गोवा पर लंबे समय तक पुर्तगालियों का शासन रहा, इसलिए यहां पर पोर्तगीज बोलने वाले काफी लोग मिल जाते हैं। इसके अलावा यहां कोंकणी, मराठी और हिंदी प्रमुख भाषाएं हैं। अंग्रेजी बोलने वालों की तादाद भी गोवा में अच्छी खासी है।
गोवा की प्राकृतिक सुंदरता ही लोगों को इस ओर खींच लाती है। यहां पर लाल मिट्टी के मैदान और नारियल के पेड़ों के साथ ही धान के लहलहाते खेत भी देखने को मिलते हैं। यहां के धान के खेत पंजाब-हरियाणा का फील देते हैं।
गोवा को अपने समुद्री बीचों के लिए जाना जाता है। यहां पर दुनियाभर के पर्यटक आते हैं। लेकिन यहां की सर्पीली सड़कों पर ड्राइविंग का अपना अलग ही मजा है। यहां लॉन्ग ड्राइव का आनंद कई गुना बढ़ जाता है।
भारत की पहली प्रिंटिंग प्रेस गोवा में ही लगी थी। यह साल 1556 में पुराने गोवा के सेंट पॉल कॉलेज में लगाई गई थी। गोवा में साल 1842 में ही पहला मेडिकल कॉलेज खुल गया था और यह देश के शुरुआती मेडिकल कॉलेजों में से एक था।
गोवा हमारे देश का सबसे छोटा राज्य है। इसका क्षेत्रफल महज 3702 वर्ग किलोमीटर है। यह तो आप जानते ही ही हैं कि गोवा की राजधानी पणजी है और यहां पर हिंदू और ईसाइयों के अलावा मुस्लिमों की भी अच्छी आबादी है।
जी हां, गोवा को अपने समुद्री बीच, वहां मीलों-मील तक फैली सुनहरी रेत और नाइट लाइफ के लिए जाना जाता है। गोवा की पहचान उसके सी-फूड से भी है। यहां पर कई एडवेंचर स्पोर्ट्स का लुत्फ लिया जा सकता है। गोवा को भारत का रोम भी कहा जाता है।