मणिपुर का ये नेशनल पार्क है प्रकृति का अजूबा, झील पर तैरता है पूरा इलाका

नेशनल पार्क आम तौर पर जंगलों का हिस्सा होते हैं। लेकिन मणिपुर में एक ऐसा नेशनल पार्क है जो किसी जंगल का हिस्सा न होकर झील का हिस्सा है। आइए जानते हैं इंफाल शहर से 40 किलोमीटर दूर बसे इस खास नेशनल पार्क के बारे में।

Slideshow/s by: दिगपाल सिंहUpdated Mar 24 2025, 17:09 IST
किबुल लामजाओ नेशनल पार्क01 / 06

किबुल लामजाओ नेशनल पार्क

मणिपुर के बिष्णुपुर का किबुल लामजाओ नेशनल पार्क ऐसा पार्क है, जो फ्लोटिंग आइलैंड के ऊपर बसा है। ये पार्क मणिपुर की राजधानी इंफाल से करीब 48 किलोमीटर दूर लोकटक झील का हिस्सा है। ऐसा इकलौता नेशनल पार्क होने के कारण ये पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है।

फुमदी पर तैरता है पूरा पार्क02 / 06

फुमदी पर तैरता है पूरा पार्क

पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील, लोकटक की खासियत है, फुमदी। फुमदी यहां की जमीन को कहते हैं, जो मिट्टी, कई तरह के कार्बनिक पदार्थों और पेड़-पौधों से बने तैरते हुए बायोमास हैं। पानी का लेवल बदलने पर फुमदी की जगह भी बदल जाती है। इस तैरती हुई फुमदी का इस्तेमाल स्थानीय लोग मछली पकड़ने और झोपड़ियां बनाने जैसे कई कामों के लिए करते हैं।

पार्क के जानवर03 / 06

पार्क के जानवर

किबुल लामजाओ नेशनल पार्क मणिपुर के नृत्य करने वाले खास हिरण 'संगाई' का अंतिम प्राकृतिक आवास है। यह माना जाता था कि संगाई हिरण देश में विलुप्त हो गए थे। हालांकि, बाद में इसे मणिपुर में फिर से खोजा गया। सांगई के अलावा यहां हॉग हिरण, ऊदबिलाव और कई तरह के वॉटरबर्ड्स भी मिलते हैं। साथ ही ये बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों का घर भी है।

संगाई का महत्व04 / 06

संगाई का महत्व

इस पार्क का खास जानवर संगाई, मणिपुर की लोककथाओं और परंपराओं के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है। संगाई हिरण, जिसे 1955 में विलुप्त मान लिया गया था, इस जगह फिर मिला। जिसके बाद संगाई के संरक्षण के लिए इस क्षेत्र को 1977 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित कर दिया गया। पार्क का कुछ हिस्सा आदिवासी समूहों के नियंत्रण में है।

आस पास के लोग05 / 06

आस पास के लोग

किबुल में तीन तरह के समुदाय रहते हैं। फुम, यानी फुमदी पर अस्थायी या स्थायी रूप से रहने वाले, द्वीपों पर रहने वाले और झील के किनारे रहने वाले समुदाय। किबुल लामजाओ और लोकटक झील के आसपास के गांवों में रहने वाले लोग मुख्य रूप से मैतेई हैं, जो मणिपुर का एक प्रमुख जातीय समूह है। ये झील को अपने जीवन का स्रोत मानते हैं।

किबुल की जलवायु06 / 06

किबुल की जलवायु

मौसम की बात करें तो किबुल को अच्छी बारिश और प्रदूषण मुक्त वातावरण की वजह से जाना जाता है। यहां का तापमान सर्दियों में न्यूनतम 1.7°C से लेकर गर्मियों में अधिकतम 34.4°C तक होता है। यहां जुलाई से अगस्त तक भारी बारिश होती है और फरवरी-मार्च के समय किबुल में सबसे शुष्क मौसम होता है।

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