Mumbai Fish Dead: बाणगंगा टैंक में बड़ी संख्या में मिलीं मृत मछलियां, जांच में जुटा मत्स्य विभाग

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 22, 2022, 10:33 PM IST

Mumbai Fish Dead: मुंबई के मालाबार हिल्स इलाके के एक टैंक में भारी संख्या में मिली मृत मछलियों की खबर ने हड़कंप मचा दिया है। मत्स्य विभाग ने मौके से कई तरह के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। 

Mumbai Fish Dead: बाणगंगा टैंक में बड़ी संख्या में मिलीं मृत मछलियां, जांच में जुटा मत्स्य विभाग
Photo Credit: ANI

Mumbai Fish Dead: शहर के मालाबार हिल्स इलाके के बाणगंगा टैंक में बड़ी संख्या में रहस्यमय तरीके से काफी ज्यादा संख्या में मछली मरी हुई मिली हैं। सभी मरी हुई मछलियां टैंक के पानी के ऊपर तैरती हुई नजर आईं। सूचना मिलते ही मत्स्य विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। इस मामले में अधिकारियों का मानना है कि, ऑक्सीजन की कमी इन मछलियों की मौत के पीछे का कारण हो सकती है। विभाग के अधिकारियों ने मौके से जिंदी और मरी, दोनों तरह की मछलियों के सैंपल ले लिए हैं। 

स्थानीय लोगों का कहना है कि, बुधवार को उन्होंने टैंक में कुछ मछलियों को मरा हुआ देखा तो सीधा बीएमसी को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद बीएमसी के कर्मचारी पहुंचे और उन्होंने टैंक से सभी मरी हुई मछलियों को निकालना शुरू किया। टैंक से मरी मछलियों को निकालने का काम कर रहे बीएमसी के कर्मचारियों ने कहा कि, पिछले दो दिनों में करीब 20 से 25 क्विंटल मरी हुई मछलियों को अभी तक निकाला जा चुका है। बुधवार को कुछ स्थानीय लोगों ने हमें मृत मछली मिलने की सूचना दी थी। 

गौड़ सारस्वत ब्राह्मण ट्रस्ट का है टैंक

वहीं स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि, जिस टैंक में मछलियां मरी हुई मिलीं वह गौड़ सारस्वत ब्राह्मण ट्रस्ट का है और ट्रस्ट ही इस टैंक की देखभाल करता है। दूसरी ओर वहां मौजूद एक सुरक्षा गार्ड ने बताया कि, इससे पहले कभी ऐसी कोई घटना नहीं हुई है, जिसमें इतनी बड़ी संख्या में मछलियां मरी हों।

सूचना मिलते ही पहुंचे मत्स्य विभाग के अधिकारी
इस मामले की सूचना मिलते ही मत्स्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले को संज्ञान में लिया। मत्स्य विभाग ने मौके से मरी हुई मछलियों के सैंपल, जीवित मछलियों के सैंपल और साथ ही टैंक के पानी का भी सैंपल लिया। जांच के बाद ही मछलियों मरने का सही कारण बताया जाएगा। अभी इनके मरने की वजह ऑक्सीजन की कमी भी मानी जा रही है।

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