लाइफस्टाइल

Monsoon Home Care Tips: बरसात में लग लगा है सीलन, बदबू और फंगस कर रहे हैं परेशान? तो आजमाएं ये 4 आसान उपाय

Monsoon Home Care Tips: बरसात के मौसम में घर में मौजूद सीलन की अजीबोगरीब बदबू आना एक आम समस्या है। इसे दूर करने के लिए आमतौर पर लोग महंगे एयर फ्रेशनर का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन आपको बता दें कि आप घर में लगे कुछ पौधों की पत्तियां का इस्तेमाल कर इस समस्या से कमरे को भी महका सकते हैं।

Image

how to treat damp walls during monsoon

Monsoon Home Care Tips: बारिश के मौसम में जहां एक तरफ तेज धूप और गर्मी से राहत मिलती है, तो वहीं दूसरी ओर कई घरों में एक बड़ी परेशानी बनकर उभर कर सामने आती है, जो है सीलन और उसकी बदबू। आज के समय अधिकतर लोगों के घरों में एक या दो खिड़की होती है। सही मात्रा में हवा और रोशनी न मिल पाने के कारण सीलन की दिक्कत होती है। खासतौर से सीलन की समस्या बंद कमरे, कम रोशनी और लगातार नमी की वजह से दीवारों और कोनों में सीलन जम जाती है, जिससे कमरे में एक अजीब सी दुर्गंध फैल जाती है। इसे दूर करने के लिए आमतौर पर लोग एयर फ्रेशनर या रूम स्प्रे का इस्तेमाल करते हैं। इससे कहने को कुछ देर के लिए राहत तो मिल जाती है। लेकिन बदबू की जड़ से बदबू खत्म नहीं हो पाती है। लेकिन क्या आपको पता है कि आप कुछ खास उपाय को आजमाकर इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। यहां देखें उपाय-

1) लीकेज पर ध्यान दें

अक्सर सीलन का कारण दीवारों या छत में कोई छोटी-सी दरार या लीकेज होता है। अगर आपको कहीं भी पानी टपकता हुआ या दीवार पर नमी का पैच दिख रहा है, तो उसे नजरअंदाज न करें। तुरंत किसी प्लंबर या मिस्त्री को बुलाकर उसे ठीक करवाएं, क्योंकि जब तक लीकेज ठीक नहीं होगा, सीलन की समस्या बनी रहेगी।

2) पुदीना है कारगर

पुदीने की ताजगी भरी और तेज खुशबू सीलन की बदबू को आसानी से दबा देती है। पुदीने की ताजी पत्तियों को मसलकर एक छोटी पोटली बना लें या किसी बाउल में रख दें। इसे कमरे में, खासकर नमी वाली जगहों के पास रखें। आप चाहें तो पुदीने की पत्तियों को पानी में उबालकर उस पानी को कमरे में छिड़क भी सकते हैं, या पुदीने के तेल की कुछ बूंदें भी रुई पर डालकर रख सकते हैं।

3) नीम और नमक लगाएं

नीम और नमक, दोनों नेचुरल चीजें सीलन और फफूंद से लड़ने में बहुत कारगर हैं। आप एक कटोरी में सेंधा नमक भरकर उसे उस जगह पर रखें जहां सीलन ज्यादा है। बता दें, नमक हवा से नमी को सोख लेता है, फिर जब कुछ दिनों में नमक गीला हो जाए तो उसे बदल दें। इसी तरह, नीम की पत्तियां या नीम का तेल भी फफूंद को बढ़ने से रोकते हैं। आप चाहें, तो उस हिस्से पर नीम के पानी का भी छिड़काव कर सकते हैं।

4) नीम का करें इस्तेमाल

नीम की पत्तियां एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुणों से भरपूर होती हैं, जो सीलन के कारण पनपने वाले बैक्टीरिया और फंगस को पनपने से रोकती हैं। नीम की कुछ ताजी पत्तियों को तोड़ लें। इन्हें एक जालीदार कपड़े में बांधकर या किसी खुली कटोरी में कमरे के कोनों, अलमारी में या उन जगहों पर रखें जहां सीलन की गंध ज्यादा आती है। आप पत्तियों को सुखाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

ध्यान दें-

सीलन की सबसे बड़ी दुश्मन है ताजी हवा और धूप। बारिश के दिनों में अक्सर हम खिड़कियां बंद रखते हैं, जिससे घर के अंदर हवा का सर्कुलेशन कम हो जाता है। जब भी बारिश रुके और धूप निकले, अपनी खिड़कियां और दरवाजे खोल दें। इससे घर के अंदर की नमी बाहर निकल जाएगी और ताजी हवा अंदर आएगी। बता दें, यह सीलन को कम करने का सबसे जरूरी स्टेप है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

और पढ़ें
End of Article