रेल मंत्री ने मुंबई की Local Train में किया सफर, स्टेशन के बाहर लिया ‘वड़ा पाव' का आनंद

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 18, 2022, 04:32 PM IST

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को मुंबई की लाईफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन में सफर किया। इस दौरान उन्होंने स्टेशन के बाहर बड़ा पाव का भी आनंद लिया।

रेल मंत्री ने मुंबई की Local Train में किया सफर, स्टेशन के बाहर लिया ‘वड़ा पाव' का आनंद
Photo Credit: Twitter

मुंबई: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क के ठाणे और दिवा स्टेशनों के बीच दो अतिरिक्त रेलवे लाइन के निरीक्षण के लिए एक लोकल ट्रेन से यात्रा की और दौरे के दौरान स्टेशन के बाहर एक भोजनालय में ‘वड़ा पाव’ खाया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। वैष्णव शुक्रवार सुबह एक कार्यक्रम के लिए पहुंचे, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ठाणे और दिवा को जोड़ने वाली नव-निर्मित रेलवे लाइन का डिजिटल तरीके से उद्घाटन करने वाले हैं। प्रधानमंत्री दो उपनगरीय ट्रेनों को भी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

लोकल ट्रेन में किया सफर

रेल मंत्री अपराह्न करीब एक बजे ठाणे स्टेशन पर मध्य रेलवे द्वारा संचालित लोकल ट्रेन में सवार हुए और दिवा स्टेशन तक गए। द्वितीय श्रेणी के डिब्बे में यात्रा करने के दौरान और दिवा स्टेशन पर भी मंत्री ने यात्रियों के साथ बात की। वैष्णव के साथ लोकल ट्रेन में रेल राज्य मंत्री रावसाहेब दानवे, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वी के त्रिपाठी और अन्य अधिकारी भी थे। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि दिवा स्टेशन पर कुछ देर के कार्यक्रम के बाद वे एक विशेष निरीक्षण कोच से ठाणे लौट गए। अधिकारियों ने बताया कि वैष्णव ने ठाणे रेलवे स्टेशन के बाहर सड़क किनारे एक स्टॉल पर ‘वड़ा पाव’ खाया और चाय पी।

उमड़ी लोगों की भीड़

इस बीच, दिवा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-एक पर अफरा-तफरी मच गई, क्योंकि उस कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए, जिसमें मंत्रियों ने हिस्सा लिया। यात्रियों ने बाद में शिकायत की कि वे अधिक भीड़ के कारण ट्रेन में सवार नहीं हो पाए, जबकि कुछ अन्य ने कहा कि वे ट्रेन से उतर नहीं पाए। उपनगरीय लोकल ट्रेनों को मुंबई की जीवन रेखा माना जाता है। कोविड-19 महामारी की वजह से यात्रा प्रतिबंधों के चलते वर्तमान में करीब 60 लाख यात्री रोजाना उपनगरीय ट्रेनों का उपयोग करते हैं। हालांकि, महामारी से पहले उपनगरीय ट्रेनों के जरिए 75 लाख से अधिक यात्री यात्रा करते थे।

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