आज का मौसम कैसा रहेगा 24 अक्टूबर (रविवार) 2025 : मौसम के लिहाज से अगला सप्ताह काफी अहम साबित होगा। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक बड़े बदलाव देखने को मिलेगा। आईएमडी ने बताया कि 27 अक्टूबर तक पहाड़ी राज्यों पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है, इस दौरान हिमाचल-उत्तराखंड में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश के साथ बर्फबारी होने से न्यूनतम तापमान में गिरावट के संकेत हैं। आईएमडी ने बताया की रविवार और सोमवार को दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में बादल छाने का पूर्वानुमान है, लेकिन बारिश का अलर्ट नहीं हैं। वहीं, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव, गहरे दबाव और चक्रवाती तूफान के कारण तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ मध्मय से भारी बारिश की चेतावनी है। इस दौरान कई स्थानों पर मेघ गर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरने का पूर्वानुमान है।
राजस्थान में बीते 36 घंटे के दौरान कई जगहों पर हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग ने बताा कि शनिवार सुबह तक के चौबीस घंटों के दौरान राज्य के पूर्वी भाग में कहीं कहीं हल्की वर्षा दर्ज की गई जबकि पश्चिमी भाग में मौसम शुष्क रहा। राज्य में सर्वाधिक वर्षा छाबड़ा (बारां) में 9.0 मिलीमीटर दर्ज की गई। इस दौरान राजस्थान में अधिकतम तापमान बाड़मेर में 37.6 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान सीकर में 13.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिमी भारत में 26-27 अक्टूबर से सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के उदयपुर व कोटा संभाग के कुछ भागों में 26 से 28 अक्टूबर के दौरान बारिश होने की पूरी संभावना है। 27-28 अक्टूबर को रहने व कहीं-कहीं आकाशीय बिजली और बादल गरज के साथ मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। वहीं, राज्य के बाकी अधिकांश भागों में मौसम आगामी दिनों में शुष्क रहने व तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं होने की संभावना है। (फोटो-Istock)
उत्तर प्रदेश में फिलहाल बादलों की आवाजाही के सिवा बारिश को लेकर कोई बड़ा अलर्ट नहीं है। राज्य के अधिकांश जिलों में मौसम साफ रहेगा, लेकिन कुछ भागों में आंशिक तौर पर बादल छा सकते हैं। इस दौरान धूप होने से अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आईएमडी के मुताबिक, अगले 2 से 4 दिन में सुबह कोहरे के साथ सर्दी में इजाफा महसूस किया है। कमोबेश बिहार का भी मौसम यूपी की तरह रहने के संकेत हैं। 26 अक्टूबर को कहीं-कहीं हल्के फुल्के बादल आ जा सकते हैं, लेकिन मौसमी गतिविधियां होने के संकेत नहीं हैं। लेकिन, 29 से 31 अक्टूबर के बीच हल्की बारिश की संभावना बन रही है। अब सुबह के वक्त कोहरा या धुंध छाई नजर आएगी और अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। छठ पर के दौरान न्यूनतम तापमान 17 से 19 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। (फोटो-Istock)
दिल्ली में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट शुरू हो गई है, शनिवार को शहर में इस महीने का अब तक का सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसम के औसत से दो डिग्री कम है। आईएमडी के अनुसार, रविवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 31 और 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने रविवार सुबह हल्का कोहरा छाए रहने का अनुमान जताया है। आने वाले 2 से 4 दिन में तापमान सर्दी की आगे की ओर शिफ्ट कर सकता है और प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ेगा। सीपीसीपी के अनुसार, दिल्ली में एक्यूआई 292 खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। आनंद विहार और वजीराबाद क्रमशः 415 और 405 के वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर श्रेणी में थे, जो सभी निगरानी स्टेशनों में सबसे अधिक है। सीपीसीबी के अनुसार, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा, 51 से 100 के बीच को संतोषजनक, 101 से 200 के बीच को मध्यम, 201 से 300 के बीच को खराब, 301 से 400 के बीच को बेहद खराब और 401 से 500 के बीच को गंभीर माना जाता है। (फोटो-Istock)
