कोडाइकनाल, तमिलनाडु का बहुत ही खूबसूरत पहाड़ी शहर है। यहां मौजूद झील को स्थानीय लोग प्यार से 'कोडाई लेक' कहते हैं, यह झील सितारे के आकार की है और बेहद खूबसूरत है। मानव निर्मित होने के बावजूद यह झील पहाड़ियों का अभिन्न हिस्सा लगती है। झील के चारों ओर 5 किमी लंबा रास्ता पिकनिक और सैर के लिए बहुत ही अच्छा है।
कोडाई झील के किनारे साइकिलिंग, घुड़सवारी या भुट्टे का स्वाद लेते हुए समय बिताना एक अलग ही अनुभव देता है। कभी-कभी धुंध झील को पूरी तरह से ढक लेती है, जिससे यहां का नजारा और भी अद्भुत लगता है।
शिलॉन्ग की वार्ड्स लेक भले ही आकार में छोटी हो, लेकिन यह बला की खूबसूरत है। यहां के सजे-संवरे बगीचे, साफ-सुथरे वॉकिंग पाथ और हरियाली इसे यूरोप के ग्रामीण इलाकों जैसा एहसास देते हैं। यही कारण है कि यह झील पहली नजर में ही ठहरने के लिए मजबूर कर देती है।
शिलॉन्ग के स्थानीय लोग यहां झील किनारे रोमांटिक वॉक का आनंद लेते हैं। यहां आने वाले पर्यटक झील के बीच बने पुल पर तस्वीरें खिंचवाते नहीं थकते। पानी में तैरती मछलियों को एक-टक देखना खास अनुभव देता है। वार्ड्स लेक भव्य नहीं है, लेकिन अपनी शांत, सौम्य और यादगार मोहकता के लिए अलग पहचान रखती है।
नैनीताल एक बहुत ही खूबसूरत हिल सिटी है। नाशपाती के आकार की नैनी झील नैनीताल शहर की आत्मा है। यहां के पहाड़ी ढलानों पर बने घर और होटल बहुत ही खूबसूरत लगते हैं। बांज और देवदार के पेड़ इस खूबसूरती को और बढ़ाते हैं। यहां की नैनी झील शहर का दिल और सामाजिक केंद्र मानी जाती है। मॉल रोड पर टहलते हुए झील का नजारा दुनियाभर के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
शाम के समय जब पहाड़ी ढलानों पर बसे नैनीताल शहर की रोशनियां झील के पानी में झिलमिलाती हैं, तो माहौल जादुई सा लगने लगता है। हाथ में गर्म मोमो या अपने किसी करीबी का हाथ हो और सामने झील का शांत पानी, यह अनुभव जीवनभर आपके साथ रहता है। नैनी झील की खूबसूरती दुनियाभर से लोगों को खींच लाती है।
1820 के दशक से ही ऊटी सैलानियों को आकर्षित कर रहा है। ऊटी झील को नीलगिरि की शान माना जाता है। झील के किनारों पर यूकेलिप्टस के पेड़ और पहाड़ियों से उतरती धुंध इसे किसी पोस्टकार्ड जैसा रूप देते हैं। यहां रोइंग, पैडल और स्पीड बोटिंग का लुत्फ लिया जा सकता है।
ऊटी में झील के आसपास टट्टू की सवारी और गर्मागर्म भजियों (पकौड़ों) की खुशबू माहौल को और भी खास बना देती है। यहां बड़ी संख्या में देसी और विदेशी मेहमान घूमने आते हैं। यहां झील किनारे अच्छी भीड़ देखने को मिलती है और कभी-कभी घूमने का असली आनंद उसी चहल-पहल में मिलता है, जो यात्रा को यादगार बना देती है।
राजस्थान की बात हो तो झीलों का नाम आते ही उदयपुर याद आता है, लेकिन माउंट आबू एक ऐसा हिल स्टेशन है, जहां पर झील भी है। यहां की नक्की झील अपनी अलग पहचान रखती है। पहाड़ियों और अनोखी चट्टानों से घिरी यह झील ठंडी हवा और रेगिस्तानी एहसास का अनोखा संगम पेश करती है।
मान्यता है कि नक्की झील को देवताओं ने अपने नाखूनों से खोदा था। नक्की झील में हंस के आकार की पैडल बोट, आसपास का चहल-पहल भरा बाजार और यहां का ठंडा सुकून भरा माहौल, आपको यहां से लौटने नहीं देता।