लाइफस्टाइल

Shaheed Diwas 2024: भगत सिंह की ही तरह अमर हैं उनके ये अनमोल विचार, रगों में भर देंगी देशभक्ति

Bhagat Singh Quotes In Hindi: भगत सिंह के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी खासियत उनके विचार ही हैं। ये भगत सिंह के विचार ही हैं जो उनके शहीद होने के दशकों बाद भी लोगों के जेहन में जिंदा हैं।

Image

Bhagat Singh Quotes ( भगत सिंह के विचार)

Bhagat Singh Quotes: भगत सिंह महज 23 साल की उम्र में देश के लिए शहीद हो गए थे। 23 मार्च 1931 को अंग्रेजों ने उन्हें फांसी पर लटका दिया था। भगत सिंह के साथ ही सुखदेव और राजगुरु ने भी आज के ही दिन मौत को अपनी महबूबा मान हमेशा के लिए उसका हाथ थाम लिया था। अपने वतन के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर झूल जाने वाले इन तीनों रणबांकुरों की याद में हर साल 23 मार्च को शहीद दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमारे देश के इम अमर जवान शहीदों के लिए श्रद्धांजलि है।

भगत सिंह के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी खासियत उनके विचार ही हैं। ये भगत सिंह के विचार ही हैं जो उनके शहीद होने के दशकों बाद भी लोगों के जेहन में जिंदा हैं। भगत सिंह हमेशा कहा करते थे कि, 'क्रांति बम और पिस्तौल से नहीं आती। क्रांति की तलवार विचारों की सान पर तेज होती है।'आइए डालते हैं उनके ऐसे ही क्रांतिकारी विचारों पर एक नजर:

Shaheed Diwas 20024 ( Bhagat Singh Quotes in Hindi)

1. मैं इस बात पर ज़ोर देता हूं कि मैं महत्वाकांक्षा, आशा और जीवन के प्रति आकर्षण से भरा हुआ हूं। पर मैं ज़रूरत पड़ने पर ये सब त्याग सकता हूं और वही सच्चा बलिदान है।

2. राख का हर कण मेरी गर्मी से गतिमान है। मैं एक ऐसा पागल हूँ जो जेल में भी आजाद है।

3. जिंदगी तो अपने दम पर ही जी जाती है, दूसरों के कंधों पर तो सिर्फ जनाजे उठाए जाते हैं।

4. मैं एक मानव हूं और जो कुछ भी मानवता को प्रभावित करता है उससे मुझे मतलब है।

5. जो भी विकास के लिए खड़ा है उसे हर चीज की आलोचना करनी होगी, उसे आत्मविश्वास करना होगा और उसे चुनौती देनी होगी।

6. इस कदर वाकिफ है मेरी कलम मेरे जज़्बातों से, अगर मैं इश्क़ लिखना भी चाहूं तो इंकलाब लिखा जाता है।

7. प्रेमी, पागल और कवि एक ही चीज से बने होते हैं।

8. वो मुझे मार सकते हैं, लेकिन वे मेरे विचारों को नहीं मार सकते। मेरे शरीर को कुचल सकते हैं, लेकिन वे मेरी आत्मा को कुचलने में सक्षम नहीं होंगे।

9. मरकर भी मेरे दिल से वतन की उल्फत नहीं निकलेगी, मेरी मिट्टी से भी वतन की ही खुशबू आएगी।

10. निर्दयी आलोचना और स्वतंत्र सोच क्रांतिकारी सोच के दो लक्षण हैं। प्रेमी, चाटुकार और कवि एक ही चीज से बने होते हैं।

11. अगर अपने दुश्मन से बहस करनी है और उससे जीतना है तो इसके लिए अभ्यास करना जरूरी है।

12. किसी भी इंसान को मारना आसान है, परन्तु उसके विचारों को नहीं। महान साम्राज्य टूट जाते हैं, तबाह हो जाते हैं, जबकि उनके विचार बच जाते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

और पढ़ें
End of Article