पैन इनएक्टिव होते ही आपकी कई वित्तीय सेवाएं रुक जाएंगी, जिनमें सबसे बड़ा असर आपकी SIP पर पड़ेगा। SIP चलाने या नई SIP शुरू करने के लिए पैन का एक्टिव होना अनिवार्य है।
अगर पैन डिएक्टिवेट हो गया, तो आपकी चल रही SIP ऑटोमेटिक बंद हो जाएगी और आपके फंड हाउस आपकी निवेश किस्तों को प्रोसेस नहीं कर पाएंगे।
इसके साथ ही पैन इनएक्टिव होने पर न सिर्फ SIP रुकती है, बल्कि आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं कर पाएंगे, पेंडिंग रिफंड मिलना बंद हो जाएगा, शेयर मार्केट में खरीद-बिक्री रुक जाएगी और नई इन्वेस्टमेंट भी रोक दी जाएगी।
आपके Form 26AS में TDS/TCS क्रेडिट अपडेट नहीं होगा और कई मामलों में टैक्स कटौती ज्यादा दर पर हो सकती है। इसलिए पैन-आधार लिंक न होना सीधे तौर पर आपके पूरे वित्तीय प्लान को प्रभावित कर सकता है।
सरकार पहले भी कई बार आखिरी तारीख बढ़ा चुकी है, ताकि लोग आराम से लिंकिंग पूरी कर सकें, लेकिन अब 31 दिसंबर 2025 अंतिम तारीख तय की गई है। इस तारीख के बाद पैन अगले ही दिन से डिएक्टिवेट हो जाएगा।
हालांकि कुछ लोगों को लिंकिंग से छूट दी गई है, जिनमें असम, जम्मू-कश्मीर और मेघालय के निवासी, NRI, 80 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक और विदेशी नागरिक शामिल हैं। बाकी सभी लोगों के लिए पैन-आधार लिंकिंग अनिवार्य है।
पैन को आधार से लिंक करना बेहद आसान है बस इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट पर जाकर PAN, आधार नंबर और मोबाइल नंबर डालें, OTP वेरिफाई करें और लिंकिंग पूरी हो जाएगी।
कुल मिलाकर, अगर आप चाहते हैं कि आपकी SIP बिना रुके चलती रहे और आपके किसी भी वित्तीय काम में रुकावट न आए, तो पैन-आधार लिंकिंग बिल्कुल भी न टालें। समय रहते यह काम कर लेंगे तो आगे किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।