पहले बात करें फ्रांस के द पैलेस ऑफ वर्सेल्स की, तो इसकी सालाना मैंटेनेंस पर करीब 138 करोड़ रु खर्च होते हैं।
लंदन के बकिंघम पैलेस की सालाना मैंटेनेंस पर द पैलेस ऑफ वर्सेल्स से भी ज्यादा पैसा खर्च होता है। साल 2017 की एक रिपोर्ट के अनुसार उस वर्ष महल की मैंटेनेंस पर करीब 368 करोड़ रु खर्च हुए थे।
जॉर्ज तृतीय ने 1761 में अपनी पत्नी के लिए बकिंघम हाउस खरीदा था। इसी हाउस को बाद में महल में तब्दील किया गया और इसका नाम बकिंघम पैलेस पड़ा।
महल की मैंटेनेंस में बागवानी, वॉटरिंग, रूफिंग, हीटिंग, बिजली और स्टाफ की सैलरी शामिल होती है। महल के एक-एक कोने को चमकाया जाता है। इस सब पर करोड़ों रु खर्च होते हैं।
महल के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत और महल के अंदर आर्ट और फर्नीचर को संरक्षित रखने का खर्च भी इसी में शामिल होता है। महल के फाउंटेन को भी मैनेज करने पर काफी पैसे खर्च होते हैं।
बड़े और ऐतिहासिक महलों को मैनेज करने के लिए सिक्योरिटी और गवर्नेंस की आवश्यकता होती है। इसमें मार्केटिंग, बीमा और अन्य सामान्य ऑपरेशन कॉस्ट शामिल होती है।
महलों से कमाई भी होती है। अकसर महल का कुछ हिस्सा टूरिस्ट्स के लिए खोला जाता है और टिकट बिक्री से पैसा आता है।