उत्तर प्रदेश के पास 15 एक्सप्रेसवे और कई हाईटेक हाईवे हैं। कई एक्सप्रेसवे संचालित हैं और कईयों का निर्माण कार्य जारी है। जो साल 2025 में खुलेंगे या आगामी कुछ वर्षों में राज्य में यातायात को मजबूती देंगे। इसके अतिरिक्त 2025 में कई रिंग रोड, फ्लाईओवर, बाईपास और एक्सप्रेसवे की सौगात मिलने वाली है। इन परियोजनाओं का लाभ पश्चिम से लेकर पूर्वांचल, बुदेलखंड को आपस में कनेक्ट करने का काम करेंगे।
साल 2025 में 1.39 लाख करोड़ रुपये से प्रदेश में सड़कों का नया जाल बिछाने की तैयारी है, जिसमें पांच मंडलों अलीगढ़, देवीपाटन, झांसी, मिर्जापुर और सहारनपुर में आउटर रिंग रोड का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त इधर, औरैया, बुलंदशहर, मैनपुरी, बहराइच नेपाल बॉर्डर, बागपत से लेकर भदोही, संभल, कौशांबी और पूर्वांचल में चंदौली के साथ श्रावस्ती जैसे 10 जिलों में बाईपास बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। साथ ही कानपुर रिंग रोड (Kanpur Ring Road) को भी हरी झंडी मिल चुकी है। जल्द ही इनकी डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार के 2025 के प्लान में कई बड़ी परियोजनाएं भी हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ इन परियोजनाओं को लेकर बैठक हो चुकी है। इसमें बरेली में नेशनल हाईवे-530 बी (National Highway-530 B) के पैंचिंग सुधारीकरण, प्रतापगढ़ में एक बाईपास, कबरई-कानपुर कॉरिडोर को निर्मित करने को लेकर प्रयागराज-दोहरीघाट मार्ग को 2 से फोर लेन करने और बाराबंकी-जरवल-बहराइच मार्ग (NH 927) के निर्माण डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
यूपी के पश्चिम और पूर्वांचल के ओर-छोर को जोड़ने के लिए प्रस्तावित गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे (Gorakhpur-Shamli Expressway) के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। यूपी का 6 लेन का एक्सप्रेसवे प्रदेश के 22 जिलों और 37 तहसीलों को सीधे कनेक्ट करेगा। इस प्रोजेक्ट को बनाने में अनुमानित 35,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका निर्माण कार्य 2025 में शुरू हो सकता है। यह 3 से 4 साल में बनकर तैयार होगा।
अलीगढ़-मुरादाबाद-बिजनौर कॉरिडोर (Aligarh-Moradabad-Bijnor Corridor) की डीपीआर बिड और अयोध्या-प्रयागराज के बीच कनेक्टिविटी के लिए बिड इसी साल मिल चुकी है। उधर, पूर्वांचल में प्रयागराज-वाराणसी-आरा-पटना कॉरिडोर (Prayagraj-Varanasi-Patna Corridor) के लिए भी बिड का प्रस्ताव दिया गया है। गोरखपुर-किशनगंज-सिलीगुड़ी कॉरिडोर (Gorakhpur-Kishanganj-Siliguri Corridor) के साथ ही गाजीपुर-जमनिया-सैयदराजा कॉरिडोर बनाने की प्रक्रिया चल रही है।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPIEDA) ने बुंदेलखंड में एक और नया लिंक एक्सप्रेसवे विकसित करने की तैयारी शुरू कर चुका है। यह 115 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे जालौन से झांसी (Jalaun-Jhansi Link Expressway) तक बनाया जाएगा। इस लिंक एक्सप्रेसवे के बनने के बाद डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के चित्रकूट और झांसी नोड में स्थापित किए जाएंगे। इस लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे (Bundelkhand Expressway) पर वाहनों की आवाजाही बढ़ेगी।
साल 2025 यूपी के लिए काफी खास रहेगा। चूंकि, प्रदेश का सबसे लंबा निर्माणधीन गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) खुलने वाला है। इसके अलावा, आगरा-अलीगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (Agra-Aligarh Greenfield Expressway) का निर्माण मार्च 2025 से शुरू होगा। इसके अलावा आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे (Agra-Gwalior Expressway) 87 किलोमीटर भी 2025 में प्रस्तावित है। इसके बनने से यूपी-एमपी और राजस्थान आपस में कनेक्ट होंगे। इसके अलावा हरदोई-इटावा लिंक एक्सप्रेसवे भी प्रस्तावित है जो गंगा एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को आपस में कनेक्ट करेगा।