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महिला या पुरुष किसकी याददाश्त होती है ज्यादा तेज? जानिए क्या कहती है इससे जुड़ी रिसर्च

कई बार दोस्तों या परिवार में यह बहस छिड़ जाती है कि महिलाओं की याददाश्त बेहतर होती है या पुरुषों की। वहीं याददाश्त का तेज होना आपकी जिंदगी के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। हालिया शोध में साबित हुआ है कि महिला और पुरुष दोनों की मानसिक क्षमता अलग-अलग होती हैं। आइए जानते हैं महिला या पुरुष किसकी याददाश्त कितनी होती है?

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Women or men Who has a sharper memory

याददाश्त यानी हमारी वह क्षमता जिससे हम बीती बातों, लोगों, तारीखों या घटनाओं को याद रखते हैं। रोजमर्रा की जिंदगी में इसकी अहम भूमिका होती है। अगर किसी व्यक्ति की याददाश्त कमजोर हो जाए तो साधारण से काम भी मुश्किल लगने लगते हैं। जैसे चाबियां कहाँ रखीं, कौन-सा काम अधूरा छोड़ा या किससे क्या बात की थी। इसलिए, स्वस्थ और मजबूत याददाश्त का होना जरूरी है। लोग कहते हैं महिलाएं सालगिरह और जन्मदिन नहीं भूलतीं, जबकि पुरुष इन तारीखों को अक्सर याद नहीं रख पाते। लेकिन क्या वाकई ऐसा है? हाल ही में हुई एक रिसर्च इस पर दिलचस्प तथ्य बताती है। आइए जानते हैं कि असल में महिलाओं या पुरुषों में से किसकी याददाश्त ज्यादा तेज होती है?

रिसर्च में क्या निकला नतीजा

लखनऊ के KGMU और PGI के एक्सपर्ट्स द्वारा की गई एक हालिया रिसर्च में चौंकाने वाला परिणाम सामने आया है। अध्ययन के मुताबिक, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में भूलने की आदत लगभग तीन गुना ज्यादा पाई गई। रिसर्च के मुताबिक हर 100 पुरुषों में से 13 को भूलने की समस्या थी। जबकि हर 100 महिलाओं में से 39 महिलाएं भूलने की परेशानी से जूझ रही थीं। यह परिणाम साफ दिखाता है कि महिलाओं में भूलने की समस्या अधिक आम है।

महिलाओं में भूलने की मुख्य वजहें

रिसर्च के अनुसार, महिलाओं में भूलने की आदत के पीछे कई प्रमुख कारण पाए गए।

तनाव (Stress)

महिलाएं अक्सर घर, परिवार और काम के बीच संतुलन बनाते हुए ज्यादा मानसिक तनाव झेलती हैं। लगातार तनाव मस्तिष्क की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है और याददाश्त कमजोर करता है।

खाने-पीने की लापरवाही

डाइट में जरूरी पोषक तत्वों की कमी दिमाग पर असर डालती है। खासतौर पर आयरन और ओमेगा-3 फैटी एसिड की कमी से मस्तिष्क को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता।

अकेलापन या भावनात्मक खालीपन

शोध में यह भी पाया गया कि वे महिलाएं जो अकेली रहती हैं या जिनके जीवनसाथी का निधन हो चुका है, उनमें भूलने की आदत ज्यादा पाई गई। अकेलेपन से मानसिक सक्रियता कम होती है, जिससे याद रखने की क्षमता घटने लगती है।

तनाव और याददाश्त का गहरा रिश्ता

रिसर्च में यह भी सामने आया कि चाहे पुरुष हों या महिलाएं, तनाव का सीधा असर याददाश्त पर पड़ता है। जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक शारीरिक या मानसिक तनाव में रहता है, तो उसका दिमाग “ओवरलोड” हो जाता है। नतीजा यह होता है कि छोटी-छोटी चीजें याद नहीं रहतीं — जैसे किसी का नाम, पार्किंग की जगह या मोबाइल कहाँ रखा था।

याददाश्त को कैसे रखें मजबूत

अगर आप अपनी मेमोरी पावर बढ़ाना चाहते हैं तो कुछ आसान उपाय अपना सकते हैं —

  • डाइट में ओमेगा-3 फैटी एसिड शामिल करें — जैसे मछली, अखरोट, अलसी के बीज आदि।
  • रोजाना कुछ देर मेडिटेशन या योग करें, इससे तनाव कम होता है।
  • पर्याप्त नींद लें (कम से कम 7-8 घंटे)।
  • रोजाना दिमागी गतिविधियाँ करें — जैसे पहेली हल करना, नई चीजें सीखना, किताबें पढ़ना।
  • पानी और संतुलित भोजन का ध्यान रखें ताकि शरीर और मस्तिष्क दोनों हाइड्रेटेड रहें।

निष्कर्ष

रिसर्च के अनुसार, महिलाओं में भूलने की प्रवृत्ति पुरुषों की तुलना में ज्यादा देखी गई है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि महिलाएं याददाश्त में कमजोर हैं। असल में तनाव, डाइट और जीवनशैली जैसे कारक इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं। अगर सही खानपान और मानसिक संतुलन बनाए रखा जाए, तो हर व्यक्ति अपनी याददाश्त को बेहतर बना सकता है — चाहे वह पुरुष हो या महिला।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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