विजय केडिया कैसे खोजते हैं मल्टीबैगर बनने वाले स्टॉक्स, खुद बताई अपनी रणनीति

विजय केडिया फिलहाल देश के सबसे मशहूर और दिग्गज निवेशकों में शामिल हैं। उन्हें हाई ग्रोथ स्टॉक्स की पहचान में महारत हासिल है। हाल ही में ET Now को दिए एक इंटरव्यू में केडिया ने बताया कि आखिर वे उन कंपनियों की पहचान कैसे करते हैं, जो आगे चलकर निवेशकों को कई गुना रिटर्न देती हैं। केडिया ने अपने मशहूर SMILE फ्रेमवर्क, धैर्य और ग्रोथ-फोकस्ड अप्रोच को समझाते हुए मल्टीबैगर स्टॉक्स खोजने की पूरी रणनीति साझा की, जो नए और अनुभवी दोनों निवेशकों के लिए अहम मार्गदर्शन मानी जा रही है।

Authored by: यतींद्र लवानियाUpdated Feb 9 2026, 15:27 IST
मल्टीबैगर मास्टर हैं विजय केडियाImage Credit : Canva01 / 07

मल्टीबैगर मास्टर हैं विजय केडिया

तीन दशक से ज्यादा समय से बाजार में सक्रिय विजय केडिया उन निवेशकों में गिने जाते हैं जिन्होंने कई छोटे शेयरों को मल्टीबैगर बनते देखा और पकड़ा। उनकी खासियत छोटी कंपनियों में बड़े भविष्य को पहचानना है।

क्या है केडिया का फॉर्मूलाImage Credit : Canva02 / 07

क्या है केडिया का फॉर्मूला

केडिया का निवेश मंत्र SMILE मॉडल है। इसमें S का मतलब है, स्मॉल साइज कंपनी। M यानी मीडियम एक्सपीरियंस वाला मैनेजमेंट। L का अर्थ है लार्ज एंबिशन यानी बड़ी महत्वाकांक्षा और E है एक्सट्रा लार्ज मार्केट अपॉर्च्युनिटी वाला कारोबार। इस तरह केडिया, छोटी कंपनी, मध्यम अनुभवी टीम, बड़े सपना और विशाल बाजार पर दांव लगाते हैं।

छोटी कंपनी, बड़ा मौका क्योंImage Credit : Canva03 / 07

छोटी कंपनी, बड़ा मौका क्यों

केडिया का कहना है कि वे उन कंपनियों को चुनते हैं, जो अपने सेक्टर में अभी छोटी हैं, लेकिन आगे चलकर बड़ी बनने की क्षमता रखती हैं। यही स्टॉक्स आगे चलकर सबसे ज्यादा रिटर्न देते हैं। केडिया का मानना है कि ग्रोथ की गुंजाइश छोटी कंपनियों के पास ज्यादा होती है।

मैनेजमेंट का मध्यम अनुभवImage Credit : Canva04 / 07

मैनेजमेंट का मध्यम अनुभव

केडिया कहते हैं कि उनके मुताबिक, कंपनी की मैनेजमेंट टीम के पास मीडियम अनुभव हों, यानी जिसने बाजार के उतार-चढ़ाव देखे हों और साथ ही आगे लंबे समय तक कंपनी को संभालने की संभावना हो, ताकि कंपनी स्थिरता के साथ बढ़ सके।

धैर्य असली गेमचेंजरImage Credit : Canva05 / 07

धैर्य असली गेमचेंजर

केडिया किसी कंपनी को कई साल ट्रैक करते हैं, तब निवेश करते हैं। इसके साथ ही कहते हैं कि एक बार जो पैसा वे निवेश कर देते हैं, उसे वह अपना नहीं मानते, बल्कि उस कंपनी का मानते हैं, जिसमें निवेश किया है। इसके साथ ही वे मैनेजमेंट पर भरोसा रखते हैं। छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव से परेशान नहीं होते हैं।

​टर्नअराउंड और हिट प्रोडक्ट पहचानेंImage Credit : Canva06 / 07

​टर्नअराउंड और हिट प्रोडक्ट पहचानें

केडिया कहते हैं कि फिल्म हिट होगी या नहीं, इसका ट्रेलर पहले दिखता है। इसके साथ ही कहते हैं वे हमेशा ऐसे खिलाड़ियों पर दांव लगाते हैं, जिनका प्रदर्शन शानदार रहा है, लेकिन फिलहाल किसी चोट से उबरते हुए दिख रहे हैं।

​वैल्यूएशन नहीं, ग्रोथ देखेंImage Credit : Canva07 / 07

​वैल्यूएशन नहीं, ग्रोथ देखें

केडिया कहते हैं कि PE या PB जैसे रेशियो से ज्यादा जरूरी है कंपनी का भविष्य। अगर बाजार बड़ा है और कंपनी बढ़ सकती है, तो वही मल्टीबैगर बनती है।

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