झारखंड में सड़कों के विकास को लेकर कवायतें तेज हैं। अब गढ़वा, पलामू और गुमला जिले को 2,460 करोड़ रुपए की लागत वाली दो राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं (National Highway Projects) की सौगात मिली है। एनएचएआई ने पलामू के शंखा से गढ़वा के खजूरी तक 1,129 करोड़ की लागत से बनाई गई फोरलेन सड़क आम जनता को समर्पित कर दी है। इसके अलावा छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा से गुमला शहर के बीच 32 किलोमीटर लंबी 1,330 करोड़ की लागत से बनने वाली फोर लेन सड़क परियोजना का शिलान्यास किया।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि झारखंड की समृद्धि और तरक्की की परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार कभी पैसे की कमी नहीं होने देगी। झारखंड सरकार सड़कों के विकास के लिए जितनी भी परियोजनाओं के प्रस्ताव लाएगी, उन्हें मंजूरी देने में देर नहीं होगी।
यही कारण है कि पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम, चतरा के सांसद कालीचरण सिंह और गढ़वा के विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी की मांग पर तीन बड़ी सड़क परियोजनाओं को स्वीकृत करने की घोषणा की गई है। इन जिलों में सड़कों के निर्माण से स्थानीय लोगों के साथ अन्य लोगों का सफर काफी आसान हो जाएगा।
झारखंड के गढ़वा से छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर तक 400 करोड़ और बिहार के औरंगाबाद से झारखंड के डालटनगंज के बीच 670 करोड़ की लागत वाली फोर लेन सड़क को आज ही मंजूरी मिली है। इन मार्गों को निर्मित करने के लिए जमीन का अधिग्रहण भी किया जाएगा, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक लाभ होने के चांस हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनका इतिहास है कि वे ऐसी एक भी घोषणा नहीं करते, जो पूरी न हो सके। देश-राज्य की तरक्की में सड़कों के महत्व को रेखांकित करते हुए केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि उन्होंने अपने मंत्रालय में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ केनेडी के उस कथन को मोटे अक्षरों में अंकित करवा रखा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘हमारे देश की सड़कें अच्छी हैं तो इसकी वजह यह नहीं कि अमेरिका अमीर है, बल्कि अमेरिका इसलिए अमीर है क्योंकि इस देश की सड़कें अच्छी हैं।’
राज्य सरकार को सुझाव दिया गया कि एनएचएआई की ओर से फोर लोन सड़कों के निर्माण के क्रम में निकाली गई मिट्टी की मदद से विभिन्न इलाकों में तालाबों का निर्माण कराएं। इससे झारखंड का जलस्तर बढ़ेगा और किसान समृद्ध होंगे।
झारखंड में सड़कों के निर्माण से अन्य राज्यों का सफर काफी आसान होगा। खासकर, पड़ोसी राज्यों बिहार और छत्तीसगढ़ से कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इन राजमार्गों के किनारे ढाबे, रेस्टोरेंट समेत बाजार स्थापित होने से लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजागार मिलेगा। साथ ही संबंधित रूटों के किनारे रियल स्टेट के क्षेत्र में काफी तरक्की होगी।