बदलते दौर के साथ शादी के मायने और मतलब भी बदले हैं। अब शादी का मतलब एक छत के नीचे साथ-साथ रहना ही नहीं है। लोग रिश्तों को नई तरह से परिभाषित कर रहे हैं। रोज रिलेशनशिप से जुड़े नए ट्रेंड्स और टर्म्स चर्चा का विषय बनते हैं। ऐसा ही एक रिलेशनशिप ट्रेंड इन दिनों खूब जोर पकड़ रहा है। दरअसल भारत में पिछले कुछ समय में वीकेंड मैरिज का चलन बढ़ा है। बहुत से शादीशुदा कपल्स के लिए वीकेंड मैरिज काफी फायदेमंद साबित हो रहा है। आइए जानते हैं क्या होती है वीकेंड मैरिज और क्या हैं इसके फायदे और नुकसान।
क्या है वीकेंड मैरिज (What is Weekend Marriage)
वीकेंड मैरिज वह है जिसमें शादीशुदा कपल्स पूरे सप्ताह एक दूसरे से दूर रहते हैं और सिर्फ वीकेंड्स पर ही मिलते हैं। दरअसल आज के टाइम में पति पत्नी दोनों ही नौकरी और करियर पर फोकस कर रहे हैं। ऐसे में नौकरी की मजबूरी या यूं कहें कि आपसी सहमति से भी कपल्स एक दूसरे से दूरी बना रहे हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि हम दूर रहकर अपने काम पर अच्छे से फोकस कर सकते हैं। और हर वीकेंड मिलने से प्यार भी बना रहेगा। इस तरह के रिलेशनशिप ट्रेंड को वीकेंड मैरिज कहा जा रहा है।
वीकेंड मैरिज के जरिए कपल्स शादीशुदा होते हुए भी अपनी सिंगल जिंदगी एंजॉय कर पा रहे हैं। वे दोस्तों से मिल सकते हैं, अपने शौक पूरे कर सकते हैं और बिना किसी 'पार्टनर की हर वक्त मौजूदगी' के भी खुश रह सकते हैं।

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जापान ने दिखाया रास्ता
वीकेंड मैरिज का कॉन्सेप्ट जापान ने दुनिया को दिया है। दरअसल दुनियाभर में बढ़ते तलाक के मामलों को देखते हुए जापान ने एक अनोखा प्रयोग किया। इस प्रयोग को नाम दिया सेपरेशन मैरिज का। सेपरेशन मैरिज के तहत कपल एक ही शहर में रहते हुए भी अलग रहते और वीकेंड्स पर मिलते थें। इस प्रयोग के बाद जापान के लोगों ने तलाक के मामलों में कमी नोटिस की। तलाक के साथ ही शादीशुदा जिंदगी के तनाव में भी कमी पाई गई।
भारत में कितना है वीकेंड मैरिज का चलन
भारत में वीकेंड मैरिज का चलन तो है लेकिन ये बहुत सीमित में है। इस तरह के रिलेशनशिप ट्रेंड को बहुत कम कपल्स ने अपनाया है। भारत में वीकेंड मैरिज जैसी चीजों के बहुत ज्यादा पॉपुलर ना हो पाने के कई कारण हैं। जैसे यहां शादी का मतलब है कि दो लोग एक छत के नीचे रहें। लेकिन फिर भी शहरीकरण, सोशल मीडिया का प्रभाव और नौकरी की मजबूरियां ऐसी हैं कि बड़े शहरों के भारतीय भी वीकेंड मैरिज को अपना रहे हैं। आजकल की युवा पीढ़ी जिन्हें मिलेनियल्स या जेन जी कहा जाता है, उनके लिए अपनी स्वतंत्रता सर्वोपरि है। वो इस तरह के कॉन्सेप्ट की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। वहीं महानगरों से दूर कस्बों और छोटे शहरों की बात करें तो वहां परिवार और समाज का बहुत ज्यादा महत्व है। इन जगह पर ना तो परिवार और ना ही समाज शादी के बाद भी एक ही शहर में अलग-अलग रहने को ठीक नहीं मानता है।

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वीकेंड मैरिज के फायदे (Benefits of Weekend Marriage)
वीकेंड मैरिज चुनने वाले कपल्स का मानना है कि यह उन्हें उनकी फ्रीडम और मैरिड लाइफ की जिम्मेदारियों के बीच बैलेंस प्रोवाइड कराता है। वीकेंड मैरिज के जो फायदे सामने निकल के आ रहे हैं वो कुछ इस तरह से हैं:
1. करियर पर फोकस: आज के समय में महिलाएं और पुरुष दोनों ही अपने करियर को लेकर गंभीर हैं। कभी-कभी एक ही शहर में नौकरी मिलना संभव नहीं होता। वैसे कपल्स के लिए वीकेंड मैरिज एक शानदार व्यवस्था है।
2. मिलता है पर्सनल स्पेस: वीकेंड मैरिज का सबसे बड़ा फायदा ये है कि आप मैरिड लाइफ में रहते हुए भी बैचलर्स की तरह जीते हैं। आपको भरपूर पर्सनल स्पेस मिलता है। आप पूरे सप्ताह अपने तरीके से अपनी जिंदगी जीते हैं और वीकेंड पर पूरा समय पार्टनर को समर्पित करते हैं।
3. बढ़ता है प्यार: मनोविज्ञान कहता है कि जब आप कुछ समय के अंतराल के बाद किसी से मिलते हैं तो आपस में प्रेम बना रहता है। पति पत्नी का रिश्ता ऐसा है कि आप जब कुछ दिनों के गैप पर मिलते हैं तो प्यार बढ़ता है। हर मिलन खास बन जाता है।
4. कम होते हैं झगड़े: पति पत्नी का रिश्ता प्यार के साथ ही तकरार के लिए भी जाना जाता है। कई बार की छोटी तकरार बड़ी लड़ाई में बदल जाती है। ऐसे में वीकेंड मैरिज रोज होने वाले झगड़े की संभावनाओं से बचाता है।
5. बनी रहती है फ्रीडम: शादी के बाद कई कपल्स महसूस करते हैं कि उनकी फ्रीडम कम हुई है। लेकिन वीकेंड मैरिज आपको सप्ताह के पूरे पांच दिन अपनी फ्रीडम एंजॉय करने की सहूलियत देता है।

