अगर हर महीने कमाते हैं इतने रुपये, तो इन शहरों में आप भी हैं अमीर!

मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु या गुरुग्राम जैसे बड़े महानगरों में आज के समय में रहना बेहद महंगा हो चुका है। ऐसे में महीने के ₹2 से ₹3 लाख कमाने वाला इंसान भी खुद को मिडिल क्लास ही समझता है। इसी समस्या को देखते हुए गुडवर्क्स ग्रुप के सीईओ विश्वास मुदगल ने भारत के छोटे और तेजी से बढ़ते शहरों (Tier-2 Cities) में एक 'अमीर और रॉयल लाइफस्टाइल' जीने का पूरा गणित साझा किया है।

Authored by: रिचा त्रिपाठीUpdated May 16 2026, 14:35 IST
अगर आप भारत के किसी भी अच्छे टियर-2 शहर में रह रहे हैं और आपकी मासिक सैलरी ₹1 लाख है, तो आप एक बहुत ही सुरक्षित और तनावमुक्त जीवन (Comfortable Life) जी सकते हैं। इस बजट में आपके घर का खर्च, अच्छा खाना-पीना, बच्चों की सामान्य शिक्षा और थोड़ी-बहुत बचत बहुत आसानी से हो जाती है। हालांकि, यह रकम आपको बुनियादी आराम तो दे सकती है, लेकिन इसे पूरी तरह से 'अमीर या रईस' लाइफस्टाइल नहीं कहा जा सकता।01 / 07

अगर आप भारत के किसी भी अच्छे टियर-2 शहर में रह रहे हैं और आपकी मासिक सैलरी ₹1 लाख है, तो आप एक बहुत ही सुरक्षित और तनावमुक्त जीवन (Comfortable Life) जी सकते हैं। इस बजट में आपके घर का खर्च, अच्छा खाना-पीना, बच्चों की सामान्य शिक्षा और थोड़ी-बहुत बचत बहुत आसानी से हो जाती है। हालांकि, यह रकम आपको बुनियादी आराम तो दे सकती है, लेकिन इसे पूरी तरह से 'अमीर या रईस' लाइफस्टाइल नहीं कहा जा सकता।

आपकी चाहत सिर्फ सामान्य जीवन जीने की नहीं है, बल्कि आप वास्तविक 'लाइफस्टाइल फ्रीडम' (Lifestyle Freedom) चाहते हैं जैसे शहर के सबसे पॉश इलाके में आलीशान घर, लग्जरी गाड़ियां, महंगे ब्रांड्स की शॉपिंग, बिना बजट की चिंता किए घूमना-फिरना और प्रीमियम रेस्टोरेंट्स में डिनर तो आपको टियर-2 शहरों में हर महीने कम से कम ₹1.5 लाख से ₹2.5 लाख के बीच कमाने की जरूरत होगी।Image Credit : Canva02 / 07

आपकी चाहत सिर्फ सामान्य जीवन जीने की नहीं है, बल्कि आप वास्तविक 'लाइफस्टाइल फ्रीडम' (Lifestyle Freedom) चाहते हैं जैसे शहर के सबसे पॉश इलाके में आलीशान घर, लग्जरी गाड़ियां, महंगे ब्रांड्स की शॉपिंग, बिना बजट की चिंता किए घूमना-फिरना और प्रीमियम रेस्टोरेंट्स में डिनर तो आपको टियर-2 शहरों में हर महीने कम से कम ₹1.5 लाख से ₹2.5 लाख के बीच कमाने की जरूरत होगी।

मध्य प्रदेश का इंदौर शहर आज न सिर्फ भारत का सबसे स्वच्छ शहर है, बल्कि यह एक बड़ा आईटी और स्टार्टअप हब भी बन चुका है। विश्वास मुदगल के मुताबिक, अगर आप इंदौर के विजय नगर जैसे किसी पॉश इलाके में एक प्रीमियम फ्लैट, लग्जरी कार और हाई-एंड लाइफस्टाइल का आनंद लेना चाहते हैं, तो आपकी मासिक आय ₹1.5 लाख से ₹2 लाख के बीच होनी चाहिए। इतने बजट में आप इंदौर में बेहद रईस जिंदगी जी सकते हैं।Image Credit : Canva03 / 07

मध्य प्रदेश का इंदौर शहर आज न सिर्फ भारत का सबसे स्वच्छ शहर है, बल्कि यह एक बड़ा आईटी और स्टार्टअप हब भी बन चुका है। विश्वास मुदगल के मुताबिक, अगर आप इंदौर के विजय नगर जैसे किसी पॉश इलाके में एक प्रीमियम फ्लैट, लग्जरी कार और हाई-एंड लाइफस्टाइल का आनंद लेना चाहते हैं, तो आपकी मासिक आय ₹1.5 लाख से ₹2 लाख के बीच होनी चाहिए। इतने बजट में आप इंदौर में बेहद रईस जिंदगी जी सकते हैं।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और राजस्थान की राजधानी जयपुर दोनों ही अपनी समृद्ध संस्कृति और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जाने जाते हैं। लखनऊ में प्राइवेट क्लब्स की मेंबरशिप और घर पर सपोर्ट स्टाफ के साथ रहने के लिए ₹1.25 लाख से ₹2 लाख की सैलरी काफी है। वहीं, जयपुर के प्रीमियम कैफे, गोल्फ क्लब और खुली जगहों का लुत्फ उठाने और एक अपर-क्लास लाइफस्टाइल मेंटेन करने के लिए हर महीने ₹1.75 लाख से ₹2.25 लाख की जरूरत होती है।Image Credit : Canva04 / 07

