आपको याद दिला दें कि इसी साल मार्च में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने FASTag वॉलेट से गलत कटौती करने वाले टोल ऑपरेटरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। रिपोर्ट के अनुसार, हाईवे अथॉरिटी की टोल मैनेजमेंट इकाई Indian Highway Management Company Limited (IHMCL) ने करीब 250 मामलों में प्रति उल्लंघन ₹1 लाख का जुर्माना लगाया था।
इस कार्रवाई का बड़ा असर देखने को मिला है और गलत कटौती के मामलों में करीब 70% तक की कमी दर्ज की गई थी, लेकिन फिर से वही हालत है। देशभर की राष्ट्रीय राजमार्गों पर हर महीने लगभग 30 करोड़ FASTag लेनदेन होते हैं, जबकि वर्तमान में केवल 50 सही शिकायतें हर महीने दर्ज हो रही हैं।
गलत FASTag कटौती तब होती है जब वाहन मालिक के FASTag खाते से बिना कारण या गलत तरीके से पैसा काट लिया जाता है। इसके प्रमुख कारणों में गलत वाहन डिटेक्शन, डबल डिडक्शन (दो बार पैसा कटना), गलत टोल राशि कटना, टोल पार न करने के बावजूद पैसा कट जाना, ऐसे मामले सिस्टम गड़बड़ी, टोल स्टाफ द्वारा गलत एंट्री या तकनीकी समस्या के कारण हो सकते हैं।
IHMCL अधिकारी के अनुसार, ग्राहक शिकायत दर्ज करके रिफंड ले सकते हैं। इसके लिए 1033 पर कॉल करें। इसके अलावा falsededuction@ihmcl.com पर ईमेल करें। शिकायत वेरिफाई होने पर तुरंत चार्जबैक जारी किया जाता है और संबंधित टोल ऑपरेटर पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया जाता है।
ट्रांजैक्शन आईडी, कटौती की तारीख और समय, वाहन नंबर, संबंधित दस्तावेज (यदि उपलब्ध हों), पेमेंट कटने का मैसेज आदि जैसी जानकारी आप शिकायत करते समय आप दे सकते हैं।
अब एक सवाल यह है कि टोल टैक्स गलत क्यों कट रहा है तो इसमें वाहन नंबर गलत एंट्री, तकनीकी खराबी, FASTag का गलत या खराब प्लेसमेंट, कम बैलेंस की स्थिति, एक वाहन पर एक से अधिक FASTag सक्रिय होना जैसी चीजें शामिल हो सकती हैं।
वाहन नंबर सही तरीके से रजिस्टर्ड रखें, FASTag ट्रांजैक्शन हिस्ट्री नियमित चेक करें, गलत चार्ज या संदेहास्पद ट्रांजैक्शन तुरंत रिपोर्ट करें। अगर FASTag क्लोनिंग या धोखाधड़ी का शक हो तो नया टैग जारी करवाएं।