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Mahatma Jyotiba Phule Jayanti Photo: महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर अपनों के साथ शेयर करें ये फोटोज, कोट्स, यहां से भेजें मैसेज

  • Authored by: Ritu raj
  • Updated Apr 11, 2025, 10:42 AM IST

Mahatma Jyotiba Phule Jayanti Photo: देश के महान समाज सुधारक, विचारक, समाजसेवी महात्मा ज्योतिबा फुले (Jyotiba Phule)की आज जयंती मनाई जा रही है। ऐसे में इस खास मौके पर आप अपनों के साथ ये अनमोल विचार शेयर कर सकते हैं।

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Mahatma Jyotiba Phule Jayanti Photo

Mahatma Jyotiba Phule Jayanti Photo: महात्मा ज्योतिबा फुले (Jyotiba Phule) एक महान भारतीय समाज सुधारक, विचारक, समाजसेवी, लेखक और दार्शनिक थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन गरीबों, महिलाओं, दलितों एवं पिछड़े वर्ग के उत्थान तथा सामाजिक जड़ताओं व कुरीतियों को दूर करने के लिए समर्पित कर दिया। उनका जन्म 11 अप्रैल, 1827 को महाराष्ट्र के पुणे में हुआ था। उन्होंने महिलाओं और दलितों की शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने 1873 में सत्यशोधक समाज की स्थापना की, जिसका उद्देश्य सामाजिक समानता और न्याय स्थापित करना था। उन्होंने अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर लड़कियों के लिए पहला स्कूल खोला। उन्होंने जातिवाद और अस्पृश्यता के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने कई पुस्तकें और लेख लिखे, जिनमें 'गुलामगिरी' और 'शूद्रक' प्रमुख हैं। आज महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती मनाई जा रही है। ऐसे में इस खास मौके पर आप अपनों के साथ उनके विचारों को शेयर कर सकते हैं।

Jyotiba Phule Jayanti wishes Quotes in Hindi

1. स्वार्थ अलग-अलग रूप धारण करता है। कभी जाति का रूप लेता है तो कभी धर्म का।

2. भारत में राष्ट्रीयता की भावना का विकास तब तक नहीं होगा, जब तक खान -पान एवं वैवाहिक सम्बन्धों पर जातीय बंधन बने रहेंगे।

3. अच्छा काम करने के लिए गलत उपायों का सहारा नहीं लेना चाहिए।

4. शिक्षा स्त्री और पुरुष की प्राथमिक आवश्यकता है।

5. परमेश्वर एक है और सभी मानव उसकी संतान हैं।

6. ईश्वर एक है और वही सबका कर्ताधर्ता है।

7. आपके संघर्ष में शामिल होने वालों से उनकी जाति मत पूछिए।

8. भारत में राष्ट्रीयता की भावना का विकास तब तक संभव नहीं है , जब तक खान-पीन एव वैवाहिक संबंधों पर जातीय भेदभाव बने रहेंगे।

9. भारत में राष्ट्रीयता की भावना का विकास तब तक नहीं होगा, जब तक खान -पान एवं वैवाहिक सम्बन्धों पर जातीय बंधन बने रहेंगे।

10. बाल काटना नाई का धर्म नहीं धंधा है चमड़े की सिलाई करना मोची का धर्म नहीं धंधा है इसी तरह पूजा पाठ करना या करवाना ब्राह्मण का धर्म नहीं धंधा है।

11. जातिवाद को मिटाना हमारा सामाजिक दायित्व है।

12. “सभी मनुष्य समान हैं, जाति के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।

Ritu raj
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<p>ऋतु राज टाइम्स नाऊ नवभारत डिजिटल में लाइफस्टाइल डेस्क में बतौर चीफ कॉफी एडिटर कार्यरत हैं। उनकी हेल्थ और लाइफस्टाइल की खबरों पर अच्छी पकड़ है। यहां वो एक्सप्लेनर और लाइफस्टाइल की ट्रेंडिंग खबरों को लोगों के लिए परोसने का काम करते हैं। उनकी फूड, पैरेंटिंग, ब्यूटी पर अच्छी पकड़ है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की। वो बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से ताल्लुक रखते हैं। ऋतु राज ने पिछले 6 सालों में एनडीटीवी, जनसत्ता जैसे बड़े संस्थानों में अलग अलग बीट्स पर काम किया है। हालांकि उनकी खास रूची न्यूज, लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट में रही है। ऋतु राज एक वॉयस ओवर आर्टिस्ट भी रहे हैं। उन्होंने एनडीटीवी में वॉयस ओवर आर्टिस्ट के तौर पर भी काम किया है। यहां उन्होंने लोकसभा चुनाव 2019 को भी कवर किया और खबरों को धार देना सीखा। साल 2021 में एनडीटीवी से इस्तीफा देने के बाद ऋतुराज ने जनसत्ता के साथ जुड़े और यहां वेब स्टोरीज पर अपनी रफ्तार बनाई और अलग अलग एंगल से खबरों को बनाना सीखा।</p>

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