पहाड़ों पर अब सर्दी सितम ढाने को तैयार है। 27 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तराखंड के मौसम में बदलाव होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आंशिक तौर पर बादल छाए रहने और बूंदाबांदी के साथ बर्फबारी के आसार बने रहेंगे। मौसम में तब्दीली से कहीं-कहीं पारा गिरने और सप्ताह भर में ठंडी का स्तर बढ़ने के चांस हैं। आईएमडी ने हिमाचल प्रदेश में 31 अक्टूबर तक मौसम साफ रहने की संभावना है। हालांकि, 27 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से राज्य के कई इलाकों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है, जिससे तापमान में तेजी से गिरावट होने की संभावना है। अगले सप्ताह के अंत तक कड़ाके की सर्दी के आसार बन रहे हैं। (फोटो-Istock)
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव, गहरे दबाव और फिर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। इस चक्रवात के बाद में मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा के पास आंध्र प्रदेश के तट से गुजरने की संभावना है। आईएमडी ने 28 अक्टूबर की सुबह तक एक गंभीर चक्रवाती तूफान आने का अनुमान जताया है। 28 अक्टूबर की शाम या रात के दौरान मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा के पास से आंध्र प्रदेश के तट को तूफान पार कर सकता है। इस दौरान हवा की अधिकतम गति 90-100 किलोमीटर प्रति घंटा से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। मौसम विभाग ने तिरुवल्लूर, चेन्नई, रानीपेट, कांचीपुरम, चेंगलपट्टु और विल्लुपुरम जिलों के अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 25 से 28 अक्टूबर के बीच तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्र में एक या दो स्थानों पर बादल गरजने और बिजली गिरने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी बारिश होने की संभावना है। मछुआरों को चेतावनी देते हुए कहा गया है कि उन्हें 25 से 29 अक्टूबर के बीच समुद्र में न जाने की सलाह दी जा रही है। (फोटो-Istock)
केरल के कई हिस्सों में शनिवार को भारी बारिश जारी रही, जिसके कारण पलक्कड़, इडुक्की और त्रिशूर जिलों में बांधों का जलस्तर बढ़ गया। बारिश के कारण तिरुवनंतपुरम जिले के ग्रामीण इलाकों में कुछ जगहों पर घरों को नुकसान पहुंचा। मौसम विभाग के मुताबिक, पलक्कड़ के वालयार, मालमपुझा, मूलथारा और चुलियार बांधों के फाटक खोलने पड़े हैं। इडुक्की के पोनमुडी और मदुपेट्टी सहित विभिन्न बांधों में जल स्तर 'रेड अलर्ट' की स्थिति तक पहुंच गया है, जबकि त्रिशूर के शोलायार बांध में जल स्तर 'ऑरेंज अलर्ट' की स्थिति में पहुंच गया है। तमिलनाडु जल संसाधन विभाग ने बताया कि वह पेरियार बांध से अतिरिक्त पानी छोड़ेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, अभी एक से दो दिन तूफान के साथ भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी है। ओडिशा में 27 अक्टूबर से तीन दिन तक भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि ओडिशा में भारी बारिश, तेज हवाएं और गरज के साथ तूफान के आसार हैं। भूस्खलन की आशंका वाले गजपति, कंधमाल, कोरापुट, मलकानगिरी और नवरंगपुर जैसे जिलों के जिलाधिकारियों को स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की सलाह दी गई है। (फोटो-Istock)
झारखंड में अगले 3 से 4 दिन में भारी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। 29 और 30 अक्टूबर को सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, जामताड़ा, देवघर, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और सिंहभूम के लिए भारी बारिश का 'येलो' अलर्ट जारी किया गया है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने पीटीआई-भाषा को बताया कि आगामी चक्रवात के प्रभाव से मौसम में बदलाव की उम्मीद है। 28 अक्टूबर को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि 29 और 30 अक्टूबर को पूरे राज्य में व्यापक बारिश होने की संभावना है। आईएमडी ने कहा कि 27 अक्टूबर तक दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में एक गहरे दबाव का क्षेत्र चक्रवात में तब्दील हो सकता है। 28 अक्टूबर की सुबह तक इसके एक गंभीर चक्रवात में तब्दील होने की संभावना है। (फोटो-Istock)