चाांदनी चौक (फाइल फोटो: canva)
दिल्ली के चांदनी चौक के व्यापारी जो पिछले कई महीनों से सीलिंग की मार झेल रहे थे, उनके लिए अब राहत की खबर आई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के हस्तक्षेप के बाद सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है, जिससे दिल्ली के व्यापारियों को उम्मीद की नई किरण दिखाई दी है। दरअसल, चांदनी चौक से सांसद और ऑल इंडिया ट्रेडर्स महासंघ (CAIT) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री से मुलाकात कर व्यापारियों की परेशानियों को सामने रखा था। व्यापारी लगातार सीलिंग कार्रवाई से परेशान थे और अपने व्यापार को लेकर असमंजस की स्थिति में थे।
खंडेलवाल की अपील पर मुख्यमंत्री ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और पूरे मामले को सुप्रीम कोर्ट में उठाने के निर्देश दिए। सोमवार को जब मामला अदालत के सामने आया, तो सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली नगर निगम अधिनियम (MCD Act) के तहत व्यापारियों के अधिकारों को मान्यता देते हुए 62 लंबित मामलों पर जल्द सुनवाई का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि सभी अपीलों पर 31 दिसंबर 2025 तक फैसला सुनाया जाए।
यह फैसला न सिर्फ व्यापारियों के लिए राहत लेकर आया, बल्कि सरकार और व्यापार समुदाय के बीच भरोसे की नई शुरुआत भी मानी जा रही है। व्यापारी संगठनों का कहना है कि सीएम रेखा गुप्ता ने जिस तेजी और संवेदनशीलता से इस मुद्दे पर कार्रवाई की, उससे दिल्ली के हजारों व्यापारियों को नया भरोसा मिला है।
प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, “अब वक्त आ गया है कि सीलिंग जैसे मुद्दों पर स्थायी समाधान निकाला जाए। व्यापारियों को हर बार डर और असमंजस में जीना पड़ता है, जो ठीक नहीं।” दिल्ली के पुराने बाजारों में अब यह उम्मीद बढ़ी है कि शायद इस बार प्रशासन और सरकार मिलकर कोई स्थायी रास्ता निकालेंगे।