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और राजस्थान की राजधानी जयपुर दोनों ही अपनी समृद्ध संस्कृति और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जाने जाते हैं। लखनऊ में प्राइवेट क्लब्स की मेंबरशिप और घर पर सपोर्ट स्टाफ के साथ रहने के लिए ₹1.25 लाख से ₹2 लाख की सैलरी काफी है। वहीं, जयपुर के प्रीमियम कैफे, गोल्फ क्लब और खुली जगहों का लुत्फ उठाने और एक अपर-क्लास लाइफस्टाइल मेंटेन करने के लिए हर महीने ₹1.75 लाख से ₹2.25 लाख की जरूरत होती है।

कर्नाटक के शांत और ऐतिहासिक शहर मैसूरु (Mysuru) में रहने का खर्च महानगरों के मुकाबले बहुत कम है, लेकिन वहां सुख-सुविधाएं शानदार हैं। अगर आप मैसूरु में हर महीने ₹1.5 लाख से ₹2 लाख कमा रहे हैं, तो आपकी क्रय शक्ति इतनी ज्यादा होगी कि आप वहां के 'मरण महाराजा' (असल राजा-महाराजाओं) जैसी ठाठ-बाट वाली जिंदगी का अनुभव कर सकते हैं।Image Credit : Canva05 / 07

कर्नाटक के शांत और ऐतिहासिक शहर मैसूरु (Mysuru) में रहने का खर्च महानगरों के मुकाबले बहुत कम है, लेकिन वहां सुख-सुविधाएं शानदार हैं। अगर आप मैसूरु में हर महीने ₹1.5 लाख से ₹2 लाख कमा रहे हैं, तो आपकी क्रय शक्ति इतनी ज्यादा होगी कि आप वहां के 'मरण महाराजा' (असल राजा-महाराजाओं) जैसी ठाठ-बाट वाली जिंदगी का अनुभव कर सकते हैं।

टियर-2 शहरों जैसे नागपुर, कोयंबटूर या भुवनेश्वर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यहां आपके पैसे की वैल्यू बहुत बढ़ जाती है। इन शहरों में जो लाइफस्टाइल आप ₹1.5 लाख महीने में हासिल कर सकते हैं, वैसी ही लग्जरी जिंदगी जीने के लिए आपको मुंबई या बेंगलुरु जैसे महानगरों में कम से कम ₹4 से ₹5 लाख प्रति माह खर्च करने पड़ेंगे। यानी छोटे शहरों में कम सैलरी में भी आप ज्यादा रईसी दिखा सकते हैं।Image Credit : Canva06 / 07

टियर-2 शहरों जैसे नागपुर, कोयंबटूर या भुवनेश्वर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यहां आपके पैसे की वैल्यू बहुत बढ़ जाती है। इन शहरों में जो लाइफस्टाइल आप ₹1.5 लाख महीने में हासिल कर सकते हैं, वैसी ही लग्जरी जिंदगी जीने के लिए आपको मुंबई या बेंगलुरु जैसे महानगरों में कम से कम ₹4 से ₹5 लाख प्रति माह खर्च करने पड़ेंगे। यानी छोटे शहरों में कम सैलरी में भी आप ज्यादा रईसी दिखा सकते हैं।

छोटे शहरों में अमीर होने का मतलब सिर्फ बैंक बैलेंस से नहीं है, बल्कि यह जीवन की गुणवत्ता (Quality of Life) से जुड़ा है। महानगरों में लोग पैसे कमाने की होड़ में भयंकर ट्रैफिक, प्रदूषण और मानसिक तनाव का शिकार होकर 'बर्नआउट' हो जाते हैं। इसके विपरीत, टियर-2 शहर आपको कम खर्च में बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस, खुली हवा, परिवार के लिए समय और मानसिक सुकून देते हैं, जो आज के समय में असली अमीरी है।Image Credit : Canva07 / 07

छोटे शहरों में अमीर होने का मतलब सिर्फ बैंक बैलेंस से नहीं है, बल्कि यह जीवन की गुणवत्ता (Quality of Life) से जुड़ा है। महानगरों में लोग पैसे कमाने की होड़ में भयंकर ट्रैफिक, प्रदूषण और मानसिक तनाव का शिकार होकर 'बर्नआउट' हो जाते हैं। इसके विपरीत, टियर-2 शहर आपको कम खर्च में बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस, खुली हवा, परिवार के लिए समय और मानसिक सुकून देते हैं, जो आज के समय में असली अमीरी है।

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