बॉलीवुड के शहंशाह अभिनेता अमिताभ बच्चन ने हाल ही में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और फ्रांस की Dassault Aviation के बीच साझेदारी का जश्न मनाया। दोनों कंपनियां मिलकर भारत के नागपुर में फाल्कन 2000 बिजनेस जेट्स का निर्माण करेंगी। अमिताभ ने इस सहयोग की घोषणा अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट पर साझा करते हुए लिखा, “एक गर्व का पल.. बधाई हो… जय हिंद।”
Dassault कंपनी नागपुर में फाल्कन 2000 जेट्स की अंतिम असेंबली लाइन स्थापित करेगी। यह पहली बार होगा जब ये जेट्स फ्रांस के बाहर बनाए जाएंगे। कंपनी का लक्ष्य 2028 तक भारत में बने पहले जेट्स को कॉर्पोरेट और मिलिट्री सेक्टर में डिलीवर करना है। यह पहला मौका है जब Dassault अपने Falcon विमान को फ्रांस के बाहर असेंबल करेगा। भारत अब अमेरिका, फ्रांस, कनाडा और ब्राजील के साथ उन देशों के विशेष ग्रुप में शामिल हो गया है, जो वैश्विक बाजारों के लिए बिजनेस जेट्स का उत्पादन करते हैं।
पहला भारत में निर्मित Falcon 2000 जेट 2028 तक उड़ान भरने के लिए तैयार होगा, जो कॉर्पोरेट और मिलिट्री दोनों यूजर्स के लिए होगा। इस डील के बाद रिलायंस इंफ्रा के शेयर बुधवार को बीएसई पर 386.05 रुपये प्रति शेयर पर 5 प्रतिशत बढ़कर कारोबार कर रहे थे।
यह घोषणा पेरिस एयर शो में की गई जिसमें Dassault Reliance Aerospace Limited (DRAL) के नागपुर, महाराष्ट्र में अंतिम असेंबली लाइन स्थापित करने की योजना शामिल है। यह सुविधा Falcon सीरीज के लिए एक वैश्विक उत्कृष्टता केंद्र बन जाएगी, जिसमें भविष्य में Falcon 6X और Falcon 8X जेट्स के असेंबली प्रोग्राम भी शामिल होंगे।
रिलायंस ग्रुप के फाउंडर चेयरमैन अनिल अंबानी और Dassault Aviation के चेयरमैन एवं सीईओ एरिक ट्रैपियर ने कहा कि यह समझौता फ्रांसीसी कंपनी की ‘मेक इन इंडिया’ प्रतिबद्धताओं को दर्शाता है। अंबानी ने कहा कि यह साझेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ विजन का सशक्त प्रमाण है।"
इस साझेदारी में Falcon 2000 के फ्यूजलेज, विंग्स, और फ्रंट सेक्शन के असेंबली सहित Falcon 8X और Falcon 6X के फ्रंट फ्यूजलेज के उत्पादन की प्रक्रिया DRAL को ट्रांसफर की जाएगी। Dassault अपने असेंबली लाइन के लिए सुविधाओं का उन्नयन भी करेगा। DRAL, जो 2017 में गठित एक संयुक्त उद्यम है, नागपुर के मिहान सुविधा से अब तक 100 से अधिक Falcon 2000 उप-सेक्शन प्रदान कर चुका है। नई असेंबली लाइन से इसकी क्षमता काफी बढ़ेगी और अगले 10 वर्षों में कई सैकड़ों इंजीनियरों और तकनीशियनों की भर्ती की जाएगी।
पिछले सप्ताह रिलायंस डिफेंस, जो रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की सहायक कंपनी है। उसने जर्मनी की Diehl Defence के साथ 10,000 करोड़ रुपये का समझौता किया। यह साझेदारी Vulcano 155mm प्रिसिजन-गाइडेड म्यूनीशन सिस्टम के स्थानीय उत्पादन पर केंद्रित होगी, जो एक उन्नत आर्टिलरी शेल है और लंबी दूरी तथा उच्च सटीकता वाले हमलों के लिए डिजाइन किया गया है।