लाइफस्टाइल

सावन के महीने को खास बना देंगे मशहूर शायरों के ये चुनिंदा शेर

सावन में शेर-ओ-शायरी का गजब ही मजा होता है। सावन पर कई शायरों में सावन पर दिल को छू लेने वाली ढेरों शायरियां लिखी हैं। उन्हीं शायरियों में से कुछ शेर हम चुनकर आपके लिए लाए हैं। देखें सावन पर शायरी ह‍िंदी में 2 लाइन ल‍िख‍ित।

Image

सावन पर शायरी

सावन का महीना हो और गीत, संगीत, शायरी ना हो..ऐसा तो हो ही नहीं सकता। दरअसल सावन के इस मौसम की बात ही कुछ ऐसी रहती है कि हर कोई इसमें बस खो कर रह जाता है। सावन को भगवान शंकर का भी महीना माना जाता है। मान्यता है कि सावन में ही भोलेनाथ पार्वती संग ब्याह के बाद पहली बार अपने ससुराल गए थे, जहां उनका जलाभिषेक कर स्वागत किया गया था। इसी के साथ बार‍िश की बूंदों का संगीत भी मन को छू जाता है। अगर आपको सावन के नजारे पसंद हैं तो यहां आप सावन की शायरी 2 लाइन देख सकते हैं।

वैसे सावन के महीने में एक अलग ही जादू सा रहता है। तभी तो ना जाने कितने ही शायरों और साहित्यकारों ने अपनी कलम से सावन का श्रृंगार कर किताबों में उतारा है। फिल्मों में भी सावन पर खूब गीत लिखे गए हैं। फिर चाहे वह सावन का महीना पवन करे शोर हो या फिर आया सावन झूम के हो, लोगों ने सावन के गीतों को खूब प्यार दिया है। अगर बात शायरों की करें तो तमाम मशहूर शायरों में सावन पर दिल को छू लेने वाली ना जाने कितनी ही नज्में और शायरियां लिखी हैं। उन्हीं शायरियों में से कुछ शेर हम चुनकर आपके लिए लाए हैं। आइए डालते हैं सावन की चंद बेहतरीन शायरियों पर एक नजर:

सावन एक महीने 'क़ैसर' आँसू जीवन भर

इन आँखों के आगे बादल बे-औक़ात लगे

- क़ैसर-उल जाफ़री

नफ़स नफ़स पे यहाँ रहमतों की बारिश है

है बद-नसीब जिसे ज़िंदगी न रास आई

- पयाम फ़तेहपुरी

सावन की इस रिम-झिम में

भीग रहा है तन्हा चाँद

- इंद्र सराज़ी

रहती है शब-ओ-रोज़ में बारिश सी तिरी याद

ख़्वाबों में उतर जाती हैं घनघोर सी आँखें

- अफ़ज़ाल नवेद

पड़े हैं नफ़रत के बीच दिल में बरस रहा है लहू का सावन

हरी-भरी हैं सरों की फ़सलें बदन पे ज़ख़्मों के गुल खिले हैं

- हारून फ़राज़

ये हुस्न-ए-नौ-बहार ये सावन की बदलियाँ

पीना है फ़र्ज़ और न पीना हराम आज

- अज्ञात

रुकी रुकी सी है बरसात ख़ुश्क है सावन

ये और बात कि मौसम यही नुमू का है

- जुनैद हज़ीं लारी

बारिश शराब-ए-अर्श है ये सोच कर 'अदम'

बारिश के सब हुरूफ़ को उल्टा के पी गया

- अब्दुल हमीद अदम

मैं चुप कराता हूँ हर शब उमडती बारिश को

मगर ये रोज़ गई बात छेड़ देती है

- गुलज़ार

याद आई वो पहली बारिश

जब तुझे एक नज़र देखा था

- नासिर काज़मी

बरसात का बादल तो दीवाना है क्या जाने

किस राह से बचना है किस छत को भिगोना है

- निदा फ़ाज़ली

हम से पूछो मिज़ाज बारिश का

हम जो कच्चे मकान वाले हैं

- अशफ़ाक़ अंजुम

बरस रही थी बारिश बाहर

और वो भीग रहा था मुझ में

- नज़ीर क़ैसर

उम्मीद है फनकारी की दुनिया के इन मशहूर शायरों के ये शेर आपके सावन के रंग को और भी ज्यादा हरा कर देंगे। अगर आपको ये शेर पसंद आए हों तो आप इन्हें अपने प्रियजनों के साथ साझा भी कर सकते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

और पढ़ें
End of Article