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बाल सफेद क्यों होते हैं - वैज्ञानिकों ने खोज निकाले ये हैरान करने वाले कारण - पढ़ें पूरी रिपोर्ट

  • Authored by: Ritu raj
  • Updated Apr 23, 2023, 08:33 AM IST

वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि उन्होंने बालों के सफेद होने के कारण का पता लगा लिया है, जिसकी मदद से बालों को सफेद होने से रोका जा सकता है या फिर सेल्स को बदलने के लिए उपचार विकसित करने में मदद मिल सकती है।

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बाल सफेद क्यों होते हैं (Source:istock)

वैज्ञानिकों का मानना है कि उन्होंने बालों के सफेद होने के कारण का पता लगा लिया है, जिसकी मदद से बालों को सफेद होने से रोका जा सकता है या फिर सेल्स को बदलने के लिए उपचार विकसित करने में मदद मिल सकती है। एक अध्ययन में पता चला है कि स्टेम सेल्स बालों की बढ़ती उम्र के साथ मैच्यूर होना और बालों के रंग को मेंटेंन रखने की क्षमता खो देते हैं। वहीं कुछ स्टेम सेल्स - जो कई अलग-अलग प्रकार की कोशिकाओं में विकसित होने में सक्षम हैं - फॉलिकल्स में विकास के बीच संक्रमण करने की एक अनूठी क्षमता रखते हैं। ये कोशिकाएं बढ़ती उम्र के साथ बालों के रंगों को बनाए रखने की क्षमता खो देती हैं, जिसके परिणामस्वरूप बाल सफेद होने लगते हैं। रिसर्च त्वचा के अंदर मौजूद सेल्स पर केंद्रित है। ये मनुष्यों में भी पाया जाता है जिसे मेलानोसाइट स्टेम सेल या एमसीएससी कहा जाता है।

न्यू यॉर्क यूनिवर्सिटी ग्रॉसमैन स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने दिया ये सुझाव

न्यू यॉर्क यूनिवर्सिटी ग्रॉसमैन स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में वैज्ञानिकों ने सुझाव दिया कि यदि उनके निष्कर्ष मनुष्यों के लिए सही साबित होते हैं तो वे बालों को सफेद होने से रोकने के लिए एक संभावित तरीका निकाल सकते हैं। इस रिसर्च का नेतृत्व कर रहे अन्वेषक, एनवाईयू लैंगोन हेल्थ में पोस्टडॉक्टोरल फेलो क्यूई सन ने कहा है कि "नए मिले सेल्स इस संभावना को बढ़ाते हैं कि मेलानोसाइट स्टेम कोशिकाओं की एक निश्चित स्थिति मनुष्यों में मौजूद हो सकती है। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि "यदि ऐसा है, तो मनुष्यों में बालों को सफेद होने से रोका जा सकता है।

बालों का रंग McSCs पर निर्भर

बालों का रंग बालों के रोम के भीतर लगातार बढ़ते हुए McSCs पर निर्भर करता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि बालों के सामान्य विकास के दौरान कोशिकाएं विकासशील बालों के कूप के भीतर लगातार घूमती रहती हैं। यह इन कम्पार्टमेंट्स के अंदर है जहां McSCs परिपक्वता को प्रभावित करने वाले संकेतों के संपर्क में हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि McSCs अपने स्थान के आधार पर अपने सबसे आदिम स्टेम सेल अवस्था और उनकी परिपक्वता के अगले चरण के बीच रूपांतरित होते हैं।

इस अध्ययन के मुताबिक, जैसे-जैसे बालों की उम्र बढ़ती है, बाल झड़ते हैं, और फिर बार-बार वापस बढ़ने लगते हैं। McSCs की बढ़ती संख्या स्टेम सेल कम्पार्टमेंट में फंस जाती है जिसे हेयर फॉलिकल उभार कहा जाता है, जहां वे बने रहते हैं। अध्ययन के एक वरिष्ठ अन्वेषक, मायुमी इतो ने कहा: "यह मेलानोसाइट स्टेम कोशिकाओं में रंग बदलने वाले कैमेलियन जैसी क्रिया का नुकसान है जो बालों के सफेद होने और बालों के रंग के नुकसान के लिए जिम्मेदार हो सकता है।"

रितु राज
Ritu rajauthor

<p>ऋतु राज टाइम्स नाऊ नवभारत डिजिटल में लाइफस्टाइल डेस्क में बतौर चीफ कॉफी एडिटर कार्यरत हैं। उनकी हेल्थ और लाइफस्टाइल की खबरों पर अच्छी पकड़ है। यहां वो एक्सप्लेनर और लाइफस्टाइल की ट्रेंडिंग खबरों को लोगों के लिए परोसने का काम करते हैं। उनकी फूड, पैरेंटिंग, ब्यूटी पर अच्छी पकड़ है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की। वो बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से ताल्लुक रखते हैं। ऋतु राज ने पिछले 6 सालों में एनडीटीवी, जनसत्ता जैसे बड़े संस्थानों में अलग अलग बीट्स पर काम किया है। हालांकि उनकी खास रूची न्यूज, लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट में रही है। ऋतु राज एक वॉयस ओवर आर्टिस्ट भी रहे हैं। उन्होंने एनडीटीवी में वॉयस ओवर आर्टिस्ट के तौर पर भी काम किया है। यहां उन्होंने लोकसभा चुनाव 2019 को भी कवर किया और खबरों को धार देना सीखा। साल 2021 में एनडीटीवी से इस्तीफा देने के बाद ऋतुराज ने जनसत्ता के साथ जुड़े और यहां वेब स्टोरीज पर अपनी रफ्तार बनाई और अलग अलग एंगल से खबरों को बनाना सीखा।</p>

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