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Thought of the day: बीते कल का अफसोस और आने वाले कल की चिंता, दोनों ऐसे चोर हैं जो हमाकी आज की खूबसूरती चुरा लेते हैं

Thought of the day (आज का सुविचार): आज का विचार हमें सिखाता है कि जब इंसान वर्तमान में जीना सीख लेता है, तभी उसे असली सुकून और खुशी मिलती है।

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आज का सुविचार

Thought of the day (आज का सुविचार): एक अच्छा विचार इंसान की जिंदगी बदलने का दम रखती है। ये सुविचार किसी को भी फिर से उठ खड़े होने और नए सिरे से अपने जीवन को शुरू करने का हौसला देती है। ये विचार महज विचार ना होकर प्रेरणा का काम करते हैं। हर किसी को प्रेरणा की जरूरत भी होती है। कई बार कोई इंसान हमारे लिए प्रेरणा का काम करता है तो कई बार सिर्फ कोई अच्छा विचार ही हमारी सोच को बदल कर रख देता है। इसी लिए हम आपको रोज एक अच्छे सुविचार से रूबरू करवाते हैं और समझाते हैं कि आखिर क्यों चलने का नाम ही जिंदगी है। इसी कड़ी में आज का सुविचार है:

“बीते कल का अफसोस और आने वाले कल की चिंता, दोनों ऐसे चोर हैं जो हमारी आज की खूबसूरती चुरा लेते हैं”

आज का यह सुविचार जीवन के गूढ़ रहस्य को बेहद सरल शब्दों में समझाता है। इंसान अकसर या तो अपने अतीत की गलतियों में उलझा रहता है या भविष्य की अनिश्चितताओं को लेकर परेशान रहता है। इसी चक्कर में वह अपने आज को खुलकर जी ही नहीं पाता।

बीते हुए कल को बदला नहीं जा सकता। जो समय गुजर गया, वह केवल याद बनकर रह जाता है। लेकिन कई लोग अपनी पुरानी गलतियों, टूटे रिश्तों या अधूरे सपनों का बोझ हमेशा अपने दिल में उठाए रखते हैं। वे बार-बार सोचते हैं कि काश ऐसा न हुआ होता या अगर मैंने वो फैसला न लिया होता…। यह अफसोस धीरे-धीरे इंसान की खुशी छीनने लगता है।

दूसरी तरफ, आने वाले कल की चिंता भी इंसान को चैन से जीने नहीं देती। करियर कैसा होगा, रिश्ते टिकेंगे या नहीं, पैसे पर्याप्त होंगे या नहीं..ऐसी अनगिनत चिंताएं मन को थका देती हैं। भविष्य की फिक्र में लोग वर्तमान की छोटी-छोटी खुशियों को महसूस करना भूल जाते हैं।

असल में जिंदगी केवल आज में होती है। न बीता हुआ कल हमारे हाथ में है और न आने वाला कल पूरी तरह हमारे नियंत्रण में। हमारे पास सिर्फ यह पल है, जिसे खूबसूरत बनाया जा सकता है।

यह विचार हमें सिखाता है कि जिंदगी का आनंद लेने के लिए अतीत से सीख जरूर लें, लेकिन उसमें कैद न रहें। भविष्य की तैयारी करें, लेकिन उसकी चिंता में खुद को खो न दें। क्योंकि जब इंसान वर्तमान में जीना सीख लेता है, तभी उसे असली सुकून और खुशी मिलती है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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