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एक-नहीं इन दो तरह के रीति रिवाजों के साथ शादी कर रहें विजय-रश्मिका, जान लें क्या होता है तेलुगु और कोडवा शादी में अंतर

Vijay Devarakonda and Rashmika Marriage: विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना ने उदयपुर में बहुत ही शानदार अंदाज में शादी की है। कपल ने ट्रेडिशनल तेलुगु रीति रिवाज से शादी की और 5 बजे दोनों खास कोडवा ट्रेडिशन्स के हिसाब से शादी करेंगे। ऐसे में क्या आप जानते हैं, दोनों के बीच अंतर क्या है। यहां पढ़ें क्या होती है कोडवा शादी, तेलुगु शादी।

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VIjay Devarakonda Rashmika Mandanna Wedding

Vijay Devarakonda and Rashmika Marriage: लंबे रिलेशनशिप के बाद अब साउथ सुपरस्टार विजय देवरकोंडा और एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना शादी के बंधन में बंध चुके हैं। कपल ने आज ही में राजस्थान के उदयपुर की ITC मेमेंटोस में शादी की है। विजय और रश्मिका की शादी हुई भले ही राजस्थान में है, लेकिन कपल ने पूरे ट्रेडिशनल साउथ इंडियन स्टाइल में ही शादी रचाई है। विजय-रश्मिका ने परिवार और क्लोज फ्रेंड्स के बीच एक दूसरे का हाथ थामा है।

इस खास मौके पर दोनों परिवारों के बीच दो अलग-अलग संस्कृतियों का अनूठा संगम देखने को मिला है। आज सुबह विजय रश्मिका का पारंपरिक आंध्र शैली (तेलुगु) में विवाह संपन्न हुआ। और अब रिपोर्ट्स के अनुसार शाम को 5 बजे रश्मिका की विरासत को सम्मान देते हुए एक विशेष कोडवा (कूर्ग) रीति रिवाजों के आधार पर शादी होनी है।

तेलुगु रीति रिवाजों के साथ हुई शादी

विजय और रश्मिका ने आज सुबह करीब 8 बजे मेमेंटोस बाय आईटीसी ग्रैंड में शादी रचाई। तेलुगु स्टाइल वाली शादी में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जीवन के पांच आवश्यक तत्वों (पंचभूत) के सामने विवाह संपन्न कराया जाता है। इस सेरेमनी में वर-वधू के बीच परदा रखा जाता है। जिसके बाद कन्यादान और पाणिग्रहण संस्कार होता है। तेलुगु शादी में जीलकर्रा बेल्लम रस्म बहुत महत्वपूर्ण होती है। जिसमें दूल्हा-दुल्हन एक दूसरे के सिर पर जीरा और गुड़ का मिश्रण लगाते हैं। फिर अग्नि को साक्षी मानकर जोड़े सात फेरे लेते हैं, जिसमें वे आजीवन साथ रहने का वादा करते हैं।

कोडवा शादी क्या होती है

अब शाम को विजय और रश्मिका तेलुगु रीति रिवाज वाली शादी के बाद कोडवा शादी करेंगे। रश्मिका कर्नाटक के कोडवा कूर्ग समुदाय से ताल्लुक रखती हैं। इसलिए कपल कोडवा रीति रिवाज के अनुसार भी शादी करेगा। कोडवा शादी भारत की अन्य शादियों से काफी अलग होती है। यह समुदाय मूल रूप से योद्धा माना जाता है, और उनके रीति-रिवाजों में इसकी स्पष्ट झलक मिलती है।

बता दें कि कोडवा शादियों में ब्राह्मण पंडित या पुजारी नहीं होते है न ही कोई पवित्र अग्नि या लंबे फेरे होते हैं। बल्कि इनकी जगह पर कोडवा शादियों में परिवार के बुजुर्ग ही सभी रस्में पूर्ण करवाते हैं। कोडवा शादी में दूल्हा-दुल्हन और उनके परिवार वाले पूर्वजों को याद करते हुए और कावेरी अम्मा (देवी कावेरी) से आशीर्वाद मांगते हैं। वहीं पवित्र दीपक के सामने बहुत ही सादगी और आस्था के साथ आशीर्वाद लिया जाता है, जो इस समुदाय की शादियों को सरल लेकिन बहुत ही ट्रेडिशनल और पवित्र बनाता है।

Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें युवा और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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