कर्नाटक के खूबसूरत शहर मैसूर में मौजूद मैसूर पैलेस एक शानदार रॉयल होम है। यह अपने शादनार आर्किटेक्चर और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। इसका इतिहास वोडेयार राजवंश से जुड़ा रहा है। दशहरा के अवसर पर इस पैसेस की खूबसूरती देखने लायक होती है।
गुलाबी शहर जयपुर में मौजूद हवा महल, इस शहर की पहचान है। इसे 1799 में महाराजा सवाई प्रताप सिंह ने बनवाया था। इस महल के बड़े-बड़े झरोखों से राजघराने की महिलाओं को बाहर की हवा के साथ ही वहां होने वाले कार्यक्रमों की झलक भी मिलती थी।
पुरानी दिल्ली में शान से खड़े लाल किला को 17वीं शताब्दी में मुगल बादशाह शाहजहां ने बनवाया था। लाल किला युनेस्को विश्व धरोहर है। इसे लाल बलुआ पत्थरों से बनाया गया है। देश प्रधानमंत्री लाल किला की प्राचीर से 15 अगस्त को देश को संबोधित करते हैं।
दिल्ली में मौजूद कुतुब मीनार 73 मीटर ऊंची ईंट की बनी मीनार है, जो युनेस्को की विश्व धरोहर साइट भी है। कुतुब मीनार को 12वीं सदी में बनाया गया था। दक्षिण दिल्ली में मौजूद कुतुब मीनार, कुतुब कॉम्प्लेक्स में है, जिसमें कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद और आयरन पिलर भी मौजूद है।
गेटवे ऑफ इंडिया आज मुंबई की पहचान है। साल 1924 में किंग जॉर्ज पंचम और क्वीन मैरीज के स्वागत में इस बिल्डिंग को अरब सागर के किनारे बनाया गया था। यहां से अरब सागर और पास में ही मौजूद ताज महल होटल का शानदार नजारा होता है।
इंडिया गेट भी देश की राजधानी दिल्ली में ही मौजूद है, जिसे पहले विश्व युद्ध में अंग्रेजों की ओर से लड़ने वाले शहीद सैनिकों की याद में बनाया गया था। सर एडविन लुटियन ने इसे डिजाइन किया था। इंडिया गेट के पास ही नेशनल वार मेमोरियल भी है और 26 जनवरी को यहीं से परेड निकलती है।
दिल्ली में मौजूद हुमाई का मकबरा 1522 में बनकर तैयार हुआ था और यह युनेस्को विश्व धरोहर है। यह मुगल आर्किटेक्चर का अनोखा नमूना है और बारतीय उपमहाद्वीप में पहला मकबरा है, जो पार्क के बीच में बना है। इसी से प्रेरणा लेकर ताजमहल बनाया गया था।
महाराष्ट्र में पहाड़ को काटकर बनाई गई अजंता की गुफाएं एक समय बौध मौनेस्ट्री हुआ करती थीं। इनका इतिहास ईसा पूर्व दूसरी सदी का माना जाता है। यह युनेस्को विश्व धरोहर हैं।