मुजफ्फरपुर में पुलिसकर्मियों पर फूटा बाढ़ पीड़ितों का गुस्सा, लाठी और पत्थरों से किया हमला

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 7, 2020, 04:57 PM IST

बिहार में बाढ़ पीड़ितों का गुस्सा पुलिसकर्मियों पर फूट पड़ा। उन्होंने लाठी और पत्थरों से पुलिस की टीम पर हमला बोल दिया।

मुजफ्फरपुर में पुलिसकर्मियों पर फूटा बाढ़ पीड़ितों का गुस्सा, लाठी और पत्थरों से किया हमला

नई दिल्ली : बिहार के अधिकतर जिलों में बाढ़ के कारण बदतर हालात हैं। लाखों की संख्या में इससे लोग प्रभावित हुए हैं। बड़ी संख्या में लोग बेघर हो गए हैं जिन्हें राहत कैंपों में रहना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से लगातार राहत व बचाव कार्य जारी है। 

हालांकि इससे हालात में सुधार होने के आसार बहुत कम ही नजर आ रहे हैं। यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोगों का गुस्सा बुधवार को पुलिस पर उतर गया। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पड़ताल करने आई सकरा थाने की पुलिस की एक टीम पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।

एनएच 28 किया जाम

स्थानीय लोगों ने नेशनल हाईवे-28 को जाम कर दिया और पुलिसकर्मियों पर लाठी और पत्थर से हमला करने लगे। इस हमले में 3 पुलिसकर्मी घायल हो गए जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इस संबंध में 12 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मीडिया से बात करते हुए मुजफ्फरपुर के एसएसपी जयंत कांत ने बताया कि जब पुलिस की टीम वहां पहुंची तो स्थानीय लोगों ने सकरा पुलिस थाने की सीमा सड़क को ब्लॉक कर चुके थे। उन्होंने पुलिस की टीम पर लाठी और पत्थरों से हमला किया। इनमें 3 पुलिसकर्मी गंभीर रुप से घायल हुए हैं। घटना में 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

बिहार की सभी नदियां उफान पर

बता दें कि बिहार की सभी प्रमुख नदियों में उफान जारी है। इस बीच बाढ़ के कारण राज्य के 16 जिलों की 69 लाख की आबादी प्रभावित हो चुकी है। बाढ़ के कारण अब तक 21 लोगों की मौत हो गई है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। इधर, राज्य सरकार भी बाढ़ पीड़ित परिवारों के बैंक खाते में 6000 रुपये पहुंचाकर आर्थिक मदद देने में जुटी हुई है।

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, राज्य के 16 जिलों के कुल 124 प्रखंडों की 1,185 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हुई हैं। इन क्षेत्रों में करीब 69 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है।

चलाए जा रहे 1,402 सामुदायिक रसोईघर

आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव रामचंद्र डू ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में 8 राहत शिविर खोले गए हैं, जहां 12 हजार से ज्यादा लोग रह रहे हैं। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित इलाकों में कुल 1,402 सामुदायिक रसोईघर चलाए जा रहे हैं, जिसमें प्रतिदिन करीब दस लाख लोग भोजन कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि बाढ़ के दौरान अलग-अलग इलाकों में हुईं विभिन्न घटनाओं में 21 लोगों की मौत हुई है। इनमें सबसे अधिक सात लोगों की मौत दरभंगा जिले में तथा छह लोगों की मौत मुजफ्फरपुर जिले में हुई है। इस बीच 23 पालतू पशु की भी मौत हो गई है।

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