सभी माता-पिता चाहतें है कि उनका बच्चा स्मार्ट बने, तेज दिमाग वाला हो और पढ़ाई-लिखाई में हमेशा आगे रहे। इसके लिए वह अच्छे स्कूल, ट्यूशन और एक्टिविटीज में उनका दाखिला करवाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बच्चों का दिमाग तेज करने का एक आसान तरीका रोज रात को सोते समय भी अपनाया जा सकता है? जी हां, बच्चों को सुलाने से पहले की आदतें उनके दिमाग और सोचने-समझने की क्षमता पर गहरा असर डालती हैं।
कहानी जरूर सुनाएं
बेडटाइम स्टोरीज दिमागी ताकत के लिए जरूरी हैं। ये कहानियां बच्चों में इमेजिनेशन और क्रिएटिविटी को बढ़ाते हैं। एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि स्टोरी सुनने से बच्चों का मेमोरी सेंटर एक्टिव हो है।
प्यार भरी बातें करें
रात में बच्चों को सुलाते समय उन्हें डांटे या मारे नहीं, प्यार से बाते करें। इससे उनका कॉन्फिडेंस बढ़ता है और इमोशनल इंटेलिजेंस डेवलप होता है। ये बॉन्डिंग दिमाग को रिलैक्स करके गहरी नींद देता है, जो ब्रेन ग्रोथ के लिए जरूरी है।
माइंड गेम्स खेलें
सोने से पहले बच्चों के साथ कोई आसान माइंड गेम ट्राई करें। ये गेम्स मेमोरी और थिंकिंग स्किल्स को शार्प करते हैं। ऐसे गेम्स बच्चों की कॉन्संट्रेशन भी बढ़ाते हैं।
दिनभर की बातें करें
बच्चे से पूछें कि उसने आज क्या नया सीखा, क्या अच्छा लगा या किस बात ने उसे परेशान किया। इससे बच्चा खुलकर बात करना सीखता है और उसका कॉन्फिडेंस बढ़ता है।
पॉजिटिव थॉट्स के साथ सुलाएं
सोने से पहले बच्चे को कुछ पॉजिटिव बोलें। उसकी तारीफ करें। ये उनके सबकॉन्शियस माइंड को पॉजिटिव सिग्नल देता है। साइंस कहता है कि पॉजिटिव अफर्मेशन्स बच्चों की मेंटल स्ट्रेंथ और सेल्फ-एस्टीम बढ़ाते हैं।
हमेशा याद रखें कि बच्चों का दिमाग तेज करना कोई रॉकेट साइंस नहीं। सुलाते वक्त इन 5 बातों को रूटीन में डालें। ये छोटे स्टेप्स उनके दिमाग को कम्प्यूटर से भी तेज और मन को मजबूत बनाएंगे। तो, आज रात से शुरू करें और अपने बच्चे को स्मार्ट फ्यूचर गिफ्ट करें!
