीब 97.158 किलोमीटर की अतिरिक्त लंबाई और 65 नए स्टेशन जुड़ेंगे। इस पूरी परियोजना पर लगभग 48,204.56 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
शास्त्री पार्क-मयूर विहार फेज-3 मेट्रो लाइन के अलावा फेज-5 (बी) विस्तार योजना के तहत छह अन्य नए कॉरिडोर भी शामिल किए गए हैं। इनमें धांसा बस स्टैंड-नांगलोई, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट-किशनगढ़, समयपुर बादली-नरेला, कीर्ति नगर-पालम, जोर बाग-मिथापुर और केशवपुरम-रोहिणी सेक्टर-34 रूट शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, सात में से चार कॉरिडोर को प्राथमिकता वाली परियोजनाओं के रूप में चिन्हित किया गया है और इन्हें वर्ष 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि शास्त्री पार्क-मयूर विहार फेज-3 कॉरिडोर को प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट्स में शामिल किया गया है या नहीं।