बिहार के टॉप 7 इंटरप्रेन्योर, खड़े किए अरबों डॉलर के साम्राज्य, जानें क्या-क्या करते हैं काम

Bihar Entrepreneurs Success Stories: बिहार से कई ऐसे लोग सामने आए हैं जिन्होंने अपने दम पर बड़ी सफलता हासिल की है। इनमें से अधिकतर लोग साधारण या मध्यमवर्गीय परिवारों से आए थे। कुछ छोटे शहरों या गांवों से शुरू करके उन्होंने अपने जीवन को नई दिशा दी। इन लोगों के पास पहले कोई बड़ा कारोबार या पारिवारिक बिजनेस नहीं था, लेकिन उन्होंने मेहनत, लगन और सही सोच के साथ अपने सपनों को आगे बढ़ाया। धीरे-धीरे उन्होंने छोटे स्तर से काम शुरू किया और उसे बड़ा बनाते हुए पूरे भारत और विदेशों तक अपने कारोबार का विस्तार किया। आइए जानते हैं बिहार के 7 बड़े उद्योगपति के बारे में। इन सभी उद्योगपतियों की कहानियां यह दिखाती हैं कि छोटे स्तर से शुरू करके भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं। मेहनत, लगन और सही दिशा में काम करने से कोई भी व्यक्ति सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।

Authored by: रामानुज सिंहUpdated May 14 2026, 15:27 IST
​मेहनत से बने बड़े कारोबारी साम्राज्य​Image Credit : Istock01 / 08

​मेहनत से बने बड़े कारोबारी साम्राज्य​

इन सेल्फमेड उद्यमियों ने समय के साथ अपने बिजनेस को इतना मजबूत बनाया कि वे भारत की बड़ी कंपनियों में शामिल हो गए। उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों जैसे टेक्नोलॉजी, फार्मा, सिक्योरिटी, माइनिंग और सर्विस सेक्टर में अपनी पहचान बनाई। इन सभी की खास बात यह रही कि इन्होंने किसी बड़े पारिवारिक व्यापार के सहारे नहीं, बल्कि अपनी मेहनत और निर्णय क्षमता के दम पर सफलता हासिल की। आज ये उद्यमी इस बात का उदाहरण हैं कि अगर लगन और मेहनत हो तो कोई भी व्यक्ति साधारण शुरुआत से भी बड़ा कारोबारी बन सकता है।

​अनिल अग्रवाल: कबाड़ के छोटे व्यापार से अरबों की कंपनी तक​Image Credit : X02 / 08

​अनिल अग्रवाल: कबाड़ के छोटे व्यापार से अरबों की कंपनी तक​

अनिल अग्रवाल बिहार के पटना से जुड़े हुए एक प्रसिद्ध उद्योगपति हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बहुत ही छोटे स्तर पर स्क्रैप मेटल यानी कबाड़ के व्यापार से की थी। धीरे-धीरे उन्होंने अपने काम को बढ़ाया और आज उनकी कंपनी वेदांता रिसोर्सेज दुनिया की बड़ी माइनिंग और मेटल कंपनियों में शामिल है। यह कंपनी कई देशों में काम करती है और धातु एवं खनन के क्षेत्र में बड़ा नाम बन चुकी है। उनकी मेहनत और दूरदर्शिता के कारण उनकी संपत्ति अरबों डॉलर तक पहुंच चुकी है। उनकी संपत्ति का अनुमान 2 से 3 अरब अमेरिकी डॉलर के बीच लगाया गया है।

​सुब्रत रॉय: सहारा इंडिया की बड़ी पहचान​Image Credit : X03 / 08

​सुब्रत रॉय: सहारा इंडिया की बड़ी पहचान​

सुब्रत रॉय का जन्म बिहार के अररिया जिले में हुआ था। उन्होंने 1978 में सहारा इंडिया परिवार की शुरुआत की। शुरुआत में यह एक छोटा सा कारोबार था, लेकिन बाद में उन्होंने इसे एक बड़े बिजनेस समूह में बदल दिया। सहारा समूह ने फाइनेंस, रियल एस्टेट, मीडिया, हॉस्पिटैलिटी और एविएशन जैसे कई क्षेत्रों में काम किया। एक समय में यह भारत के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में से एक माना जाता था, जिसकी वैल्यू कई अरब डॉलर तक पहुंच गई थी।

