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अस्पतालों में अब दोबारा इस्तेमाल नहीं होंगे सिंगल यूज मेडिकल उपकरण, सरकार ने जारी किए सख्त निर्देश

केंद्र सरकार ने सरकारी और निजी अस्पतालों में सिंगल-यूज मेडिकल उपकरणों और सर्जिकल डिस्पोजेबल्स के दोबारा इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। स्टरलाइज करने के बाद भी इनका दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

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सांकेतिक फोटो

Photo : iStock

देश में मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है।सरकार ने अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में एक बार इस्तेमाल (सिंगल-यूज) के लिए बनाए गए मेडिकल उपकरणों और सर्जिकल डिस्पोजेबल्स के दोबारा इस्तेमाल पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। यह निर्देश सरकारी और निजी, दोनों तरह के अस्पतालों पर लागू होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे उपकरणों को स्टरलाइज करने के बाद भी दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

कई प्रमुख चिकित्सा क्षेत्रों में दोबारा इस्तेमाल पर चिंता

सरकार ने कार्डियोलॉजी (हृदय रोग), नेफ्रोलॉजी (किडनी रोग), ऑन्कोलॉजी (कैंसर), कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी और न्यूरोसर्जरी जैसे चिकित्सा क्षेत्रों में सिंगल-यूज उपकरणों के दोबारा इस्तेमाल को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। इन क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले सिंगल यूज उपकरणों और डिस्पोजेबल सर्जिकल सामान का दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

मरीजों से पूरी कीमत वसूलने पर आपत्ति

निर्देश में इस बात को लेकर भी सख्त ऐतराज जताया गया है कि कई मामलों में अस्पतालों द्वारा एक ही उपकरण का बार-बार इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद मरीजों से उसकी पूरी कीमत वसूली जाती है या सरकारी एजेंसियों से उसका पूरा भुगतान लिया जाता है।

राज्य के अधिकारियों को सख्ती बरतने के आदेश

केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य विभागों और राज्य औषधि नियंत्रकों (Drug Controllers) को पत्र लिखकर इन दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है, ताकि मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो सके

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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