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Jallianwala Bagh Massacre Day 2026: जलियांवाला बाग हत्याकांड की स्मृति दिवस पर शहीदों को दें श्रद्धांजलि, नम आखों से भेजें ये कोट्स, शायरी और मैसेज

Jallianwala Bagh Massacre Day 2026 Quotes: आजादी की लड़ाई का सबसे दर्दनाक अध्याय जलियांवाला बाग हत्याकांड है। 13 अप्रैल 1919 को जनरल डायर की गोलियों ने सैकड़ों बेगुनाहों की जान ले ली। 107 साल बाद भी उनका दर्द और बलिदान हमारी यादों में जिंदा है।

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जलियांवाला बाग हत्याकांड श्रद्धांजलि (pc: pinterest)

Jallianwala Bagh Massacre Day 2026 Quotes, Shayari, Images: जलियांवाला बाग हत्याकांड भारत के इतिहास की सबसे दर्दनाक और शर्मनाक घटनाओं में से एक है। यह घटना 13 अप्रैल 1919 को बैसाखी के दिन अमृतसर में हुई थी। उस दिन हजारों लोग जलियांवाला बाग में शांति से इकट्ठा हुए थे। वे रॉलेट एक्ट के खिलाफ आवाज उठा रहे थे, जिसमें बिना किसी सुनवाई के लोगों को जेल में डालने का नियम था। इसी दौरान ब्रिटिश अफसर जनरल डायर ने बिना किसी चेतावनी के भीड़ पर गोलियां चलाने का आदेश दे दिया। करीब 10 मिनट तक लगातार फायरिंग होती रही। इस हमले में सैकड़ों लोगों की जान चली गई और हजारों घायल हो गए। अंग्रेजों ने मरने वालों की संख्या कम बताई, लेकिन असल में यह आंकड़ा कहीं ज्यादा था। इस घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया और आज़ादी की लड़ाई को और तेज कर दिया। यह हत्याकांड आज भी हमारे देशवासियों के साहस, बलिदान और आजादी के जज्बे की याद दिलाता है। अगर आप इस दिन शहीदों को श्रद्धांजलि देना चाहते हैं, तो यहां दी गई शायरी, कोट्स और मैसेज के जरिए उन्हें याद कर सकते हैं और अपने करीबियों के साथ भी साझा कर सकते हैं।

Jallianwala Bagh Massacre Day Status In Hindi-

1) रो उठीं बाग की दीवारें हर दिशा ख़ौफ़ से डोली थी।

ज़ालिम डायर ने जब खेली ख़ूँख़ार खून की होली थी।

गुमनाम शहीदों की गणना ख़ुद मौत न कर पाई होगी।

निष्ठुरता भी चीखी होगी, निर्ममता चिल्लाई होगी॥

2) शहीदों की चिताओं पर जुड़ेंगे हर बरस मेले,

वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा।

3) शहादत की ख़ुशी ऐसी है मुश्ताक़-ए-शहादत को,

कभी ख़ंजर से मिलता है कभी क़ातिल से मिलता है।

Jallianwala Bagh Hatyakand Shradhanjali-

4) कभी वह दिन भी आयेगा जब अपना राज देखेंगे,

जब अपनी ही जमीं होगी जब अपना आसमां होगा।

5) वतन वालो वतन ना बेच देना,

ये धरती ये चमन ना बेच देना,

शहीदों ने जान दी है वतन के वास्ते,

शहीदों के कफन ना बेच देना..

शहीदों को नमन

6) किसी – किसी किस्से में आता है,

शहादत, नसीब वालों के हिस्से में आता है।

शहीदों को नमन

7) अपनी आज़ादी को हम हरगिज भुला नहीं सकते,

सर कटा सकते है लेकिन सर झुका सकते नहीं,

देश के शहीदों को शत् शत् नमन।

Jallianwala Bagh Massacre Day Hindi Quotes-

8) कभी वतन के लिए सोच के देख लेना

कभी मां के चरण चूम के देख लेना

कितना मजा आता है मरने में यारो

कभी मुल्क के लिए मर के देख लेना

शहीदों को नमन

9) न इंतिज़ार करो इनका ऐ अज़ा-दारो,

शहीद जाते हैं जन्नत को घर नहीं आते।

10) मैं जला हुआ राख नहीं, अमर दीप हूं,

जो मिट गया वतन पर, मैं वो शहीद हूं।

शहीदों को नमन

13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में क्या हुआ था?

13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में एक बहुत दुखद घटना हुई, जिसे जलियांवाला बाग हत्याकांड कहा जाता है। उस दिन बैसाखी का त्योहार था और बहुत सारे लोग वहां इकट्ठा हुए थे। कुछ त्योहार मनाने आए थे और कुछ शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे। तभी जनरल रेजिनाल्ड डायर अपने सैनिकों के साथ आए और बिना चेतावनी दिए भीड़ पर गोलियां चलवा दीं। लोग भाग भी नहीं सके क्योंकि बाहर निकलने का रास्ता बहुत संकरा था। इस गोलीबारी में सैकड़ों लोग मारे गए और कई घायल हुए। इस घटना ने पूरे देश को हिला दिया और आज भी इसे बहुत दर्द और सम्मान के साथ याद किया जाता है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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