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Mango Season: गर्मी से पहले ही बाजार में कहां से आ गए इतने सारे आम, पेड़ की जगह कहीं कार्बाइड से तो नहीं पके- आम खाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

  • Authored by: Ritu raj
  • Updated May 1, 2025, 08:16 PM IST

हवा में गर्मी पूरी महसूस भी नहीं होती कि बाजार में फलों के राजा आम का दबदबा कायम हो जाता है। भारत में 1000 से भी ज्यादा वैरायटी के आम पाए जाते हैं। हर वैरायटी के आम का स्वाद अलग होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मार्केट में सबसे पहले कौन सा आम आता है।

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Mangoes.

गर्मी ने अभी पूरी तरह से दस्तक भी नहीं दी है, लेकिन बाजार में आम की बहार दिखने लगी है। अलग अलग राज्यों से आने वाले आम न केवल बच्चे बल्कि बूढ़े और जवान को भी ललचा रहे हैं। सभी लोग जायकेदार आम का लुत्फ उठाना चाहते हैं। लेकिन सवाल ये है कि अभी गर्मी का मौसम पूरी तरह आया नहीं है और किसानों ने कायदे से पेड़ों से आमों की पहली खेप उतारी नहीं है। फिर बाजार में पीले, बड़े आम कहां से आ गए। कहीं मामला गड़बड़ तो नहीं!

सबसे पहले बाजार में कौन सा आम आता है

हवा में गर्मी पूरी महसूस भी नहीं होती कि बाजार में फलों के राजा आम का दबदबा कायम हो जाता है। भारत में 1000 से भी ज्यादा वैरायटी के आम पाए जाते हैं। हर वैरायटी के आम का स्वाद अलग होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मार्केट में सबसे पहले कौन सा आम आता है। तो ये है सफेदा। हालांकि इसकी खेती खासतौर पर आंध्र प्रदेश में होती है लेकिन से पूरे भारत में सबसे ज्यादा खाया जाने वाले लोगों का पसंदीदा आम यही है।

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समय से पहले कैसे

इस समय दिल्ली समेत उत्तर भारत के तमाम बाजारों में आम की बहार है। लेकिन समय से पहले मिल रहे आम को देखकर सभी लोग हैरान हैं। मन में यह सवाल है कि कहीं ये कार्बाइड से पके आम तो नहीं। तो आपको बता दें कि इस समय बाजार में जो आम मिल रहे हैं वो सफेदा आम हैं। इसे बैंगनपल्ली के नाम से भी जाना जाता है। यह आम मुख्य तौर पर विजयवाड़ा से दिल्ली लाया जाता है। फिर दिल्ली से इसका डिस्ट्रीब्यूशन उत्तर भारतीय शहरों में किया जाता है। इसके अलावा दशहरी या लंगड़ा आम भी बाजारों खूब बिक रहे हैं। मैंगो शेक बनाने के लिए यह आम बेहतरीन है। लेकिन ये कार्बाइड से पके हुए हो सकते हैं। तो बेहतर होगा कि आम के स्‍वाद के लिए थोड़ा रुकें या फ‍िर कार्बाइड से पके आम का टेस्‍ट कर लें।

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कार्बाइड से पके आमों की पहचान कैसे करें

प्राकृतिक रूप से पके आम कार्बाइड से पके आम
रंग इनका रंग आमतौर पर एक समान होता है, जो पीले-नारंगी रंग का होता है। कुछ किस्मों में हल्का लाल रंग भी हो सकता है।इनका रंग अक्सर असमान होता है। इन पर हरे या हल्के पीले धब्बे हो सकते हैं, जबकि कुछ भाग अधिक पीले दिख सकते हैं। कभी-कभी ये देखने में बहुत अधिक चमकदार पीले भी हो सकते हैं।
बनावट प्राकृतिक रूप से पके आम छूने में थोड़े नरम लगते हैं, लेकिन बहुत ज्यादा दबे हुए नहीं होते।ये छूने में ऊपर से बहुत नरम लग सकते हैं, लेकिन अंदर से ये कठोर हो सकते हैं। कुछ हिस्सों में ये दबाने पर ज्यादा नरम और पिचपिचे महसूस हो सकते हैं।
खुशबूइनकी डंडी के पास से मीठी और फल जैसी खुशबू आती है।इनमें या तो कोई खास खुशबू नहीं होती या फिर हल्की और असामान्य गंध आ सकती है।
स्वादइनका स्वाद मीठा और रसीला होता है।इनका स्वाद उतना मीठा नहीं होता और कभी-कभी इनमें हल्का सा कड़वा या अजीब स्वाद आ सकता है। इन्हें खाने पर मुंह या गले में हल्की जलन भी महसूस हो सकती है।
पानी का टेस्‍टएक बाल्टी में पानी भरें और आमों को उसमें डालें। प्राकृतिक रूप से पके आम पानी में डूब जाएंगे।कार्बाइड से पके आम अक्सर पानी में तैरते रहेंगे क्योंकि कार्बाइड के कारण वे अंदर से कम घने हो जाते हैं।

