लाइफस्टाइल

मन रहेगा प्रसन्न और दिन भी बीतेगा बेहतर, सुबह की आदत में शामिल कर लें ये मुद्रा

Prarthna Mudra: योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के सामंजस्य का प्रतीक है। हालांकि, योग की शुरुआत से पहले भी कुछ अभ्यास उसके महत्व को और भी बढ़ा सकते हैं। ऐसे ही एक अभ्यास का नाम 'प्रार्थना मुद्रा' है, जो न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए उत्तम है बल्कि मानसिक शांति भी देता है।

Image

प्रार्थना मुद्रा (Photo: Freepik)

प्राचीन योग प्रार्थना, "योगेन चित्तस्य पदेन वाचां, मलं शरीरस्य च वैद्यकेन..." में मुनि पतंजलि को नमस्कार करते हुए योग के त्रिविध लाभों चित्त, वाणी और शरीर की शुद्धि का उल्लेख है।

प्रार्थना मुद्रा, जिसे प्रणामासन कहा जाता है, योग की शुरुआत में किया जाने वाला एक सरल लेकिन शक्तिशाली आसन है। यह योग अभ्यास का आधार है, जो मन और शरीर को एकाग्र करता है।

आयुष मंत्रालय के सामान्य योग प्रोटोकॉल के अनुसार, प्रत्येक योग की शुरुआत प्रार्थनापूर्ण मनोदशा से होनी चाहिए, जो आध्यात्मिक और स्वास्थ्य लाभों को बढ़ावा देती है।

प्रार्थना मुद्रा का अभ्यास करना बेहद सरल है। इसके अनुसार, दोनों पैरों को मिलाकर सीधे खड़े हों या सुखासन, पद्मासन मुद्रा में बैठें। दोनों हाथों को हृदय के सामने नमस्कार मुद्रा में जोड़ें। इसके बाद आंखें बंद करें और गहरी और शांत तरीके से सांस लें। कुछ क्षणों तक सांस पर ध्यान केंद्रित करें। धीरे-धीरे आंखें खोलें और सामान्य सांस लेते हुए मुद्रा को समाप्त करें।

प्रार्थना मुद्रा का अभ्यास भले ही बेहद सरल है, लेकिन इसके कई लाभ हैं। प्रार्थना मुद्रा शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्तर पर कई लाभ प्रदान करती है। यह आसन तनाव को कम करता है और मन को शांत रखता है। नमस्कार मुद्रा में हाथों को हृदय चक्र के पास जोड़ने से ऊर्जा का संतुलन होता है, जिससे एकाग्रता बढ़ती है। यह रक्त संचार को बेहतर करता है और मांसपेशियों को आराम देता है, जिससे योग के अन्य आसनों के लिए शरीर तैयार होता है।

प्रार्थना मुद्रा योग का एक अभिन्न अंग है। इसके नियमित अभ्यास से आत्मविश्वास, भावनात्मक स्थिरता और आंतरिक शांति में वृद्धि होती है। यह मुद्रा योग के आध्यात्मिक पहलू को भी मजबूत करती है, जिससे व्यक्ति जीवन में संतुलन और सकारात्मकता का अनुभव करता है।

(इनपुट-आईएएनएस)

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

और पढ़ें
End of Article