International day of person with disability 2025: आज पूरा विश्व अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग व्यक्ति दिवस मना रहा है। विश्व विकलांगता दिवस को पहली बार 1981 में मनाया गया था। फिर उसके बाद संयुक्त राष्ट्र द्वारा 1992 से हर साल 03 दिसंबर को इसे वैश्विक स्तर पर मनाए जाने का प्रस्ताव पारित हुआ। इस दिवस का उद्देश्य दिव्यांग/विकलांग लोगों के अधिकारों, कल्याण और समाज में उनकी पूर्ण भागीदारी के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। इस दिन पर दुनिया भर में कई तरह के कार्यक्रम, सेमिनार आदि आयोजित किए जाते हैं। हर समाज के हर व्यक्ति को बराबर के अधिकार प्राप्त होना और सम्मान मिलना बेहद आवश्यक है। ऐसे में अतंंर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस सबका साथ और सबका विकास के उद्देश्य को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण है। हर साल ये दिन खास थीम के साथ मनाया जाता है। जाने इस साल की थीम क्या है और ये भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है।
इस साल की थीम
इस वर्ष की थीम ‘दिव्यांग व्यक्तियों का नेतृत्व और भागीदारी’ रखी गई है, जो एक समावेशी, सुलभ और सतत विकास की दिशा में उनकी अहम भूमिका को रेखांकित करती है। इस थीम के अनुसार दिव्यांग व्यक्तियों को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किे जाएंगे, जिससे सामाजिक प्रगति संभव हो सके। इस थीम का उद्देश्य है कि, अगर समाज, नीतियां, स्थितियां और वातावरण दिव्यांग लोगों के लिए अनुकूल हो तो सामाजिक विकास और समानता संभव है।
भारत के लिए क्यों है महत्वपूर्ण
इस दिन का हर समाज में बहुत महत्व है। इस दिन पर दिव्यांग लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ी चुनौतियों और उनके अधिकारों को लेकर जनता के बीच जागरुकता बढ़ाई जाने के लक्ष्य पर काम किया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य ये भी है कि, दिव्यांग लोगों को शिक्षा, काम, समाज, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक जीवन में आसानी से भागीदारी दी जाए। दिव्यांग लोगों को आत्मनिर्भर बनाना और उनके अधिकारों की रक्षा करने के लिए ये दिन बहुत महत्वपूर्ण है।
भारत सरकार ने ‘दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016’ जैसे कानून बनाकर शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक जीवन में उनके समावेश के लिए मजबूत ढांचा तैयार किया है। ‘सुगम्य भारत अभियान’ जैसी पहलों के जरिए सार्वजनिक स्थलों, परिवहन और डिजिटल दुनिया को सुलभ बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