कार्बाइड से पके आम से क्‍या खतरे होते हैं : Side Effects of Carbide Mangoes

1. स्किन इरिटेशन का खतरा

कार्बाइड से पके हुए आम का सेवन करने से स्किन से जुड़ी समस्याएं हो सकती है। इसकी संपर्क में आने से स्किन इरिटेशन, बर्निंग और इचिंग की समस्या हो सकती है। इससे स्किन पर रेडनेस का खतरा बढ़ जाता है, जिससे स्किन रैशेज भी हो सकते हैं।

2. पेट से जुड़ी समस्याएं

कार्बाइड से पके आम खाने से पेट से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती है। इसके चलते पेट में दर्द, मतली, उल्टी और लूज़ मोशन का सामना करना पड़ सकता है।

3. कैंसर का खतरा

कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि आर्सेनिक और फास्फोरस के लंबे समय तक संपर्क में रहने से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

4. पोषक तत्वों की कमी

आम में विटामिन-C, विटामिन-A, फाइबर और एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हैं। कार्बाइड से पके हुए आम में प्राकृतिक रूप से पके आम की तुलना में पोषक तत्व कम होते हैं। ऐसे में इनका सेवन सेहत को फायदे पहुंचाने की जगह नुकसान पहुंचा सकता है।

5. मुंह में छालें

कार्बाइड से पके हुए आम खाने से मुंह और जीभ पर छाले, गले में त्‍वचा छिलने जैसी सेंसेशन भी आ सकती है। इसलिए आम को सोच समझ कर परखने के बाद ही खरीद कर खाएं।

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क्या है डॉक्टर की राय

Dr Shrey srivasatava वरिष्ठ सलाहकार-आंतरिक चिकित्सा, शारदा हॉस्पिटल का कहना है कि कार्बाइड से पके हुए आम स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक होते हैं। आम को जल्दी पकाने के लिए अक्सर कैल्शियम कार्बाइड (Calcium Carbide) का उपयोग किया जाता है, जिसमें एसीटिलीन गैस निकलती है। यह गैस तंत्रिका तंत्र पर बुरा प्रभाव डालती है और सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, नींद न आना, और मिर्गी जैसे लक्षण पैदा कर सकती है। इसके अलावा, कैल्शियम कार्बाइड में आर्सेनिक और फॉस्फोरस जैसे हानिकारक रसायन हो सकते हैं, जो पेट संबंधी समस्याएं, आंतों में जलन और कैंसर तक का कारण बन सकते हैं।

कार्बाइड से पके आम देखने में तो पीले और आकर्षक लगते हैं, लेकिन अंदर से कच्चे और स्वादहीन हो सकते हैं। विशेषकर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह अधिक खतरनाक हो सकता है। इसलिए प्राकृतिक रूप से पके आम ही खाने चाहिए और फलों को खरीदते समय सावधानी बरतनी चाहिए।

आम खाने से पहले इन 5 बातों का रखें ध्यान

अच्छी तरह से धो लें

आम को खाने से पहले हमेशा अच्छी तरह से धोना चाहिए। ऐसा करने से उसकी बाहरी सतह पर मौजूद धूल, मिट्टी, कीटनाशक और अन्य अशुद्धियां निकल जाती हैं। बहते पानी के नीचे हाथों से रगड़कर धोना सबसे अच्छा तरीका है।

कुछ देर पानी में भिगो दें

कुछ लोगों का मानना है कि आम को खाने से पहले लगभग 30 मिनट से 1 घंटे तक पानी में भिगोने से उसमें मौजूद अतिरिक्त गर्मी निकल जाती है। यह पाचन में भी मदद कर सकता है।