​संजीव बिखचंदानी: नौकरी डॉट कॉम से डिजिटल क्रांति​Image Credit : X04 / 08

​संजीव बिखचंदानी: नौकरी डॉट कॉम से डिजिटल क्रांति​

संजीव बिखचंदानी का संबंध भी बिहार से माना जाता है। उन्होंने 1990 के दशक के अंत में नौकरी डॉट कॉम की शुरुआत की। यह भारत की पहली बड़ी ऑनलाइन जॉब पोर्टल कंपनियों में से एक थी। इसने देश में नौकरी खोजने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया। बाद में उनकी कंपनी ने कई स्टार्टअप्स में निवेश भी किया और इंटरनेट आधारित कारोबार में मजबूत पहचान बनाई। आज उनकी संपत्ति भी अरबों डॉलर में आंकी जाती है। उनकी कुल संपत्ति 2 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है।

​आर.के. सिन्हा: सुरक्षा सेवाओं में बड़ा नाम​Image Credit : X05 / 08

​आर.के. सिन्हा: सुरक्षा सेवाओं में बड़ा नाम​

रविंद्र किशोर सिन्हा यानी आर.के. सिन्हा बिहार से जुड़े एक सफल उद्योगपति हैं। उन्होंने सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज (SIS) की शुरुआत की। शुरुआत में यह एक छोटा सुरक्षा सेवा व्यवसाय था, लेकिन धीरे-धीरे यह एशिया की सबसे बड़ी प्राइवेट सिक्योरिटी कंपनियों में से एक बन गया। आज SIS कई बड़े संस्थानों और कंपनियों को सुरक्षा सेवाएं प्रदान करती है और इसका कारोबार बहुत बड़ा हो चुका है। अनुमान है कि उनके पास 1 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की संपत्ति है।

​समप्रदा सिंह: फार्मा उद्योग के मजबूत स्तंभ​Image Credit : X06 / 08

​समप्रदा सिंह: फार्मा उद्योग के मजबूत स्तंभ​

समप्रदा सिंह बिहार के एक प्रसिद्ध उद्यमी थे। उन्होंने अल्केम लेबोरेटरीज की सह-स्थापना की। यह कंपनी आज भारत की प्रमुख फार्मा कंपनियों में शामिल है और देश-विदेश में दवाइयों का उत्पादन और सप्लाई करती है। उनकी मेहनत और नेतृत्व के कारण कंपनी ने दवा उद्योग में मजबूत जगह बनाई। उनके परिवार की संपत्ति भी अरबों डॉलर के आसपास आंकी गई है। उनके पारिवारिक धन का मूल्य लगभग 3 अरब अमेरिकी डॉलर आंका गया है।

​महेंद्र प्रसाद: स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा योगदान​Image Credit : X07 / 08

​महेंद्र प्रसाद: स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा योगदान​

महेंद्र प्रसाद को अरिस्टो फार्मास्यूटिकल्स के संस्थापक के रूप में जाना जाता है। उन्होंने स्वास्थ्य और दवा क्षेत्र में अपनी कंपनी के जरिए बड़ा योगदान दिया। उनकी कंपनी धीरे-धीरे बढ़ती गई और भारतीय फार्मा उद्योग में एक महत्वपूर्ण नाम बन गई। उनका कारोबार देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक फैला हुआ है और इसकी वैल्यू भी करोड़ों-अरबों के बीच मानी जाती है।

​राजेंद्र अग्रवाल: तेजी से बढ़ती फार्मा कंपनी के निर्माता​Image Credit : X08 / 08

​राजेंद्र अग्रवाल: तेजी से बढ़ती फार्मा कंपनी के निर्माता​

राजेंद्र अग्रवाल बिहार से जुड़े एक और सफल उद्योगपति हैं। उन्होंने मैकलॉड्स फार्मास्यूटिकल्स को एक मजबूत और तेजी से बढ़ने वाली कंपनी के रूप में स्थापित किया। यह कंपनी आज भारत की सबसे तेजी से बढ़ती दवा कंपनियों में से एक है और इसका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ा कारोबार है। उनकी मेहनत और रणनीति ने कंपनी को वैश्विक पहचान दिलाई। उनकी संपत्ति का अनुमान 1 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है।

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