धड़धड़ाती नौबस्ता तक दौड़ी मेट्रो, 13 मिनट में पहुंचाएगी डायरेक्ट कानपुर सेंट्रल; बस के किराए में करें AC ट्रेन में सफर
Naubasta-Kanpur Central Metro Opening : कानपुर मेट्रो का सेंट्रल स्टेशन से नौबस्ता तक पहला ट्रायल टेस्ट रन किया गया। यूपीएमआरसी के मुताबिक, अप लाइन पर मेट्रो को न्यूनतम गति के साथ चलाकर बरीकियों को परखा गया। लगभग 4 घंटे तक चले इस अभियान को कर्मचारियों-अधिकारियों और शहर के लोगों ने देखा। इस रूट पर नियमित संचालन से कानपुर दक्षिण की करीब 10 लाख आबादी को सहूलियत होगी।
नौबस्ता-कानपुर सेंट्रल मेट्रो का ट्रायल
कानपुर दक्षिण के लोगों के खुशखबरी है। अब जल्द ही नौबस्ता से मेट्रो सेवा का लाभ मिलने वाला है। दरअसल, कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता मेट्रो कॉरिडोर के संपूर्ण कार्य पूरे होने के बाद मेट्रो चलाकर सभी सुरक्षा मानक मापे गए हैं। 4 फरवरी को करीब 4 घंटे तक अधिकारियों की देखरेख में अप लाइन पर मेट्रो ट्रेन को चलाकर चेक किया गया। यूपीएमआरसी अधिकारियों के मुताबिक, अगले 20 दिन बाद डाउन लाइन पर ट्रायल किया जाएगा। सभी सुरक्षा मानक पूरे होने के बाद अप्रैल के पहले सप्ताह से यात्रियों के लिए मेट्रो के दरवाजे खोल दिए जाएंगे, जिसके बाद नौबस्ता से सेंट्रल तक 40 मिनट का सफर महज 13 मिनट में कंपलीट होगा।
सेंट्रल रेलवे स्टेशन तक डायरेक्ट मेट्रो
कानपुर साउथ के लोगों को सेंट्रल रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए सड़क ट्रैफिक से राहत मिलने जा रही है। महानगर में जाम के झाम के बीच राहत देने के लिए बारादेवी-नौबस्ता मेट्रो कॉरिडोर (ऑरेंज लाइन) पर मेट्रो के संचालन के लिए ट्रायल रन शुरू हो गया है। यह एलिवेटेट ट्रैक कानपुर सेंट्रल और नौबस्ता के बीच विकसित कॉरिडोर का हिस्सा है।
कानपुर ऑरेंज लाइन की लंबाई
कानपुर ऑरेंज लाइन की कुल लंबाई 24 किलोमीटर के आसपास है, जिसमें कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक कॉरिडोर की लंबाई 8 किलोमीटर है। इसके कानपुर आईआईटी से कानपुर सेंट्रल के 16 किलोमीटर कॉरिडोर पर मेट्रो का संचालन जारी है। जानकारी के मुताबिक, कानपुर सेंट्रल एलिवेटेड ट्रैक पर पटरियां बिछने के साथ इलेक्ट्रिकसिटी का कार्य अक्टूबर तक कंपलीट कर लिया गया था। फिलहाल, सभी स्टेशनों के अंदर और बाहर सभी जरूरत की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
ऑरेंज लाइन से क्या सहूलियत होगी
बारादेवी-नौबस्ता मेट्रो कॉरिडोर के उद्धाटन के बाद रूट कानपुर सेंट्रल स्टेशन तक जुड़ जाएगा, जिसके आगे भूमिगत ट्रैक चुन्नीगंज, नवीन मार्केट, बड़ा चौराहा और नयागंज से होते हुए आगे आईआईटी की ओर जाया जा सकेगा। इससे लोगों को सड़क पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।
कानपुर मेट्रो ऑरेंज लाइन मेट्रो स्टेशन
कानपुर आईआईटी, कल्याणपुर, एसपीएम अस्पताल, सीएसजेएमयू विश्वविद्यालय, गुरुदेव चौराहा, गीतानगर, रावतपुर, एलएलआर अस्पताल (हैलट), मोतीझील, चुन्नीगंज, नवीन बाजार, बड़ा चौराहा, नयागंज, कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन, झकरकटी बस टर्मिनल, ट्रांसपोर्ट नगर, बारादेवी, किदवई नगर, वसंत विहार, बौद्ध नगर और आखिरी स्टेशन नौबस्ता है।
आईआईटी-कानपुर मेट्रो का सफर