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वीकेंड मैरिज के नुकसान (Negative effects of Weekend Marriage)
सिक्के के दो पहलू की तरह हर चीज के फायदे के साथ नुकसान भी होते हैं। वीकेंड मैरिज जहां आपको कई तरह से फायदा पहुंचा रहा है उसी तरह से नुकसान भी पहुंचाता है। वीकेंड मैरिज के कुछ नुकसान इस तरह से हैं:
1. बच्चों की परवरिश पर पड़ता है असर: अगर आपकी संतान है और आपने वीकेंड मैरिज चुना है तो इसमें आपका बच्चा सफर करता है। उसे जिस वक्त आप दोनों की जरूरत होती है उस वक्त कोई एक ही मौजूद हो पाता है।
2. कम होता है भावनात्मक जुड़ाव: पूरे सप्ताह दूर रहने और सिर्फ दो दिनों के लिए साथ रहना रिश्तों को कमजोर भी करता है। दरअसल इतने दिनों तक दूर रहना भावनात्मक तौर पर दो लोगों को दूर करने लगता है।
3. बढ़ता है अविश्वास: अलग-अलग रहने के कारण दो लोगों के बीच अविश्वास भी घर करने लगता है। कई बार गलतफहमियां इतनी बढ़ जाती हैं कि कपल्स एक दूसरे पर ही शक करने लगते हैं।
4. आर्थिक बोझ: जब हम एक ही छत के नीचे रहकर रिश्ते को आगे बढ़ा सकते हैं तो ऐसे में अलग-अलग घर या शहर में रहना आर्थिक बोझ भी बढ़ाता है।

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वीकेंड मैरिज में रखें इन बातों का ध्यान (Tips for Successful Weekend Marriage)
वीकेंड मैरिज के अपने फायदे और नुकसान हैं। कपल्स अपनी स्थिति को देखते हुए किस तरह से अपने रिश्ते को चलाते हैं ये तो उनपर ही निर्भर करता है। फिर भी अगर कोई कपल वीकेंड मैरिज का ऑप्शन चुनता है तो उन्हें कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना होगा:
1. कम्युनिकेशन: रेगुलर कम्युनिकेशन जो कि पूरी ईमानदारी से हो, वीकेंड मैरिज के सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। कपल्स को वीकडेज में भी एक दूसरे को फोन, वीडियो कॉल या मैसेज के ज़रिए जुड़े रहना चाहिए।
2. मजबूत रखें विश्वास की डोर: अगर आप शादी के बाद भी अलग-अलग छत के नीचे रहने का तय करते हैं तो आपको एक दूसरे पर विश्वास करना होगा। क्योंकि जहां विश्वास में कमी आई, वहीं से काम बिगड़ना शुरू हो जाएगा।
3. वीकेंड का प्लान करें: पूरे सप्ताह अलग-अलग रहने के बाद जब आप वीकेंड पर मिलें तो उसके हर एक पल को खास बनाएं। वीकेंड के लिए पहले से प्लान करें। कपल्स एक दूसरे के लिए सरप्राइज भी प्लान कर सकते हैं।
4. फाइनेंस पर नजर रखें: घर चलाने के लिए सबसे जरूरी चीज पैसे होते हैं। यहां कपल्स को देखना होगा कि अपनी फ्रीडम के लिए अलग-अलग शहर में रहना उनपर किसी तरह का आर्थिक बोझ तो नहीं डाल रहा। अगर आप ये बोझ नहीं उठा पा रहे हैं तो फिर अलग-अलग रहने का कोई मतलब नहीं है।

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बता दें कि वीकेंड मैरिज के अपने फायदे और नुकसान भले हों लेकिन एक चीज तय है कि इस जनरेशन के युवाओं में रिश्तों को निभाने के तरीकों में बदलाव आ रहा है। वह किसी भी रिश्ते में सबसे ऊपर अपनी फ्रीडम और पर्सनल स्पेस को सबसे ऊपर रखते हैं। रही बात प्यार, सम्मान और भरोसे की तो चाहे रोज साथ रहें या सिर्फ वीकेंड पर, यही किसी भी रिश्ते की असली बुनियाद होती है।
