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Dr Sarvepalli Radhakrishnan Quotes: जिंदगी को नई दिशा दिखाते हैं डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के ये अनमोल विचार, सफलता की मिलती है गारंटी

Dr Sarvepalli Radhakrishnan Quotes: हर साल देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को समर्पित होकर शिक्षक दिवस मनाया जाता है। डॉ साहब के विचारों का अनुसरण कर कोई भी व्यक्ति अपने जीवन में सफल हो सकता है। यहां हम उनके कुछ मोटिवेशनल कोट्स लेकर आए हैं, जो आपके जीवन को भी नई राह दिखा सकते हैं।

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Dr Sarvepalli Radhakrishnan Quotes: हर साल की तरह इस साल भी 5 सितंबर को यानी डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिवस के दिन शिक्षक दिवस मनाया जाएगा। डॉ साहब का जीवन हमें प्रेरणा देता है। उनके अनमोल विचार हमे जीवन जीने की एक नई राह दिखाते हैं। डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन न सिर्फ देश के राष्ट्रपति बल्कि शिक्षाविद् और दार्शनिक भी थे। शिक्षक दिवस से पहले आज हम आपको डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के कुछ अनमोल विचारों से अवगत कराते हैं।

Dr Sarvepalli Radhakrishnan Motivational Quotes In Hindi-

1) आप जिस चीज के लिए विश्वास करते हैं और प्रार्थना करते हैं। वह आपको निश्चित ही मिलता है।

2) जिस प्रकार आत्मा किसी व्यक्ति की चेतना शक्तियों के पीछे की वास्तविकता है, उसी प्रकार परमात्मा इस ब्रह्माण्ड की समस्त गतिविधियों के पीछे का अनंत आधार है।

3) यदि मानव दानव बन जाता है तो ये उसकी हार है, यदि मानव महामानव बन जाता है तो ये उसका चमत्कार है। यदि मनुष्य मानव बन जाता है, तो ये उसकी जीत है।

Motivational Quotes For Life In Hindi

4) भगवान हम सबके भीतर रहता है, महसूस करता है और कष्ट सहता है, और समय के साथ उसके गुण, ज्ञान, सौन्दर्य और प्रेम हममें से हर एक के अन्दर उजागर होते हैं।

5) जीवन को एक बुराई के रूप में देखना और दुनिया को भ्रमित होकर देखना गलत है।

6) जब हम ये सोचते हैं कि हम सब जानते हैं तब हमारा सीखना बंद हो जाता है।

Life Quotes By Dr Sarvepalli Radhakrishnan

7) सनातन धर्म सिर्फ एक आस्था नहीं है। यह तर्क और अन्दर से आने वाली आवाज का समागम है, जिसे सिर्फ अनुभव किया जा सकता है, परिभाषित नहीं।

8) शिक्षक वो नहीं, जो छात्र के दिमाग में तथ्यों को जबरन डाले, बल्कि वास्तविक शिक्षक वो है जो उसे आने वाले कल की चुनौतियों के लिए तैयार करे।

9) विद्यार्थी को कल्पनाशील होने के साथ-साथ स्वस्थ और आत्मविश्वासी भी होना चाहिए। यह उसके लक्ष्य तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त करता है।

10) उम्र या युवावस्था का काल-क्रम से लेना-देना नहीं है। हम उतने ही नौजवान या वृद्ध हैं, जितना हम महसूस करते हैं। हम अपने बारे में क्या सोचते हैं, ये मायने रखता है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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