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Pandit Chhannulal Mishra: अस्त हो गया शास्त्रीय संगीत का सूर्य, इस भोजपुरी सोहर को अपनी आवाज से अमर कर गए पंडित छन्नूलाल मिश्रा

Pandit Chhannulal Mishra Death: यूं तो पंडित किराना और बनारस घराना की गायिकी के प्रतिनिधि कलाकार थे लेकिन उनका कद इससे बहुत बड़ा था। उनकी गायकी में भजन के साथ सत्संग होता था। इसके साथ ही वह जनमानस के कथाकार के रूप में श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देने की कला भी रखते थे।

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दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में पंडित छन्नूलाल मिश्रा से मिलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फाइल फोटो (Photo Source: Pandit Chhannulal Mishra fb)

More Pichhavarva Chandan Gachh Hindi Lyrics: 2 अक्टूबर 2025 को भोर में 4 बजे के करीब मशहूर लोकगायक पंडित छन्नूलाल मिश्रा का निधन हो गया। 91 वर्ष की उम्र में पंडित जी ने बनारस में आखिरी सांस ली। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में जन्मे पंडित छन्नूलाल मिश्रा ने ठुमरी, कजरी और सोहर को अपनी अमर आवाज से बखूबी सजाया। उनकी कला के लिए भारत सरकार ने उन्हें साल 2020 में पद्म विभूषण से नवाजा था। आज भले पंडित छन्नूलाल हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी आवाज हमेशा गीत संगीत के कद्रदानों के बीच जिंदा रहेगी।

यूं तो पंडित किराना और बनारस घराना की गायिकी के प्रतिनिधि कलाकार थे लेकिन उनका कद इससे बहुत बड़ा था। उनकी गायकी में भजन के साथ सत्संग होता था। इसके साथ ही वह जनमानस के कथाकार के रूप में श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देने की कला भी रखते थे। छन्नूलाल मिश्रा के बहुत से गीत यूट्यूब पर वायरल हैं। एक ऐसा ही सोहर गीत है जो सालों-साल पंडित जी की आवाज की पहचान बना रहा। आइए पढ़ते हैं इस सोहर के बोल:

More Pichhavarva Chandan Gachh - मोरे पिछवरवा चन्दन गाछ

मोरे पिछवरवा चन्दन गाछ अवरो से चन्दन हो

रामा सुघर बढ़इया मारे छेवर ललन जी के पालन हो।।

रामा के गढ़उ खड़उवा लालन जी के पालन हो,

रामा जसुमती ठाढ़ी झुलावै लालन जी के पालन हो।।

झूलहु त लाल झूलहु अवरो से झूलहु हो,

रामा जमुना से जल भरि लाईं त झुलवा झुलाइब हो।।

जमुना पहुँचहू न पइलिउँ घड़िलवौ न भरिलिउँ हो,

रामा पिछवा उलटि जो मैं चितवउं महल मुरली बाजल हो।।

रान परोसिन मैया मोरी अवरो बहिन मोरी हो,

बहिनि छवहि दिना के भइने लाल त मुरली बजावल हो।।

चुप रहो जसुमति चुप रहो दुस्मन जनि सुने हो,

बहिनी ईहैं के कन्स के मरिहैं औ गोकुला बसैहे हो।।

अब यूट्यूब पर पंडित छन्नूलाल मिश्रा की आवाज में यह सोहर सुनिए। दावा है कि आप इसमें डूब कर रह जाएंगे। लेकिन इस सोहर में कुछ भोजपुरी के शब्द हैं जिनका मतलब भी आपको जानना चाहिए। जानें इस सोहर में इस्तेमाल भोजपुरी के कुछ शब्दों का अर्थ:

गाछ = पौधा, वृक्ष

सुघर = निपुण

अवरो = और

छेवर = लकड़ी पर औजार से चोट

बढ़इया = बढ़ई

गढउ = बनाओ

घड़िलवौ = घड़ा, गगरी

पद्मविभूषण के साथ ही तमाम अन्य सम्मानों से नवाजे गए पंडित छन्नूलाल मिश्रा की यह आवाज अब शांत हो चुकी है। उनके जाने से भारतीय शास्त्रीय संगीत की दुनिया में ऐसा खालीपन आ गया है जिसे भरा जाना लगभग नामुमकिन है। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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