अफगानिस्तान से क्या-क्या मंगाता है भारत? पाकिस्तान से युद्ध का क्या होगा असर?

अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या एक पड़ोसी देश के तौर पर भारत पर इसका असर होगा? खासतौर पर भारत और अफगानिस्तान के ट्रेड पर इसका कितना असर आएगा। दोनों देश कितना व्यापार करते हैं, युद्ध की स्थिति में सप्लाई चेन पर कितना असर पड़ सकता है।

Authored by: यतींद्र लवानियाUpdated Feb 27 2026, 12:47 IST
​भारत-अफगान व्यापार पर कितना असर?Image Credit : Canva01 / 07

​भारत-अफगान व्यापार पर कितना असर?

अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच भारत-अफगान व्यापार पर असर की आशंका बढ़ गई है। 2024 में भारत ने अफगानिस्तान से 664.89 मिलियन डॉलर का आयात किया। सवाल यह है कि यदि ट्रांजिट रूट प्रभावित हुआ तो सप्लाई, कीमत और बाजार पर कितना दबाव बनेगा।

सबसे ज्यादा क्या मंगाता है भारत?Image Credit : Canva02 / 07

सबसे ज्यादा क्या मंगाता है भारत?

अफगानिस्तान से भारत सबसे ज्यादा ड्राई फ्रूट्स और फलों का आयात करता है। इसके अलावा गोंद, हींग, कॉफी, चाय व मसाले आयात करता है। इसके अलावा भारत से अफगानिस्तान को सबसे ज्यादा दवाइयां भेजी जाती हैं।

​2024-25 में कितना हुआ आयात?Image Credit : Canva03 / 07

​2024-25 में कितना हुआ आयात?

COMTRADE के डाटा के मुताबिक भारत ने 2024-25 में अफगानिस्तान से कुल 66 करोड़ डॉलर का आयात किया। इसमें सबसे ज्यादा फल और मेवे का 39.94 करोड़ डॉलर का आयात किया गया। इसके अलावा 12.25 करोड़ डॉलर का आयात गोंद और हींग जैसी चीजों का हुआ। 6.29 करोड़ डॉलर का आयात कॉफी, चाय, मसाले का किया गया। इसके अलावा करीब 7 करोड़ डॉलर का आयात सब्जियां और ऑयल सीड का किया गया।

​भारत क्या भेजता है अफगानिस्तान?Image Credit : Canva04 / 07

​भारत क्या भेजता है अफगानिस्तान?

भारत अफगानिस्तान को फार्मास्युटिकल उत्पाद, ऑटोमोबाइल और पार्ट्स, रेडीमेड गारमेंट, मैन-मेड फाइबर और एनिमल फीड निर्यात करता है। 2024 में अफगानिस्तान का भारत से आयात 7.92% घटा, जबकि भारत को उसका निर्यात 0.38% कम हुआ।

​व्यापार संतुलन किसके पक्ष में?Image Credit : Canva05 / 07

​व्यापार संतुलन किसके पक्ष में?

2024 में अफगानिस्तान को भारत के साथ व्यापार में 331.368 मिलियन डॉलर का सरप्लस मिला। यानी द्विपक्षीय व्यापार में अफगानिस्तान का पलड़ा भारी रहा, क्योंकि ड्राइ फ्रूट और कृषि उत्पादों की बड़ी खेप भारत पहुंची।

​व्यापार का रास्ता कितना सुरक्षित?Image Credit : Canva06 / 07

​व्यापार का रास्ता कितना सुरक्षित?

भारत-अफगान व्यापार मुख्यतः तीन मार्गों से चलता है। इनमें एक रास्ता है ईरान के चाबहार पोर्ट के जरिये, जिसे भारत ही ऑपरेट करता है। दूसरा रास्ता है एयर फ्रेट कॉरिडोर और तीसरा है पाकिस्तान के रास्ते जमीनी ट्रांजिट। यह रास्ता पहले ही बंद है। ऐसे में ट्रेड रूट की सुरक्षा को लेकर कोई चिंता नहीं है।

​युद्ध का भारत पर क्या असर?Image Credit : Canva07 / 07

​युद्ध का भारत पर क्या असर?

भले ही ट्रेड रूट पर इसका ज्यादा असर नहीं दिखे, लेकिन ड्राइ फ्रूट और हींग की कीमतों में तेजी और सप्लाई में देरी जैसी चुनौतियां आ सकती हैं। इसके अलावा मसालों की उपलब्धता पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि कुल आयात 66 करोड़ डॉलर के आसपास है, ऐसे में इसका व्यापक आर्थिक असर खास नहीं होगा।

End of Photo Gallery
Subscribe to our daily Newsletter!