जानकारी के लिए बताते चलें कि वर्तमान में करीब 24 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-1 में आईआईटी कानपुर (Kanpur IIT) से नौबस्ता के अंतर्गत मेट्रो की सेवाएं आईआईटी से कानपुर सेंट्रल के पहले 16 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर चल रही है। फिलहाल, आईआईटी से कानपुर तक आने में करीब 25 मिनट का समय लगता है। कयास लगाए जा रहे हैं कि आईआईटी से नौबस्ता तक आने में करीब को 35 से 40 मिनट तक समय लगेगा।
कानपुर मेट्रो ऑरेंज लाइन की लागत
कानपुर मेट्रो ऑरेंज लाइन (IIT से नौबस्ता) प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 11,076.48 करोड़ रुपये है। इसके करीब 24 किलोमीटर लंबे रूट पर 14 एलिवेटेड और 8 अंडरग्राउंड स्टेशन विकसित गए हैं। एलिविटेड कॉरिडोर शहर के बीच है और शुरुआत और दूसरे छोर पर स्टेशन एलिवेटेड बनाए गए हैं।
कानपुर मेट्रो का किराया
कानपुर ऑरेंज लाइन पर सुबह 6 बजे से 10 बजे तक मेट्रो संचालित है, जिसमें ट्रेनों का संचालन 10 मिनट के अंतराल पर किया दा रहा है। यह सप्ताह में सातों दिन चलती है। कानपुर मेट्रो का न्यूनतम किराया 10 रुपये निर्धारित है, जबकि अधिकतम 30 रुपये यात्रियों को चुकाना पड़ रहा है। कानपुर मेट्रो में संबंधित स्टेशनों और अन्य मेट्रो यात्रा संबंधी जानकारी हिंदी और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध कराई जा रही है। यहां आपको सभी स्टेशनों के बाहर फूड कोड, शॉपिंग स्टोर और एटीएम इत्यादि जरूरी चीजों की व्यवस्था की गई है।
नौबस्ता मेट्रो के फायदे
कानपुर सेंट्रल और नौबस्ता के बीच मेट्रो के चलने से करीब शहर के 15 लाख लोगों को सीधा फायदा होगा। खासकर, नौबस्ता, यशोदानगर, बर्रा, किदवईनगर, साकेतनगर, रमईपुर और घाटमपुर की ओर से आने वाले यात्रियों और छात्रों को कानपुर सेंट्रल, सीएसजेएमयू, आईआईटी, सीएसए, हैलट अस्पताल समेत कई मुख्य जगहों पर जाने के लिए बड़ी सहूलियत होगी। खास बात ये है कि ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिलेगा और लोग कम समय व किफायती किराये में अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
सिकंदर की मौत कैसे हुई थी, क्या थी उसकी अंतिम इच्छा?
Feb 18, 2026
इन 5 राशियों के लिए 'बैड डे' बन सकता है 19 फरवरी का दिन, रहें बेहद सतर्क
अभिषेक शर्मा ने लगाई डक की हैट्रिक, बने पहले भारतीय ओपनर
88 स्टॉपेज, एक-दो नहीं 9 राज्यों की सैर; भारत की 'अनोखी ट्रेन' जो एक ही समय पर 3 जगह से चलती है
लो बजट ट्रैवल प्लान कर रहे हैं, भारत की ये जगहें हैं सबसे किफायती, कम पैसों में घूमने की टॉप जगहें
दुनिया का पहला वैज्ञानिक कौन था, जानें किस कारनामे के लिए किया जाता है याद
इन 5 राशियों के लिए 'बैड डे' बन सकता है 19 फरवरी का दिन, रहें बेहद सतर्क
India Post GDS Vacancy 2026: इंडिया पोस्ट जीडीएस भर्ती पर आया नया अपडेट, 28636 पदों पर होनी है नियुक्ति
Viral Video: 'जाको राखे साइयां मार सके ना कोई..' बच्ची की जिंदगी बचाने के लिए फरिश्ता बनकर आया शख्स
Sultanpur Accident: सुल्तानपुर में मालगाड़ी से टकराया ट्रैक्टर, एक घंटे तक बाधित रहा रेलवे ट्रैक
अगर लाइफ में एक बार देख लीं संजू बाबा की ये 7 फिल्में, तो मन को मिल जाएगी शांति
© 2026 Bennett, Coleman & Company Limited