एयरपोर्ट्स काउंसिल इंटरनेशनल’ (एएसआई) की ओर से आयोजित 2025 ’एएसक्यू अवार्ड्स’ में बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को ’आगमन के मामले में विश्व स्तर पर लगातार चौथी बार सर्वश्रेष्ठ हवाई अड्डे’ का दर्जा दिया गया।
इस हवाइ अड्डे का संचालन करने वाले ’बैंगलोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड’ (बीआईएएल) के अनुसार, वास्तविक समय में यात्रियों की प्रतिक्रिया के आधार पर मिला यह दर्जा दर्शाता है कि हवाई अड्डे पर निर्बाध और कुशल आगमन अनुभव प्रदान करने पर निरंतर ध्यान दिया जाता है।
बीआईएएल ने कहा कि ’एसीआई एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी प्रोग्राम’ हवाई अड्डे पर ग्राहकों के अनुभव के लिए दुनिया का अग्रणी बेंचमार्क है, जो वैश्विक स्तर पर मानकीकृत, यात्रा के दौरान किए जाने वाले सर्वेक्षणों के माध्यम से यात्रियों की संतुष्टि को मापता है। ये पुरस्कार उन हवाई अड्डों को मान्यता देते हैं जो सेवा, आराम, सुविधा और स्वच्छता जैसे मापदंडों पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं।
मुख्य परिचालन अधिकारी ने गिरीश नायर ने कहा कि हमारे लिए हर आगमन जिम्मेदारी का एक क्षण होता है। यात्री पूर्वानुमेयता, तेज़ी और आराम को महत्व देते हैं, और हम अपने संचालन को ठीक उसी प्रकार से तैयार करते हैं, ताकि ये सभी सुविधाएं प्रदान की जा सकें। विमान से लेकर टर्मिनल के बाहर तक हर संपर्क बिंदु को समन्वित करके हम एक सुगम और सुव्यवस्थित आगमन अनुभव सुनिश्चित करते हैं।
केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शहर के उत्तर में देवनहल्ली के पास स्थित है और भारत का तीसरा सबसे व्यस्त हवाई अड्डा माना जाता है। देवनहल्ली शहर से 30 से 40 किलोमीटर दूर स्थित है।
केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा साल 2008 में चालू हुआ था, जो 16 वर्ग किलोमीटर में फैला है। यहां टर्मिनल-1 और टर्मिनल-2 हैं, जिनमें T2 अपनी वास्तुकला (गार्डन टर्मिनल) के लिए फेमस है। यहां रोजाना भारत के विभिन्न शहरों के साथ इंटरनेशल फ्लाइट्स सेवाएं उपलब्ध रहती हैं।
केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट पर 4,900 मीटर लंबा रनवे है, जो बड़े विमानों (एयरबस A380) के लिए उपयुक्त है। इस एयरपोर्ट में 53 चेक-इन काउंटर, 18 सेल्फ सर्विस कियोस्क हैं। यह बेंगलुरु के संस्थापक नादा प्रभु केम्पेगौड़ा के नाम पर रखा गया है।