'गुब्बारे वाले' ने बनाई भारत की सबसे बड़ी टायर कंपनी, हर घंटे 8500 टायर बनाने का है दम

MRF भारत की सबसे बड़ी टायर कंपनी है। इसकी शुरुआत 1946 में केएम माममेन मप्पीलाई ने की थी, जो शुरुआत में गुब्बारे बनाते थे। 1949 में एमआरएफ ने पहला ऑफिस खोला और 1952 में ट्रेड रबड़ का प्रोडक्शन शुरू किया। उसके बाद इसने टायर बनाना शुरू किया।

Authored by: काशिद हुसैन Updated May 6 2025, 13:58 IST
साल 1961 रहा शानदारImage Credit : MRF/iStock01 / 05

साल 1961 रहा शानदार

साल 1961 एमआरएफ कंपनी के लिए काफी शानदार साल रहा। उस साल ये एक पब्लिक कंपनी बनी और इसके प्लांट से पहला टायर रिलीज किया गया। इसने उस साल एक अमेरिकी टायर और रबड़ कंपनी के साथ समझौता भी किया।

​हर घंटे में 8504 टायर​Image Credit : MRF/iStock02 / 05

​हर घंटे में 8504 टायर​

उसके बाद साल दर साल कंपनी का टायर प्रोडक्शन बढ़ता गया। केयर रेटिंग्स की एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2021 में एमआरएफ की टायर उत्पादन कैपेसिटी 7.45 करोड़ थी। यानी कि हर रोज 204109 टायर या हर घंटे में 8504 टायर।

​10 स्टेट-ऑफ-द-आर्ट फैक्ट्रीज​Image Credit : MRF/iStock03 / 05

​10 स्टेट-ऑफ-द-आर्ट फैक्ट्रीज​

एमआरएफ दुनिया की 20 टॉप टायर बनाने वाली कंपनियों में शामिल है और इसकी भारत में 10 स्टेट-ऑफ-द-आर्ट फैक्ट्रीज हैं। कंपनी ऑटोमोबाइल टायर, ट्यूब, फ्लैप और ट्रेड रबड़ से बनी वस्तुओं की बिक्री से कमाई करती है।

​22645.73 करोड़ रु कमाए​Image Credit : MRF/iStock04 / 05

​22645.73 करोड़ रु कमाए​

वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी ने केवल टायर बेचकर 22645.73 करोड़ रु कमाए। इसके पैसेंजर कार, टू-व्हीलर्स, फार्म इक्विपमेंट, ट्रक, ऑफ-रोड व्हीकल, छोटे कमर्शियल वाहन और बड़े कमर्शियल वाहन बनाती है।

​मार्केट कैप 57,231.40 करोड़ रु​Image Credit : MRF/iStock05 / 05

​मार्केट कैप 57,231.40 करोड़ रु​

बता दें कि एमआरएफ एक लिस्टेड कंपनी है, जिसका शेयर भारत में सबसे महंगे शेयरों में से एक है। MRF का शेयर इस समय 1,34,943 रु पर है। जबकि इसकी मार्केट कैपिटल 57,231.40 करोड़ रु है।

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