PSU बैंक शेयरों में हालिया तेजी के पीछे कई फैक्टर एक साथ काम कर रहे हैं। दिसंबर 2025 तिमाही में लोन ग्रोथ के आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे हैं, जो यह संकेत देते हैं कि कंजम्पशन और क्रेडिट डिमांड धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। इसके साथ ही प्राइवेट बैंकों की तुलना में PSU बैंकों की वैल्यूएशन अब भी आकर्षक बनी हुई है। RBI की लिक्विडिटी बढ़ाने वाली नीतियां और सरकार के टैक्स व GST कट्स ने बैंकिंग सेक्टर के लिए पॉजिटिव माहौल तैयार किया है।
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक State Bank of India ने इस रैली में पूरे सेक्टर को लीड किया है। मंगलवार के कारोबार में शेयर 1,020 रुपये तक पहुंच गया जबकि 52-वीक हाई 1,024 रुपये रहा। मजबूत बैलेंस शीट, बेहतर रिटर्न ऑन एसेट्स और लगातार लोन ग्रोथ ने SBI को निवेशकों का फेवरेट बना दिया है। हालांकि मौजूदा स्तरों पर कई निवेशक अब ऐसे PSU बैंक शेयरों की तलाश में हैं जहां वैल्यूएशन के लिहाज से ज्यादा अपसाइड दिखे।
Punjab National Bank हालिया तिमाही में मजबूत टर्नअराउंड की तस्वीर पेश करता है। दिसंबर 2025 तिमाही में बैंक के ग्लोबल एडवांस करीब 11 प्रतिशत बढ़कर 12.32 लाख करोड़ रुपये पहुंच गए हैं। इसके बावजूद शेयर बुक वैल्यू के करीब 1.1 गुना और लगभग 9 के P/E पर ट्रेड कर रहा है। बेहतर एसेट क्वालिटी और स्थिर ग्रोथ के चलते PNB उन निवेशकों के रडार पर है जो SBI के बाद अगला बड़ा PSU बैंक दांव तलाश रहे हैं।
Bank of Baroda ने Q3FY26 में 14.6 प्रतिशत की लोन ग्रोथ दर्ज की है और इसके ग्लोबल एडवांस 13.43 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गए हैं। इसके बावजूद शेयर बुक वैल्यू के आसपास और करीब 8 के P/E पर उपलब्ध है। वहीं Bank of India वैल्यूएशन के लिहाज से सबसे सस्ता नजर आता है। बैंक का P/E करीब 6.9 और बुक वैल्यू का महज 0.8 गुना है जबकि लोन ग्रोथ 13 प्रतिशत से ज्यादा बनी हुई है। यही वजह है कि निवेशक इसे हाई-रिस्क, हाई-रिवार्ड दांव के तौर पर देख रहे हैं।
आने वाले महीनों में PSU बैंक शेयरों के लिए ट्रिगर और मजबूत हो सकते हैं। Reserve Bank of India की ओर से लिक्विडिटी सपोर्ट और दरों में कटौती से क्रेडिट ग्रोथ को रफ्तार मिल सकती है। इसके अलावा SEBI के नए नियमों के चलते Nifty Bank Index में बड़े बैंकों का वेट घटेगा जिससे PSU बैंकों की हिस्सेदारी बढ़ने की संभावना है। 6.5 से 7 प्रतिशत की अनुमानित GDP ग्रोथ के बीच PSU बैंक शेयर भारतीय इकोनॉमी के अपटर्न पर दांव लगाने का मजबूत जरिया बनते दिख रहे हैं।डिस्क्लेमर: TimesNow Hindi किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।