दिल्ली में लंबे समय बाद नई डबल डेकर बसों की वापसी होने वाली है। इस बार ये इलेक्ट्रिक बसें होंगी, जिसे पर्यटन विभाग प्रधानमंत्री संग्रहालय से संचालित करेगा। यह बस वहां से भरत मंडपम, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, नए संसद भवन परिसर और दिल्ली हाट जैसे लोकप्रिय स्थलों तक यात्रियों को ले जाएगी।
अशोक लीलैंड ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत बस को बनाया है। यह बस पहले ओखला डिपो में खड़ी थी। बाद में परिवहन विभाग ने इसे पर्यटन विभाग को सौंप दिया, जिससे इसे विशेष टूर बस के रूप में उपयोग किया जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, रूट लगभग तय हो चुका है और बस को अगले एक महीने के भीतर औपचारिक रूप से हरी झंडी दी जा सकती है। इसको लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय से कार्यक्रम के लिए समय मांगा गया है।
बस की बात करें तो 9.8 मीटर लंबी और लगभग 4.75 मीटर ऊंची इस डबल डेकर बस में 63 से अधिक यात्रियों के बैठने की सुविधा है। ऊपरी और निचले डेक पर बैठे यात्री खुली दृश्यावली का आनंद ले सकेंगे।
पर्यटन विभाग का लक्ष्य दिल्ली आने वाले विदेशी पर्यटकों और घरेलू यात्रियों को राजधानी के नामी जगहों का अनुभव कराना है। लुटियंस दिल्ली में पेड़ों की ऊंचाई और ओवरहेड तारों की समस्या न होने के कारण बस बिना किसी बाधा के चलेगी।
चूंकि प्रधानमंत्री संग्रहालय शाम 6 बजे बंद हो जाता है, इसलिए बस यहीं से शाम की टूर शुरू करेगी। बस के बाहरी हिस्से पर इंडिया गेट, सिग्नेचर ब्रिज और भरत मंडपम जैसे प्रसिद्ध स्थलों की तस्वीरें लगाई जाएंगी, जिससे यह खुद भी एक आकर्षण बनेगी।
बस यात्रा का किराया वयस्कों के लिए 500 रुपये और छह से बारह वर्ष के बच्चों के लिए 300 रुपये रखा जाएगा। यात्रा के दौरान एक गाइड भी मौजूद रहेगा, जो यात्रियों को विभिन्न स्थलों के इतिहास और महत्व के बारे में जानकारी देगा।