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Shiv Puran Motivational Quotes: शिव पुराण में छिपी है सफलता की सीख, जीवन में उतार लें भगवान शिव की ये बातें

Shiv Puran Motivational Quotes: भगवान शिव के व्यक्तित्व को यदि समझा जाए तो यही जीवन का सत्य है। शिव एक प्रतीक और संभावना हैं। महादेव उन साधनों के मूलदाता भी हैं जिनसे आप खुद को रूपांतरित करके अपने जीवन को खुद रच सकते हैं।

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Shiv Puran Motivational Quotes in Hindi

Shiv Puran Motivational Quotes in Hindi: हिंदू आस्था के प्रतीक भगवान शिव केवल एक देव नहीं हैं। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक वह चेतना, परिवर्तन और संपूर्ण सृष्टि के मूल तत्व हैं। भगवान शिव की महिमा हमारे बीच शिवपुराण के रूप में मौजूद है। इसमें भोलेनाथ की महिमा का वर्णन तो है ही, साथ ही जीवन जीने की वह शैली भी है जो सांसारिक मोह, कर्तव्यों, प्रेम और आत्मबोध से जुड़ी है। यह पुराण हमें बताता है कि कैसे शिव ने त्याग में सुख पाया, कैसे विष पीकर भी समभाव रखा और कैसे तांडव के माध्यम से विनाश में भी सृजन देखा। हम भी शिवपुराण से कई बातें सीख सकते हैं। इन बातों को अपने जीवन में उतार सफल और सुखी जीवन की नई इबारत लिख सकते हैं:

Powerful Shiva Quotes in Hindi | शिव पुराण के अनमोल वचन | शिव उपदेश

1. लक्ष्य पर ध्यान दें: देवाधि देव महादेव को गहन ध्यान, चिंतन और एकाग्रता के लिए जाना जाता है. ठीक इसी तरह सफलता पाने के लिए आपको अपने लक्ष्य के प्रति ध्यान केंद्रित करने और एकाग्र होने की जरूरत है। इन चीजों से मन विचलिच नहीं होता और यही सफलता का मूल मंत्र है।

2. धन का उपयोग: शिव पुराण के अनुसार उचित तरीके से की गई कमाई को हमेशा तीन भागों में बांटना चाहिए। एक निवेश, दूसरा धन उपभोग, तीसरा धर्म के कार्य में व्यय करें। इस तरह पैसों के इस्तेमाल से जीवन सुखी और सफल बनता है।

3. सच का साथ देना: शिव पुराण में सत्य बोलना और सत्य का साथ देने की सीख भी मिलती है। शिव पुराण के अनुसार जब माता पार्वती भगवान शिव से पूछती हैं कि सबसे बड़ा धर्म क्या है तो भगवान शिव कहते हैं सत्य का साथ देना ही सबसे बड़ा धर्म है।

4. क्रोध का त्याग: शिव पुराण हमें क्रोध ना करने की भी शिक्षा देता है। तभी तो मान्यता है कि भोलेनाथ को खुश करने के लिए अहंकार और क्रोध का त्याग करना होगा। दरअसल क्रोध और अहंकार सफलता की राह में बड़ी बाधा है।

5. मोह का त्याग: शिव पुराण हमें मोह के त्याग की शिक्षा देता है। दरअसल शिव पुराण में जिक्र है कि जब भोलेनाथ देवी सती का पार्थिव शरीर लेकर क्रोध में इधर-उधर तांडव कर रहे थे तब भगवान विष्णु ने सती के पार्थिव शरीर को छिन्न-भिन्न कर भोलेनाथ का मोह तोड़ा था। यह संदर्भ हमें सिखाता है कि संसार में किसी भी वस्तु या लोगों से लगाव मानव को दुख और असफलता की ओर ले जाता है।

6. तप: शिव पुराण हमें सिखाता है कि अगर किसी चीज को पाना है तो हमें कठिन तप और मेहनत करनी होगी। उसी प्रकार से जैसे माता पार्वती ने शिव को पाने के लिए सालों कठिन तप किया था। हमें सीख लेनी चाहिए कि लक्ष्य के प्रति लगन और इरादे अडिग हों तो कोई भी बाधा या लालच हमें हरा नहीं सकता।

7. कटु वचन ना बोलना: शिव पुराण के मुताबिक सुबह और शाम के समय कभी कटु वचन नहीं बोलने चाहिए। न ही किसी के प्रति मन में बुरे विचार लाएं। ऐसा करना पाप का भागी बनाता है। हमें अपने जीवन में इस बात को उतार लेना चाहिए।

हमेशा याद रखें कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके जीवन की स्थिति कैसी है, शिव हर स्थिति में प्रासंगिक हैं - इसीलिए वह महादेव हैं। शिव, छोटी-मोटी समस्याओं के समाधान के लिए नहीं बल्कि मुक्ति के लिए हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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