Developmental Dysplasia DDH Kya Hai: हाल ही में एक्टर वरूण धवन ने बताया कि उनकी बेटी लारा को डेवलपमेंटल डिस्प्लेसिया (Developmental Dysplasia of Hip (DDH) नाम की समस्या डायग्नोज हुई थी। यही वजह है कि उनकी बेटी को ठीक तरह से चलने और दौड़ने में परेशानी हो रही थी। यह खबर सामने आने के बाद कई पैरेंट्स सोच में पड़ गए कि आखिर यह बीमारी क्या होती है और बच्चों की सेहत पर इसका कितना असर पड़ सकता है। डॉक्टरों के अनुसार DDH हिप जॉइंट से जुड़ी समस्या है, जिसमें कूल्हे की हड्डी सही तरीके से फिट नहीं बैठती। अच्छी बात यह है कि समय पर पहचान और सही इलाज से बच्चे की स्थिति में सुधार संभव है।
डेवलपमेंटल डिस्प्लेसिया (DDH) आखिर क्या है
DDH एक ऐसी कंडीशन है जिसमें बच्चे के कूल्हे का जोड़ (हिप जॉइंट) सामान्य तरीके से विकसित नहीं हो पाता। आसान शब्दों में समझें तो जांघ की हड्डी का ऊपरी हिस्सा कूल्हे के सॉकेट में ठीक से फिट नहीं बैठता। कई बार जोड़ ढीला होता है और कभी-कभी हड्डी अपनी जगह से खिसक भी सकती है। इसी वजह से बच्चे को चलने या पैरों को मूव करने में दिक्कत महसूस हो सकती है। यह समस्या जन्म के समय भी हो सकती है और बढ़ती उम्र में भी पता चल सकती है।
वरुण धवन की बेटी को क्यों हुई चलने में परेशानी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वरुण धवन और उनकी पत्नी नताशा दलाल की बेटी को DDH होने की वजह से शुरुआत में चलने-दौड़ने में दिक्कत आ रही थी। छोटे बच्चों में इस तरह की परेशानी तुरंत समझ नहीं आती, क्योंकि वे धीरे-धीरे चलना सीखते हैं। ऐसे में कई बार पैरेंट्स को लगता है कि बच्चा सामान्य तरीके से ही बढ़ रहा है, लेकिन जांच के बाद असली वजह सामने आती है। यही कारण है कि बच्चों के चलने के तरीके पर ध्यान देना जरूरी माना जाता है।
किन लक्षणों से समझें कि बच्चे को DDH हो सकता है
DDH के संकेत हर बच्चे में अलग दिख सकते हैं। कुछ बच्चों के पैरों की लंबाई में थोड़ा फर्क नजर आ सकता है या चलते समय उनका बैलेंस ठीक नहीं रहता। कई बार बच्चा सामान्य उम्र से थोड़ा देर से चलना शुरू करता है या चलने में लंगड़ाहट दिखती है। कुछ मामलों में हिप जॉइंट में अकड़न या मूवमेंट कम भी महसूस हो सकता है। ऐसे संकेत दिखें तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है।
DDH होने की वजह क्या हो सकती है
एक्सपर्ट्स के मुताबिक DDH होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। जैसे गर्भ में बच्चे की पोजिशन सही न होना, परिवार में पहले किसी को ऐसी समस्या रह चुकी हो या हड्डियों का विकास ठीक तरह से न हो पाना। कुछ रिपोर्ट्स बताती हैं कि यह समस्या लड़कियों में थोड़ा ज्यादा देखी जाती है। हालांकि सही कारण हर केस में अलग हो सकता है।
क्या DDH का इलाज संभव है
डॉक्टरों के अनुसार अगर DDH का पता शुरुआती समय में चल जाए तो इलाज आसान हो जाता है। छोटे बच्चों में खास तरह के ब्रेस या सपोर्ट की मदद से हिप जॉइंट को सही पोजिशन में रखा जाता है, जिससे हड्डी धीरे-धीरे सही जगह फिट होने लगती है। कुछ गंभीर मामलों में सर्जरी की जरूरत भी पड़ सकती है। सही समय पर इलाज मिलने से ज्यादातर बच्चे सामान्य तरीके से चल-फिर पाते हैं।
यह खबर कई पैरेंट्स के लिए जागरूक रहने का संकेत है। अगर बच्चे के चलने या बैठने के तरीके में कुछ अलग दिखे तो उसे नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और सही सलाह लेने से DDH जैसी समस्या को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है और बच्चा सामान्य जिंदगी जी सकता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
