हिमाचल प्रदेश काश्तकारी और भूमि सुधार अधिनियम 1972 गैर-कृषकों को सरकार की अनुमति के बिना राज्य में भूमि खरीदने से रोकता है। अधिनियम की धारा 118 के तहत अनुमति दी जाती है, जिसे प्रियंका ने हासिल किया था।
प्रियंका ने घर बनाने के लिए अमेरिका में रहने वाले सतीश और सतिंदर सूद से 47 लाख रुपये में जमीन का एक हिस्सा खरीदा था। एचटी की रिपोर्ट के अनुसार बंगले के निर्माण का काम दिल्ली के एक आर्किटेक्ट को दिया गया था।
मगर 2010 में जब प्रियंका अपनी मां के साथ साइट पर गईं, तो वह इमारत की "क्वालिटी, खूबसूरती और आर्किटेक्चर" से संतुष्ट नहीं थीं। इसलिए 2011 में पूरी इमारत को गिरा दिया गया।
घर को पूरी तरह से नया रूप दिया गया और फिर से बनाया गया। दूसरी बार में शिमला के बिल्डर तेनजिन ने बंगला बनाने में पहाड़ी आर्किटेक्चर का ध्यान रखा और एक खुली छत, एक स्मूथ ड्राइव-इन फैसिलिटी, सीढ़ियाँ और पाँच बड़े कमरे बनाए।
बंगले में फुल इंटीरियर लकड़ी का है और ढलानदार टाइल वाली छत है। इस आलीशान बंगले में सिक्योरिटी का भी ध्यान रखा गया है।