अगर आपके नाम पर पहले से कई मोबाइल नंबर चल रहे हैं और आप नया SIM लेने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। सरकार अब SIM कार्ड की तय सीमा को लेकर सख्ती बढ़ाने जा रही है। 24 अगस्त से टेलीकॉम कंपनियां ऐसे ग्राहकों को नया मोबाइल कनेक्शन नहीं देंगी, जिनके नाम पर पहले ही निर्धारित सीमा तक SIM कार्ड दर्ज हैं। सरकार ने इसके लिए टेलीकॉम कंपनियों को अपने सिस्टम में जरूरी तकनीकी और संगठनात्मक बदलाव करने के निर्देश दिए हैं।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि SIM कार्ड रखने की सीमा नई नहीं है। दूरसंचार विभाग ने करीब एक दशक पहले ही एक व्यक्ति के नाम पर मोबाइल कनेक्शन की अधिकतम संख्या तय कर दी थी। सामान्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन रखे जा सकते हैं। वहीं जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए यह सीमा 6 कनेक्शन है।
अब नियम का पालन होगा और सख्त
दूरसंचार विभाग ने 17 अगस्त को जारी सर्कुलर में टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया है कि नया SIM जारी करने से पहले ग्राहक के नाम पर पहले से मौजूद मोबाइल कनेक्शनों की जांच की जाए। अगर ग्राहक निर्धारित सीमा तक पहुंच चुका है, तो उसे साफ तौर पर बताया जाएगा कि उसके नाम पर अधिकतम संख्या में कनेक्शन पहले से मौजूद हैं। यानी अब अलग-अलग कंपनियों से SIM लेने के बावजूद ग्राहक तय सीमा को आसानी से पार नहीं कर पाएगा। किसी व्यक्ति के नाम पर अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों के नंबर हैं, तो वे सभी कनेक्शन कुल सीमा में गिने जाएंगे।
नया SIM लेते समय देनी होगी जानकारी
नया कनेक्शन लेते समय ग्राहक को अपने नाम पर पहले से चल रहे मोबाइल नंबरों की जानकारी भी देनी होगी। इसके लिए ग्राहक आवेदन फॉर्म में उन नंबरों का उल्लेख करना होगा, जो उसके नाम पर पहले से दर्ज हैं। खास बात यह है कि इसमें केवल उसी टेलीकॉम कंपनी के नंबर शामिल नहीं होंगे, जिससे ग्राहक नया SIM ले रहा है। दूसरे ऑपरेटर और दूसरे टेलीकॉम सर्किल में लिए गए मोबाइल नंबर भी इसमें शामिल होंगे।
सरकारी प्लेटफॉर्म से होगी जांच
इस पूरी व्यवस्था को लागू करने के लिए टेलीकॉम कंपनियां सरकार के Digital Intelligence Platform का इस्तेमाल करेंगी। इस प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों से जुड़े ग्राहक रिकॉर्ड उपलब्ध होंगे। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किसी व्यक्ति के नाम पर पहले से कितने मोबाइल कनेक्शन एक्टिव हैं। सरकार के मुताबिक, 23 अगस्त से इस प्लेटफॉर्म पर उन ग्राहकों की प्रतिनिधि तस्वीर भी दिखाई जाएगी, जो अपने लिए निर्धारित SIM सीमा तक पहुंच चुके हैं। टेलीकॉम कंपनियां नया कनेक्शन जारी करते समय इस जानकारी का इस्तेमाल कर सकेंगी।
गलती से ज्यादा SIM जारी हुआ तो?
अगर तकनीकी या किसी अन्य वजह से निर्धारित सीमा से ज्यादा मोबाइल कनेक्शन एक्टिवेट हो जाता है, तो सरकार ने इसके लिए भी अंतरिम व्यवस्था तय की है। ऐसे अतिरिक्त कनेक्शन को तुरंत एक दिन के लिए सस्पेंड किया जा सकता है। यह कार्रवाई ग्राहक आवेदन फॉर्म में दिए गए नियमों और शर्तों के तहत होगी। टेलीकॉम कंपनियों को अपने सिस्टम को Digital Intelligence Platform के साथ पूरी तरह जोड़ने और प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने के लिए 30 नवंबर तक का समय दिया गया है।
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