छीलकर खाएं

हालांकि आम का छिलका भी पौष्टिक होता है, लेकिन कुछ लोगों को इससे एलर्जी हो सकती है या यह पाचन से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है। इसलिए आम को छीलकर खाना बेहतर ऑप्शन है।

सही मात्रा में खाएं

आम स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शर्करा में भी उच्च होता है। इसलिए, इसे हमेशा सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए, खासकर यदि आपको डायबिटीज या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है।

ताज़ा आम चुनें

हमेशा ताज़े और पके हुए आम ही खरीदें। ऐसे आमों से बचें जो बहुत ज़्यादा नरम हों, उनमें धब्बे हों या खट्टी गंध आ रही हो।

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कैसे धुलें आम

  • आम को नींबू या सिरके के पानी से धोना अच्‍छा विकल्‍प हो सकता है। इसके लिए एक लीटर पानी में एक बड़ा चम्मच सिरका और बेकिंग सोडा मिलाएं। इस पानी में आम को एक घंटे तक डुबो दें। इससे गैस से पके आम के साइड इफेक्‍ट कुछ कम हो सकते हैं।
  • भाप देकर यानी स्‍टीम से भी कार्बाइड गैस से पके आम साफ किए जा सकते हैं। इसके लिए पानी उबालें और बर्तन पर छलनी रखकर धुले आम रख दें। इसे कुछ ही मिनट में हटा लें। इस तरह आम की सतह पर मौजूद रसायन हट जाएंगे और फल गलेगा भी नहीं।

खाना ही आम तो ये तरीके आजमाएं

अगर बाजार में आम की बहार देखकर आप कंट्रोल नहीं कर पा रहे हैं तो इन व‍िकल्‍पों पर गौर करें:

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  • आप आम की लौंजी या चटनी बनाकर इसका स्‍वाद ले सकते हैं।
  • कच्‍चे आम का पना बनाकर इसका मजा लें। ये आपको एनर्जी देगा और गर्म हवा के नुकसान से भी बचाएगा।
  • पुदीने और धनिए के साथ कच्‍चे आम की चटनी बनाकर खाने में साइड ड‍िश की तरह एंजॉय करें।
  • या ऊपर बताए गए तरीकों से आम को अच्‍छी तरह साफ करें और फ‍िर मैंगो शेक बना लें।

...और अभी कितना आम है आम

अब सवाल ये कि आम फि‍लहाल आम आदमी की पहुंच में है भी या नहीं। इस वक्त बाजार में जो आम उपलब्ध है वो 100 से 200 रुपये किलो के बीच के रेट से बिक रहे हैं। हालांकि इन आमों का स्वाद अभी वैसा जायकेदार नहीं है।

Ritu raj
Ritu rajauthor

<p>ऋतु राज टाइम्स नाऊ नवभारत डिजिटल में लाइफस्टाइल डेस्क में बतौर चीफ कॉफी एडिटर कार्यरत हैं। उनकी हेल्थ और लाइफस्टाइल की खबरों पर अच्छी पकड़ है। यहां वो एक्सप्लेनर और लाइफस्टाइल की ट्रेंडिंग खबरों को लोगों के लिए परोसने का काम करते हैं। उनकी फूड, पैरेंटिंग, ब्यूटी पर अच्छी पकड़ है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की। वो बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से ताल्लुक रखते हैं। ऋतु राज ने पिछले 6 सालों में एनडीटीवी, जनसत्ता जैसे बड़े संस्थानों में अलग अलग बीट्स पर काम किया है। हालांकि उनकी खास रूची न्यूज, लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट में रही है। ऋतु राज एक वॉयस ओवर आर्टिस्ट भी रहे हैं। उन्होंने एनडीटीवी में वॉयस ओवर आर्टिस्ट के तौर पर भी काम किया है। यहां उन्होंने लोकसभा चुनाव 2019 को भी कवर किया और खबरों को धार देना सीखा। साल 2021 में एनडीटीवी से इस्तीफा देने के बाद ऋतुराज ने जनसत्ता के साथ जुड़े और यहां वेब स्टोरीज पर अपनी रफ्तार बनाई और अलग अलग एंगल से खबरों को बनाना सीखा।</p>

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