​अनिल अंबानी को बड़ी राहत! बेटे जय अनमोल के पक्ष में दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनाया अहम फैसला​

​Anil Ambani News: दिल्ली हाईकोर्ट ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank) के एक बड़े फैसले को रद्द कर दिया। बैंक ने उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल अंबानी (Jay Anmol Ambani) की कंपनी के बैंक खाते को “धोखाधड़ी खाता” (Fraud Account Tag) घोषित कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा कि यह फैसला सही प्रक्रिया अपनाए बिना लिया गया था, इसलिए इसे रद्द किया जाता है। यहां जानिए पूरा मामला।​

Authored by: रामानुज सिंहUpdated Dec 20 2025, 09:57 IST
​नोटिस न मिलने को बताया गया मुख्य कारण​Image Credit : PTI01 / 07

​नोटिस न मिलने को बताया गया मुख्य कारण​

कोर्ट ने पाया कि जय अनमोल अंबानी को बैंक की ओर से कोई वैध कारण बताओ नोटिस नहीं दिया गया था। बैंक ने नोटिस उस पते पर भेजा था, जिसे कंपनी साल 2020 में ही छोड़ चुकी थी। ऐसे में यह नहीं माना जा सकता कि नोटिस सही तरीके से तामील हुआ था।

​कोर्ट की टिप्पणी​Image Credit : PTI02 / 07

​कोर्ट की टिप्पणी​

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक इस मामले की सुनवाई कर रहीं न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने अपने आदेश में साफ कहा कि किसी भी खाते को धोखाधड़ी वाला घोषित करने से पहले संबंधित व्यक्ति को नोटिस देना और उसका जवाब सुनना जरूरी है। चूंकि यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, इसलिए बैंक का फैसला कानूनन गलत है।

​खाते की धोखाधड़ी वाली घोषणा रद्द​Image Credit : PTI03 / 07

​खाते की धोखाधड़ी वाली घोषणा रद्द​

न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि बिना नोटिस दिए खाते को धोखाधड़ी घोषित करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। इसी आधार पर कोर्ट ने यूनियन बैंक द्वारा खाते को धोखाधड़ी वाला घोषित करने के आदेश को रद्द कर दिया।

​बैंक को दोबारा कार्रवाई की अनुमति​Image Credit : PTI04 / 07

​बैंक को दोबारा कार्रवाई की अनुमति​

हालांकि कोर्ट ने यह भी साफ किया कि उसका यह आदेश बैंक को भविष्य में कार्रवाई करने से नहीं रोकता। यूनियन बैंक चाहें तो जय अनमोल अंबानी को नया नोटिस जारी कर सकता है और नियमों के अनुसार दोबारा पूरी प्रक्रिया शुरू कर सकता है।

​सभी दस्तावेज देने का निर्देश​Image Credit : PTI05 / 07

​सभी दस्तावेज देने का निर्देश​

कोर्ट ने कहा कि अगर बैंक नया नोटिस जारी करता है, तो उसे इस मामले से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज जय अनमोल अंबानी को देने होंगे। इसके बाद उन्हें अपना पक्ष रखने और जवाब दाखिल करने का पूरा मौका दिया जाना चाहिए। जवाब मिलने के बाद ही बैंक कोई नया फैसला ले सकता है।

​याचिका में क्या आरोप लगाए गए थे​Image Credit : PTI06 / 07

​याचिका में क्या आरोप लगाए गए थे​

जय अनमोल अंबानी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि यूनियन बैंक ने अक्टूबर में बिना किसी सूचना और सुनवाई के उनके खाते को धोखाधड़ी वाला घोषित कर दिया। उन्होंने इसे न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन बताया और कोर्ट से इस फैसले को रद्द करने की मांग की थी।

​सीबीआई केस और कर्ज का मामला​Image Credit : PTI07 / 07

​सीबीआई केस और कर्ज का मामला​

इस पूरे मामले से जुड़ा एक और अहम पहलू यह है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने जय अनमोल अंबानी और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि इस कंपनी ने यूनियन बैंक (तत्कालीन आंध्रा बैंक) को लगभग 228 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया। शिकायत के अनुसार, कंपनी ने मुंबई की एससीएफ शाखा से 450 करोड़ रुपये तक की कर्ज सीमा ली थी। कर्ज की किश्तें समय पर न चुकाने के कारण 30 सितंबर 2019 को इस खाते को एनपीए यानी गैर-निष्पादित परिसंपत्ति घोषित कर दिया गया था।

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