लाइफस्टाइल

Thought of the day: जीवन वही है जो तब घटित होता है जब आप दूसरी योजनाएं बनाने में व्यस्त होते हैं

Thought of the day (आज का सुविचार): द बीटल्स (The Beatles) का लास्ट अलबम था लेट इट बी (Let it be)। आज का सुविचार इसी अलबम से है - जीवन वही है जो तब घटित होता है जब आप दूसरी योजनाएं बनाने में व्यस्त होते हैं

Image

आज का सुविचार (Thought of the Day)

Thought of the day (आज का सुविचार): आज 8 मई है। साल 1970 में आज के ही दिन दुनिया भर में मशहूर ब्रिटिश रॉक बैंड द बीटल्स (The Beatles) के सदस्यों ने औपचारिक रूप से अलग होने के एक महीने बाद अपना आखरी स्टूडियो अलबम 'लेट इट बी' (Let it be) जारी किया था। इसके बाद उन लोगों ने कभी साथ में काम नहीं किया। उनका ये आखिरी अलबम कई मायनों में खास था। लोगों ने इसे हाथों- हाथ लिया था। द बीटल्स का यह लास्ट अलबम कई तरह की सीख भी देता है। आज के सुविचार में आइए पढंते हैं इस अलबम का यह खूबसूरत कोट:

"जीवन वही है जो तब घटित होता है जब आप दूसरी योजनाएं बनाने में व्यस्त होते हैं"

यह विचार हमें जिंदगी की सबसे बड़ी सच्चाइयों में से एक से परिचित कराता है। अकसर इंसान अपने भविष्य को लेकर इतनी योजनाएं बनाता रहता है कि वह वर्तमान में घट रही खूबसूरत और महत्वपूर्ण बातों को महसूस ही नहीं कर पाता।

हम सोचते हैं कि जब सब कुछ हमारी योजना के अनुसार होगा, तभी हम खुश रहेंगे। कोई नौकरी मिलने के बाद, बड़ा घर बनने के बाद या किसी खास लक्ष्य को पाने के बाद जीवन बेहतर होगा। लेकिन इसी इंतजार में जिंदगी धीरे-धीरे आगे बढ़ती रहती है। रिश्ते बदल जाते हैं, लोग दूर हो जाते हैं, बच्चे बड़े हो जाते हैं और कई यादें बिना महसूस किये ही बीत जाती हैं।

बीटल्स का यह विचार हमें वर्तमान में जीने का महत्व सिखाता है। यह सिखाता है कि जीवन केवल बड़ी उपलब्धियों या भविष्य की सफलताओं का नाम नहीं है। परिवार के साथ बिताया समय, दोस्तों के साथ हंसी-मजाक, अचानक हुई मुलाकातें, सफर के अनुभव और संघर्षों से मिली सीख, यही असल जिंदगी है।

इसका मतलब यह नहीं कि हमें योजनाएं नहीं बनानी चाहिए। सपने देखना और भविष्य के लिए मेहनत करना जरूरी है, लेकिन इतना भी नहीं कि हम आज को ही खो दें। कई बार जिंदगी हमारी बनाई हुई योजनाओं से बिल्कुल अलग रास्ते पर चलती है। कुछ चीजें हमारे नियंत्रण में नहीं होतीं, फिर भी वही अनुभव हमें सबसे ज्यादा सिखाते हैं।

आज का यह सुविचार हमें जीवन में फ्लेक्सिबिलिटी और स्वीकार करने की कला भी सिखाता है। जब हम हर चीज को अपने हिसाब से नियंत्रित करने की कोशिश छोड़ देते हैं, तब हम जीवन को ज्यादा सहजता और खुशी से जी पाते हैं।

बीटल्स ने अपने इस विटार से दुनिया को बताने की कोशिश की कि जिंदगी मंजिल नहीं, एक सफर है। अगर हम केवल भविष्य की चिंता में उलझे रहेंगे, तो वर्तमान की सुंदरता कभी महसूस नहीं कर पाएंगे। इसलिए जरूरी है कि योजनाएं बनाएं, सपने देखें, लेकिन साथ ही हर दिन और हर पल को जीना भी सीखें। क्योंकि कई बार जिंदगी की सबसे खूबसूरत चीजें बिना किसी योजना के ही हमारे सामने आ जाती हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

और पढ़ें
End of Article