साल 1961 एमआरएफ कंपनी के लिए काफी शानदार साल रहा। उस साल ये एक पब्लिक कंपनी बनी और इसके प्लांट से पहला टायर रिलीज किया गया। इसने उस साल एक अमेरिकी टायर और रबड़ कंपनी के साथ समझौता भी किया।
उसके बाद साल दर साल कंपनी का टायर प्रोडक्शन बढ़ता गया। केयर रेटिंग्स की एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2021 में एमआरएफ की टायर उत्पादन कैपेसिटी 7.45 करोड़ थी। यानी कि हर रोज 204109 टायर या हर घंटे में 8504 टायर।
एमआरएफ दुनिया की 20 टॉप टायर बनाने वाली कंपनियों में शामिल है और इसकी भारत में 10 स्टेट-ऑफ-द-आर्ट फैक्ट्रीज हैं। कंपनी ऑटोमोबाइल टायर, ट्यूब, फ्लैप और ट्रेड रबड़ से बनी वस्तुओं की बिक्री से कमाई करती है।
वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी ने केवल टायर बेचकर 22645.73 करोड़ रु कमाए। इसके पैसेंजर कार, टू-व्हीलर्स, फार्म इक्विपमेंट, ट्रक, ऑफ-रोड व्हीकल, छोटे कमर्शियल वाहन और बड़े कमर्शियल वाहन बनाती है।
बता दें कि एमआरएफ एक लिस्टेड कंपनी है, जिसका शेयर भारत में सबसे महंगे शेयरों में से एक है। MRF का शेयर इस समय 1,34,943 रु पर है। जबकि इसकी मार्केट कैपिटल 57,231.40 करोड़ रु है।