बहुत कम उम्र में बिजनेस शुरू करने वाले सिवा ने पहले कंप्यूटर हार्डवेयर में हाथ आजमाया। तरक्की करते-करते उन्होंने स्टेर्लिंग कंप्यूटर्स लिमिटेड (STC) शुरू की। ये 1990 के दशक में भारत की टॉप कंप्यूटर कंपनियों में शामिल हो गयी थी।
फिर 1999 में उन्होंने शुरू की एयरसेल (Aircel), जो दक्षिण भारत में छा गई। बेहद कम समय में करोड़ों कस्टमर्स को जोड़ने वाली एयरसेल जल्द ही भारत की बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में शामिल हो गयी।
सिवा ने एयरसेल की 74% हिस्सेदारी मैक्सिस कम्युनिकेशंस (मलेशिया) को बेची, जो कि काफी विवाद वाली डील रही। फिर 2G स्पेक्ट्रम घोटाले में एयरसेल का नाम आ गया। यहीं से सिवा के बुरे दिन शुरू हो गए।
रिपोर्ट्स के अनुसार 2018 में एयरसेल ने दिवालिया होने के लिए आवेदन किया। सिवा पर कर्ज हो गया और वे कानूनी मामलों में उलझ गए। इस सबमें सिवा को 7,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
एक समय सिवा की नेटवर्थ 4 अरब डॉलर (आज के हिसाब से 34000 करोड़ रु से ज्यादा) थी। मगर उन्हें काफी नुकसान हुआ। पर उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप की एक किताब पढ़ी, जिससे उन्हें काफी प्रेरणा मिली और वे खुद को फिर से अरबपति बनाने पर काम कर रहे हैं।
सिवा के पास सेशेल्स में दो द्वीप, अमेरिका, कनाडा और लंदन में घर, चेन्नई में 524 करोड़ का मेंशन और कैलिफोर्निया में 14 एकड़ की प्रॉपर्टी भी थी। मगर उनका चेन्नई वाला घर तोड़ दिया गया। अब वे कुछ मामलों में कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।